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Maharajganj News: अप्रैल में ही दिखने लगे हैं गर्मी के रंग
Fri, 05 Apr 2024 08:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 05 Apr 2024 08:25 PM IST
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महराजगंज। जिले में गर्मी की तल्खी बरकरार है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को महराजगंज जिले का तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि तेज हवाओं से मौसम में बदलाव में बदलाव की ओर देख रहे लोगों को राहत नहीं मिली। लोग तपिश भरी गर्मी से परेशान और पसीने से तरबतर दिखे।
अचानक बढ़ी गर्मी से राहत पाने के लिए लाेग पंखा, कूलर, एसी सहित शीतल पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे। हालांकि मौसम विभाग की माने तो अगले 48 घंटे के दौरान मौसम का मिजाज बदल सकता है। सूरज पर बादलों का साया मंडरा सकता है, जिससे लोगों को बढ़ती गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। अप्रैल के पहले पखवारे में गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया। तीखी धूप लोगों को परेशान करने लगी थी। पिछले दिनों पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं धूप की तल्खी और बढ़ गई है। पश्चिम दिशा से तेज गति से चली हवा ने वातावरण को और गर्म बना दिया है। इससे लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा है। अभी मई और जून बाकी है।
अप्रैल की गर्मी के आधार पर मौसम विशेषज्ञों का दावा है कि इस बार गर्मी अधिक पड़ने वाली है। हालांकि बारिश की संभावना भी शनिवार जताई जा रही है। जलवायु परिवर्तन के घातक प्रभावों ने हमारे जीवन को गहरे तक प्रभावित कर लिया है। ठंड के बाद गरमी और गरमी के बाद बरसात कुदरत के शाश्वत नियम हैं। लेकिन यह परिवर्तन निर्धारित समय के साथ धीरे-धीरे होता है। जिसमें मानव शरीर धीरे-धीरे उसके अनुकूल खुद को ढाल लेता है। ऐसा ही फसलों व फलों के वृक्षों का भी है, वे मौसम के अनुसार ही खिलते और फलते हैं। लेकिन इस बार मौसम में बदलाव और तेज हवाओं के कारण फसल तेजी से पकने लगी है जिससे किसान चिंतित हैं। राज्य मौसम विज्ञान के प्रभारी अतुल सिंह ने बताया कि शनिवार को तराई के जिलों में हल्की वर्षा की संभावना है। अगर बादल युक्त मौसम रहता है तो उमस बढ़ेगी। आगे मौसम और गर्म होगा।
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अचानक बढ़ी गर्मी से राहत पाने के लिए लाेग पंखा, कूलर, एसी सहित शीतल पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे। हालांकि मौसम विभाग की माने तो अगले 48 घंटे के दौरान मौसम का मिजाज बदल सकता है। सूरज पर बादलों का साया मंडरा सकता है, जिससे लोगों को बढ़ती गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। अप्रैल के पहले पखवारे में गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया। तीखी धूप लोगों को परेशान करने लगी थी। पिछले दिनों पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं धूप की तल्खी और बढ़ गई है। पश्चिम दिशा से तेज गति से चली हवा ने वातावरण को और गर्म बना दिया है। इससे लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा है। अभी मई और जून बाकी है।
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अप्रैल की गर्मी के आधार पर मौसम विशेषज्ञों का दावा है कि इस बार गर्मी अधिक पड़ने वाली है। हालांकि बारिश की संभावना भी शनिवार जताई जा रही है। जलवायु परिवर्तन के घातक प्रभावों ने हमारे जीवन को गहरे तक प्रभावित कर लिया है। ठंड के बाद गरमी और गरमी के बाद बरसात कुदरत के शाश्वत नियम हैं। लेकिन यह परिवर्तन निर्धारित समय के साथ धीरे-धीरे होता है। जिसमें मानव शरीर धीरे-धीरे उसके अनुकूल खुद को ढाल लेता है। ऐसा ही फसलों व फलों के वृक्षों का भी है, वे मौसम के अनुसार ही खिलते और फलते हैं। लेकिन इस बार मौसम में बदलाव और तेज हवाओं के कारण फसल तेजी से पकने लगी है जिससे किसान चिंतित हैं। राज्य मौसम विज्ञान के प्रभारी अतुल सिंह ने बताया कि शनिवार को तराई के जिलों में हल्की वर्षा की संभावना है। अगर बादल युक्त मौसम रहता है तो उमस बढ़ेगी। आगे मौसम और गर्म होगा।
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