कमीशन का भुगतान न होने पर विकास समिति के सदस्य नाराज
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सिसवा बाजार (महराजगंज)। गन्ना विकास समिति के सभागार में सोमवार को समिति के सदस्यों तथा गड़ौरा व सिसवां चीनी मिल के कर्मचारियों की बैठक हुई। जिसमें फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना, पेराई सत्र 2017-18 में बने नए सदस्यों एवं अन्य की सदस्यता सहित अन्य मुद्दों पर विचार किया गया। बैठक में गन्ना मूल्य के बकाए का भुगतान अब तक न होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई।
बैठक में चालू पेराई सत्र में आवंटित क्रय केंद्रों के स्थापना एवं संचालन पर विचार किया गया। बैठक में समिति के सदस्यों ने गड़ौरा चीनी मिल पर गन्ना मूल्य एवं कमीशन के बकाये पर नाराजगी व्यक्त किया। बैठक में समिति के अध्यक्ष राजेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि गड़ौरा चीनी मिल पर वर्ष 2011-12 तथा वर्ष 2016-17 का 63.04 लाख रुपये कमीशन बकाया है। इस बकाया धनराशि के भुगतान की बार-बार मांग की जाती है, मगर चीनी मिल प्रबंधन द्वारा इस बकाये कमीशन का भुगतान नहीं जारी िककिया रहा है। जिससे कर्मचारियों के वेतन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उपाध्यक्ष चंद्रशेखर ने कहा कि गड़ौरा चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 24 करोड़ रूपये बकाया है। इस बकाये के संदर्भ में चीनी मिल से प्रति वर्ष डेढ़ करोड़ रूपये भुगतान करने का अनुबंध हुआ था, लेकिन चीनी मिल ने अनुबंध के सापेक्ष भुगतान नहीं किया। गन्ना मूल्य भुगतान में घोर लापरवाही के कारण गड़ौरा क्षेत्र के 29 गन्ना किसानों ने आईपीएल चीनी मिल सिसवा को गन्ना आपूर्ति करने का लिखित पत्र दिया है। इस अवसर पर समिति के सचिव आरके पाठक, रामजी सिंह, पारस भगत, राकेश मिश्रा, अदालत पांडेय, नागेंद्र परेल, राधेश्याम, रामउग्रह यादव, ओंकार पांडेय सहित समिति के सभी सदस्य मौजूद रहे।