{"_id":"5adcdfcd4f1c1b76098b5e80","slug":"the-construction-of-the-toilets-slow-speed","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौचालयों के निर्माण की गति सुस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौचालयों के निर्माण की गति सुस्त
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Mon, 23 Apr 2018 12:47 AM IST
विज्ञापन
शौचालयों के निर्माण की गति सुस्त
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। जिले में शौचालय निर्माण की गति सुस्त है। पर्यवेक्षण के बाद भी निर्माण के काम में तेजी नहीं आ रही है। सबसे खराब स्थिति लक्ष्मीपुर ब्लॉक की है। यहां अभी लक्ष्य का 24 प्रतिशत ही शौचालय बन पाए हैं। पूरे जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 44 प्रतिशत शौचालयों के निर्माण हुए हैं। शौचालयों के निर्माण की यही रफ्तार रही तो अक्टूबर 2018 तक जिले को ओडीएफ घोषित कर पाना मुश्किल हो सकता है।
जिले में अक्टूबर 2018 तक चार लाख तीन हजार 637 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य है और अब तक जिले में सिर्फ एक लाख 81 हजार 21 शौचालय ही बन पाए हैं। शौचालयों के निर्माण की यह स्थिति तब है जबकि प्रगति की निगरानी के लिए अधिकारियों को पर्यवेक्षण के लिए लगाया गया है। प्रगति की हर रोज बैठक कर समीक्षा भी भी की जा रही है। उधर, अधिकारियों का दावा है कि शौचालयों के निर्र्माण का काम समय के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।ब्लॉकों में शौचालयों के निर्माण की स्थिति ठीक नहीं है। जनपद के बृजमनगंज ब्लॉक में 30717 लक्ष्य के सापेक्ष 11805 शौचालयों के निर्माण हुए हैं। धानी में 11959 लक्ष्य के सापेक्ष 6967, घुघली में 39212 के सापेक्ष 13380, लक्ष्मीपुर में 33206 के सापेक्ष 8243, महराजगंज ब्लॉक में 30198 के सापेक्ष 15884 शौचालयों के निर्माण हुए हैं। मिठौरा ब्लॉक में 50630 के सापेक्ष 21697, नौतनवां में 36463 के सापेक्ष 11933, निचलौल में 41709 के सापेक्ष 26809, पनियरा में 38815 के सापेक्ष 18275, परतावल में 30848 के सापेक्ष 13532, फरेंदा में 26072 के सापेक्ष 12472 औरसिसवां ब्लॉक में 35809 लक्ष्य के सापेक्ष 20124 शौचालयों के निर्माण हुए हैं। सभी 12 ब्लॉकों में सबसे खराब स्थिति लक्ष्मीपुर की है। यहां लक्ष्य के सापेक्ष 24 प्रतिशत शौचालयों के निर्माण ही हो पाए हैं।
निचलौल ब्लॉक में 64 प्रतिशत शौचालयों के निर्माण हुए हैं। जिले में 91 हजार 596 परिवारों के शौचालयों के निर्माण की रिपोर्ट जिला प्रशासन को मिली है। अन्य की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में अक्टूबर 2018 तक चार लाख तीन हजार 637 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य है और अब तक जिले में सिर्फ एक लाख 81 हजार 21 शौचालय ही बन पाए हैं। शौचालयों के निर्माण की यह स्थिति तब है जबकि प्रगति की निगरानी के लिए अधिकारियों को पर्यवेक्षण के लिए लगाया गया है। प्रगति की हर रोज बैठक कर समीक्षा भी भी की जा रही है। उधर, अधिकारियों का दावा है कि शौचालयों के निर्र्माण का काम समय के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।ब्लॉकों में शौचालयों के निर्माण की स्थिति ठीक नहीं है। जनपद के बृजमनगंज ब्लॉक में 30717 लक्ष्य के सापेक्ष 11805 शौचालयों के निर्माण हुए हैं। धानी में 11959 लक्ष्य के सापेक्ष 6967, घुघली में 39212 के सापेक्ष 13380, लक्ष्मीपुर में 33206 के सापेक्ष 8243, महराजगंज ब्लॉक में 30198 के सापेक्ष 15884 शौचालयों के निर्माण हुए हैं। मिठौरा ब्लॉक में 50630 के सापेक्ष 21697, नौतनवां में 36463 के सापेक्ष 11933, निचलौल में 41709 के सापेक्ष 26809, पनियरा में 38815 के सापेक्ष 18275, परतावल में 30848 के सापेक्ष 13532, फरेंदा में 26072 के सापेक्ष 12472 औरसिसवां ब्लॉक में 35809 लक्ष्य के सापेक्ष 20124 शौचालयों के निर्माण हुए हैं। सभी 12 ब्लॉकों में सबसे खराब स्थिति लक्ष्मीपुर की है। यहां लक्ष्य के सापेक्ष 24 प्रतिशत शौचालयों के निर्माण ही हो पाए हैं।
विज्ञापन
निचलौल ब्लॉक में 64 प्रतिशत शौचालयों के निर्माण हुए हैं। जिले में 91 हजार 596 परिवारों के शौचालयों के निर्माण की रिपोर्ट जिला प्रशासन को मिली है। अन्य की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
विज्ञापन