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Maharajganj News: इकलौती बेटी की मौत से टूटा परिवार, गांव में पसरा मातम

Thu, 16 Apr 2026 02:17 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Apr 2026 02:17 AM IST
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The death of their only daughter has left a family shattered, and the village in mourning.
जिला परिषद रोड एमपी बिल्डिंग में यस एक्स वाई जेड फ्लेक्स प्रिंटिंग दुकान में युवती की लाश मिलने
इकलौती बेटी की संदिग्ध मौत से टूटा परिवार, गांव में पसरा मातम
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बहन ही नहीं उम्मीदों का सहारा खो दिए तीन भाई

लक्ष्मीपुर। पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोट कम्हरिया में परिवार की इकलौती बेटी गंगोत्री यादव (25 वर्ष) के मौत की सूचना मिलते ही मातम फैल गया। तीन भाइयों की इकलौती बहन गंगोत्री का शव गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। परिजनों सहित ग्रामीणों ने न्याय की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित गोलघर इलाके में एमपी बिल्डिंग के एक प्रिंटिंग प्रेस की बंद दुकान के रेस्ट रूम में बुधवार को एक युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। मृतका की पहचान लक्ष्मीपुर क्षेत्र के कोट कम्हरिया निवासी राजेंद्र यादव की पुत्री गंगोत्री यादव के रूप में हुई। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं तीनों भाई सदमे में हैं। परिवार को ढांढस बंधाने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं।
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बताया जा रहा है कि गंगोत्री करीब नौ वर्ष पहले पढ़ाई के लिए गोरखपुर गई थी। वह राजेंद्र नगर इलाके में किराए के कमरे में रहती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण उसने पढ़ाई के साथ-साथ काम भी शुरू कर दिया था। इसी दौरान उसकी पहचान एक व्यक्ति से हुई, जिसके सहयोग से वह गोलघर स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करने लगी थी। मेहनती और समझदार गंगोत्री अपने परिवार की उम्मीदों का सहारा थी।
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गंगोत्री अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी और उसके तीन भाई रमाकांत यादव, उमाकांत यादव और श्रीकांत यादव गांव में रहकर खेती और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार ने बड़ी उम्मीदों के साथ उसे पढ़ने के लिए शहर भेजा था, ताकि वह कुछ बनकर घर की स्थिति सुधार सके लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। भाई श्रीकांत यादव ने बताया कि गंगोत्री पढ़ाई में काफी तेज थी और हमेशा आगे बढ़ने का सपना देखती थी। उसने कभी हार नहीं मानी और हर परिस्थिति में परिवार का सहारा बनने का प्रयास किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। वहीं, परिजन और ग्रामीण न्याय की मांग कर रहे हैं, ताकि इस घटना की सच्चाई सामने आ सके।
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