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Maharajganj News: एडेड स्कूल में नियुक्ति का खेल.... एक की खुली पोल, दूसरी नियुक्ति की थी तैयारी

Fri, 06 Sep 2024 03:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Fri, 06 Sep 2024 03:56 AM IST
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The game of appointment in aided school... One's secret was exposed, preparations were made for the second appointment.
महराजगंज। सिद्धार्थ पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरा रसूलपुर में नियुक्ति में कदम-कदम पर धांधली हुई है। कुछ दिन पहले प्रधानाध्यापक की नियुक्ति में धांधली की पोल खुली, इसी बीच शिक्षक पद पर एक और नियुक्ति करने की तैयारी थी। अंधेरगर्दी से पर्दा हटाने के बाद वह मामला लटक गया है। दूसरी ओर पुलिस जरूरी प्रपत्र एकत्र कर जांच तेज कर दी है। आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
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सूत्र बता रहे हैं कि सिद्धार्थ पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरा रसूलपुर में प्राधानाध्यापिका की नियुक्ति में बड़ा खेल किया गया था। इसमें कानून की आड़ में जमकर मनमानी की गई। पोल खुलने के बाद पूरे प्रकरण को मैनेज करने का खेल शुरू है। सूत्रों पर यकीन करें तो शिक्षा विभाग के एक बाबू के इर्द-गिर्द पूरी कहानी है। उसकी ओर से नियुक्ति कराने में पूरा खेल किया गया था। यह अंधेरगर्दी सामने आई तो पता चला की एक नियुक्ति के लिए भी रकम ली गई थी, अब वह भी नहीं हो सकी है। रकम देने वाले परेशान हैं कि आने वाले दिनों में क्या होगा।
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उधर, पुलिस ने जरूरी पत्रावली को मंगाया है। नियम के अनुसार, आरोप प्रमाणित होने पर ही आगे की कार्रवाई हो सकती है। कानून के जानकार बताते हैं कि आरोप तय हो गया तो जेल जाना तय है। विवेचक की ओर से जरूरी पत्रावलियों से जानकारी एकत्र कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। दूसरी ओर मामला सामने आने के बाद इसमें कानूनी पेच फंसा कर बचाव का जुगाड़ लगाया जा रहा है।
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स्कूल से जुड़े अन्य शिक्षक भी इसे लेकर परेशान नजर आ रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि एक बाबू ने नियुक्ति को लेकर पूरा स्क्रिप्ट तैयार किया, उसी ने अपने हिसाब नियम कानून का सहारा लेकर तैनाती कराया था। चर्चाओं पर यकीन करें तो उसी बाबू के इशारे पर ही तैनाती होती थी। कार्यालय से लेकर उच्चाधिकारियों तक बाबू की गहरी पैठ ने काम को आसान बना दिया था, इस वजह से कदम-कदम पर अंधेरगर्दी होती गई, जिम्मेदार जानकार भी खामोश रहे।

स्पष्टीकरण देने में भी हुआ था खेल
सिद्धार्थ पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरा रसूलपुर नियुक्ति प्रकिया से जुड़े मामले में आरोपियों से स्पष्टीकरण मांगा गया तो जैसे तैसे जवाब देकर बचने की युक्ति निकाली गई, लेकिन अधिकारियों की सख्ती के कारण उनकी एक न चली। नियुक्ति से संबंधित कोई भी अभिलेख/आख्या उपलब्ध नहीं कराने के कारण बीएसए कार्यालय के पत्र भेजा गया था। बार-बार पत्राचार का आरोपियों पर कोई असर नहीं हुआ। जवाब देने के दौरान पत्र के प्रथम लाइन में 02 जनवरी 2015 (जनवरी को सफेदा लगाकर लिखा गया है) उक्त पत्र के द्वितीय पैरा में 02 मार्च 2015 (मार्च सफेदा लगाकर छिपाया गया है) जिससे प्रथम दृष्टया उक्त पत्र कूटरचित एवं फर्जी प्रतीत होता है।


जांच के लिए पत्रावली मंगाई गई है। नियम के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। ऐसे मामलों में दस्तावेजी साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं। आरोप प्रमाणित होने के बाद ही गिरफ्तारी हो सकती है।
-मनोज कुमार राय, प्रभारी निरीक्षक, सदर कोतवाली
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