फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   The era of traditional land surveying is over, measurements from Catalyst rovers will be transparent.

Maharajganj News: पारंपरिक भूमापन का दौर खत्म, कैटालिस्ट रोवर्स से मापन होगा पारदर्शी

Mon, 20 Apr 2026 02:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2026 02:36 AM IST
विज्ञापन
The era of traditional land surveying is over, measurements from Catalyst rovers will be transparent.
मंडल के सभी जनपदों में नये तकनीकी से भूमापन
विज्ञापन

सदर तहसील को प्राप्त हुआ उपकरण, प्रशिक्षण शीघ्र
महराजगंज। मंडल में पारंपरिक भूमापन का तरीका बदलने जा रहा है। भूमि की नापजोख जरीब (चेन कड़ी) के सहारे नहीं अब कैटालिस्ट डीएटू रोवर्स नाम के डिजिटल उपकरण से होगी। सदर तहसीलदार पंकज शाही ने बताया कि सदर तहसील के लिए यह उपकरण मिल चुके हैं जिनका प्रशिक्षण शीघ्र ही निर्धारित करते हुए राजस्व कर्मियों को दिया जाएगा।
जनपद में प्रभावी राजस्व महकमे के भूमापन की तरीका अकबर के शासन काल का बताया जाता। मुख्यालय निवासी भूमि नापजोख के जानकर गोविंद वर्मा ने बताया कि मुगलकाल में अकबर के समय जरीब व चेन आधारित नापजोख की प्रक्रिया राजा टोडरमल ने शुरू कराई थी। वह अकबर के दीवान हुआ करते थे।
विज्ञापन

मौजूदा समय में उसी समय की यह विधि भूमापन में प्रयुक्त हो रही थी। लेकिन अब इसका स्थान पारदर्शी व डिजिटल व एआई ( आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लैस उपकरण से किया जाएगा जो काफी सटीक और पारदर्शी होगी। राजस्व विभाग की इस नई पहल का उद्देश्य खेतों की नापजोख में सौ फीसदी सटीकता लाना और भूमि विवादों को कम करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नई भूमापन तकनीकी से राजस्व कार्यों को पूरी तरह डिजिटल व पारदर्शी होगा। हालांकि ड्रोन व उपग्रह आधारित नाप की व्यवस्था नगर निकाय में प्रयुक्त होने लगी थी, लेकिन राजस्व महकमा पहली बार आधिकारिक रूप से इस नई व्यवस्था को आत्मसात करने जा रहा। इससे जमीन की वास्तविक स्थिति का आकलन रीयल टाइम में संभव होगा।
किसानों को बदली व्यवस्था से सीधा लाभ
एडीएम डाॅ. प्रशांत कुमार ने बताया कि जीएनएसएस तकनीक के माध्यम से जमीन की लोकेशन और सीमाओं का निर्धारण बेहद सटीकता से होगा। खेत और प्लॉट की पैमाइश, सीमांकन, राजस्व अभिलेख मिलान इत्यादि में तेजी आएगी। इसका सीधा लाभ सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। उन्हें कम समय में सटीक माप उपलब्ध हो सकेगा।

वर्जन
भूमि विवादों में कमी व पारदर्शिता लाने के लिए यह हाईटेक पहल शासन के निर्देश पर प्रभावी होगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम शीघ्र तय होंगे जिससे राजस्व विभाग को इसकी पूरी जानकारी दी जा सके।
-संतोष कुमार शर्मा, डीएम, महराजगंज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed