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Maharajganj News: तेंदुए की मौत के कारण का नहीं चला पता, विसरा प्रिजर्व
Sun, 20 Jul 2025 07:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 20 Jul 2025 07:54 PM IST
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निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव विभाग के अंतर्गत मधवलिया वन रेंज के बसौली बीट के जंगल से सटे एक खेत में शनिवार को मादा तेंदुए का शव मिला था। रेंज परिसर में तेंदुए के शव का विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में मौत के कारण का पता नहीं चल सका। डॉक्टरों ने विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए बरेली भेज दिया। बाद में तेंदुए के शव को वन रेंज क्षेत्र में दफन कर दिया गया।
मधवलिया वन क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि मृत मादा तेंदुए की उम्र करीब 13 वर्ष थी। तेंदुए के शव पर कहीं भी चोट का निशान नहीं दिखा। इतना ही नहीं जिस जगह पर तेंदुए का शव मिला था। उस जगह भी किसी संदिग्ध का चिह्न नहीं मिला।
तेंदुए के मौत मामले में कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल की गई। हालांकि तेंदुए के शव को डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम की ओर से पोस्टमार्टम भी कराया गया, लेकिन मौत का कारण साफ पता नहीं चल सका। ऐसे में विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए बरेली स्थित इंडियन वेटनरी इंस्टीट्यूट भेजा गया है। जांच के बाद मौत की वजह साफ हो जाएगी।
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यह रिपोर्ट आने में करीब कम से कम तीन और अधिक से अधिक एक सप्ताह का वक्त लगेगा। विभाग के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए के शव को वन रेंज क्षेत्र में दफन कर दिया गया है। वन रेंज क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर वन कर्मियों की नजर बनी हुई है। मामला सामने आने पर उन लोगों के खिलाफ विभाग की ओर से सख्ती से कार्रवाई की जाती है।
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मधवलिया वन क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि मृत मादा तेंदुए की उम्र करीब 13 वर्ष थी। तेंदुए के शव पर कहीं भी चोट का निशान नहीं दिखा। इतना ही नहीं जिस जगह पर तेंदुए का शव मिला था। उस जगह भी किसी संदिग्ध का चिह्न नहीं मिला।
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तेंदुए के मौत मामले में कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल की गई। हालांकि तेंदुए के शव को डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम की ओर से पोस्टमार्टम भी कराया गया, लेकिन मौत का कारण साफ पता नहीं चल सका। ऐसे में विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए बरेली स्थित इंडियन वेटनरी इंस्टीट्यूट भेजा गया है। जांच के बाद मौत की वजह साफ हो जाएगी।
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यह रिपोर्ट आने में करीब कम से कम तीन और अधिक से अधिक एक सप्ताह का वक्त लगेगा। विभाग के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में तेंदुए के शव को वन रेंज क्षेत्र में दफन कर दिया गया है। वन रेंज क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर वन कर्मियों की नजर बनी हुई है। मामला सामने आने पर उन लोगों के खिलाफ विभाग की ओर से सख्ती से कार्रवाई की जाती है।