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Maharajganj News: जल्द पावर हाउस बनकर होगा तैयार, बिजली ट्रिपिंग की समस्या होगी दूर
Sat, 07 Jun 2025 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 07 Jun 2025 12:37 AM IST
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महराजगंज। बदल रहे महराजगंज में आने वाले छह माह में बिजली आपूर्ति में ट्रिपिंग की समस्या दूर होगी। शहर के अलावा अंध्या में पावर हाउस बनकर तैयार हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर पशु अस्पताल भी अंतिम चरण में हैं।
धनेवा-धनेई में सब स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। यहां पर भवन बनकर तैयार हो गया है। इसमें फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है। जानकारी के अनुसार, महराजगंज-परतावल क्षेत्र के लोग बिजली कटौती, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या से परेशान रहते हैं। कभी ऐसा होता है कि घंटों बिजली गुल रहती है।
इस समस्या के समाधान के लिए विद्युत विभाग की ओर से दोनों क्षेत्रों में उपकेंद्र बनाया जा रहा है। कार्यदायी संस्था की ओर से वर्ष 2024 में सब स्टेशन बनाने की प्रक्रिया हुई। वर्तमान में धनेवा-धनेई में विद्युत उपकेंद्र का भवन बनकर तैयार हो गया है।
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इसमें कंट्रोल रूम, कैश कांउटर, जेई कार्यालय, स्टोर रूम और चहारदीवारी आदि बन चुके हैं। अंतिम चरण में फाउंडेशन बनकर तैयार हो गया है। इसके अलावा पैनल लगाने की प्रक्रिया चल रही है।
3.13 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विद्युत उपकेंद्र से जुलाई माह के पहले सप्ताह में कार्यदायी संस्था विभाग को हैंडओवर कर देगा। इसके बाद बिजली आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। उपकेंद्र पर अन्य जरूरी कार्यों को पूरा कराया जा रहा है। करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र पर पांच एमवीए का ट्रांसफाॅर्मर लगेगा। यहां पर तीन फीडर बनेंगे। इसमें एक स्टेशन स्थापित होगा, जबकि दो फीडरों से इससे जुड़े गांवों की मिलेगी। नए विद्युत उपकेंद्र से 1,000 उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी।
बैकुंठपुर नगर फीडर और चौक फीडर का लोड भी कम होगा, जिससे पूरे क्षेत्र में बेहतर और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इस केंद्र से मऊपाकड़ से लेकर निचलौल रोड तक के आबादी वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को फायदा होगा। वहीं परतावल क्षेत्र के अन्धया गांव में तीन करोड़ की लागत से करीब 50 डिस्मिल जमीन में विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो गया है।
यहां पर पांच एमवीए की क्षमता का एक ट्रांसफाॅर्मर होगा। यहां पर तीन फीडर बनाए जाएंगे। वर्तमान में स्टेशन के लिए भवन बनकर तैयार है, इसमें एक कंट्रोल रूम, दो पैनल के लिए रूम, जेई कार्यालय, एक स्टोर रूम बन चुका है।
इसके अलावा ट्रांसफाॅर्मर स्थापित करने के लिए फांउडेशन बन चुका है। चारों तरफ चारदीवारी बन चुकी है। अंतिम चरण में 33 हजार वोल्टेज की लाइन बन रही है जो बैंकुंठपुर से नए सब स्टेशन अंध्या से जुड़ेगी। इसकी दूरी कुल 26 किमी है। इसमें 470 पोल लगाया जाएगा।
वर्तमान में 400 पोल लग चुके हैं। अन्य जरूरी काम समेत और फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है। केंद्र बनने से 1000 हजार उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। इस सब स्टेशन से 18 गांवों में बेहतर ढंग से बिजली आपूर्ति की जा सकेगी।
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धनेवा-धनेई में सब स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। यहां पर भवन बनकर तैयार हो गया है। इसमें फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है। जानकारी के अनुसार, महराजगंज-परतावल क्षेत्र के लोग बिजली कटौती, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की समस्या से परेशान रहते हैं। कभी ऐसा होता है कि घंटों बिजली गुल रहती है।
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इस समस्या के समाधान के लिए विद्युत विभाग की ओर से दोनों क्षेत्रों में उपकेंद्र बनाया जा रहा है। कार्यदायी संस्था की ओर से वर्ष 2024 में सब स्टेशन बनाने की प्रक्रिया हुई। वर्तमान में धनेवा-धनेई में विद्युत उपकेंद्र का भवन बनकर तैयार हो गया है।
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इसमें कंट्रोल रूम, कैश कांउटर, जेई कार्यालय, स्टोर रूम और चहारदीवारी आदि बन चुके हैं। अंतिम चरण में फाउंडेशन बनकर तैयार हो गया है। इसके अलावा पैनल लगाने की प्रक्रिया चल रही है।
3.13 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विद्युत उपकेंद्र से जुलाई माह के पहले सप्ताह में कार्यदायी संस्था विभाग को हैंडओवर कर देगा। इसके बाद बिजली आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। उपकेंद्र पर अन्य जरूरी कार्यों को पूरा कराया जा रहा है। करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र पर पांच एमवीए का ट्रांसफाॅर्मर लगेगा। यहां पर तीन फीडर बनेंगे। इसमें एक स्टेशन स्थापित होगा, जबकि दो फीडरों से इससे जुड़े गांवों की मिलेगी। नए विद्युत उपकेंद्र से 1,000 उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी।
बैकुंठपुर नगर फीडर और चौक फीडर का लोड भी कम होगा, जिससे पूरे क्षेत्र में बेहतर और स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इस केंद्र से मऊपाकड़ से लेकर निचलौल रोड तक के आबादी वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को फायदा होगा। वहीं परतावल क्षेत्र के अन्धया गांव में तीन करोड़ की लागत से करीब 50 डिस्मिल जमीन में विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो गया है।
यहां पर पांच एमवीए की क्षमता का एक ट्रांसफाॅर्मर होगा। यहां पर तीन फीडर बनाए जाएंगे। वर्तमान में स्टेशन के लिए भवन बनकर तैयार है, इसमें एक कंट्रोल रूम, दो पैनल के लिए रूम, जेई कार्यालय, एक स्टोर रूम बन चुका है।
इसके अलावा ट्रांसफाॅर्मर स्थापित करने के लिए फांउडेशन बन चुका है। चारों तरफ चारदीवारी बन चुकी है। अंतिम चरण में 33 हजार वोल्टेज की लाइन बन रही है जो बैंकुंठपुर से नए सब स्टेशन अंध्या से जुड़ेगी। इसकी दूरी कुल 26 किमी है। इसमें 470 पोल लगाया जाएगा।
वर्तमान में 400 पोल लग चुके हैं। अन्य जरूरी काम समेत और फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है। केंद्र बनने से 1000 हजार उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। इस सब स्टेशन से 18 गांवों में बेहतर ढंग से बिजली आपूर्ति की जा सकेगी।