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Maharajganj News: वन कटान से जंगल वीरान, जिम्मेदार अंजान
Fri, 12 Jan 2024 12:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 12 Jan 2024 12:33 AM IST
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टेढ़ीघाट बीट में काटा गया पेड़।
महराजगंज। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के जंगलों में धड़ल्ले से अवैध कटान जारी है। इसके बाद भी विभाग के जिम्मेदार अंजान बने हैं। सख्त कार्रवाई न होने के कारण लकड़ी माफिया के हौसले बुलंद हैं और वह वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की मिली भगत से पेड़ काटकर मालामाल हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, महराजगंज जिले में लगभग 342 वर्ग किमी क्षेत्र वन से घिरा हुआ है। जंगलों में लकड़ी माफियाओं की ओर से जलौनी के नाम पर पेड़ों को काटकर पहले ठूठ बनाया जाता है। फिर उन्हें जड़ से काट कर आसानी से ठिकाने लगा दिया जाता है। इसका नजारा लक्ष्मीपुर वन रेंज क्षेत्र के अचलगढ़, जंगल गुलहरिया, टेढ़ीघाट, महेशपुर महेदिया, तिनकोनिया, दशरथपुर सहित अन्य जगहों पर देखा जा सकता है। यह गांव जंगलों से सटा है। यहां अवैध कटान बे-रोकटोक चल रहा है। पकड़ी क्षेत्र के जंगलाें में भी ठूठ दिखते हैं। कुछ लोगों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि लकड़ी माफिया पहले पेड़ों की डाल व ऊपर के हिस्से को कुल्हाड़ी से काट देते हैं। इसके बाद पेड़ काट देते हैं।
अधिकांश बरामदगी में आरोपी होते हैं फरार
मुखबिर सहित अन्य सूचनाओं के आधार पर विभाग के जिम्मेदार अवैध लकड़ी तो बरामद कर लेते हैं, लेकिन आरोपियों को पकड़ने में असफल रहते हैं। यही कारण है कि फरार आरोपी पुनः जंगलों से अवैध लकड़ी की कटान करते हैं।
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मामला पकड़ में आने पर लेनदेन कर हो जाता है रफा-दफा
सूत्रों की माने तो लकड़ी माफिया रात में कटान करते हैं। इसके बाद आसानी से आरा मशीन तक लकड़ी पहुंचा देते हैं। यहां लकड़ियों को नंबर एक बनाने के लिए पहले से बने परमिट के नाम पर दिखा दिया जाता है। ज्यादा गहराई से जांच-पड़ताल होने के बाद अगर मामला पकड़ में भी आ जाता है तो रुपये देकर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है।
कटान की शिकायत नहीं मिली है। अगर कहीं ऐसी बात है तो जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी। वनों की सुरक्षा के लिए कर्मियों को निर्देशित किया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-नवीन प्रकाश शाक्य, डीएफओ
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जानकारी के मुताबिक, महराजगंज जिले में लगभग 342 वर्ग किमी क्षेत्र वन से घिरा हुआ है। जंगलों में लकड़ी माफियाओं की ओर से जलौनी के नाम पर पेड़ों को काटकर पहले ठूठ बनाया जाता है। फिर उन्हें जड़ से काट कर आसानी से ठिकाने लगा दिया जाता है। इसका नजारा लक्ष्मीपुर वन रेंज क्षेत्र के अचलगढ़, जंगल गुलहरिया, टेढ़ीघाट, महेशपुर महेदिया, तिनकोनिया, दशरथपुर सहित अन्य जगहों पर देखा जा सकता है। यह गांव जंगलों से सटा है। यहां अवैध कटान बे-रोकटोक चल रहा है। पकड़ी क्षेत्र के जंगलाें में भी ठूठ दिखते हैं। कुछ लोगों ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि लकड़ी माफिया पहले पेड़ों की डाल व ऊपर के हिस्से को कुल्हाड़ी से काट देते हैं। इसके बाद पेड़ काट देते हैं।
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अधिकांश बरामदगी में आरोपी होते हैं फरार
मुखबिर सहित अन्य सूचनाओं के आधार पर विभाग के जिम्मेदार अवैध लकड़ी तो बरामद कर लेते हैं, लेकिन आरोपियों को पकड़ने में असफल रहते हैं। यही कारण है कि फरार आरोपी पुनः जंगलों से अवैध लकड़ी की कटान करते हैं।
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मामला पकड़ में आने पर लेनदेन कर हो जाता है रफा-दफा
सूत्रों की माने तो लकड़ी माफिया रात में कटान करते हैं। इसके बाद आसानी से आरा मशीन तक लकड़ी पहुंचा देते हैं। यहां लकड़ियों को नंबर एक बनाने के लिए पहले से बने परमिट के नाम पर दिखा दिया जाता है। ज्यादा गहराई से जांच-पड़ताल होने के बाद अगर मामला पकड़ में भी आ जाता है तो रुपये देकर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है।
कटान की शिकायत नहीं मिली है। अगर कहीं ऐसी बात है तो जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी। वनों की सुरक्षा के लिए कर्मियों को निर्देशित किया गया है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-नवीन प्रकाश शाक्य, डीएफओ