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Maharajganj News: विवादित जमीन से चहारदीवारी गिराकर श्रीकृष्ण गोशाला के पक्ष में प्रशासन ने लगाया पिलर
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कब्रिस्तान से हटवाया गया अतिक्रमण।
मौके पर आठ थानों की पुलिस और डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात
सिसवा बाजार। गांधी नगर वार्ड में स्थित कब्रिस्तान व श्रीकृष्ण गोशाला के बीच जमीन विवाद के मामले में मंगलवार को गोशाला के पक्ष में जमीन का सीमांकन कर पिलर गाड़ दिया गया। कब्जा दिलाने के लिए एसडीएम निचलौल दलबल के साथ पहुंचे और जेसीबी से चहारदीवारी गिरवा दी। मौके पर आठ थानों की पुलिस और डेढ़ सेक्शन पीएसी मौजूद रही।
जानकारी के अनुसार, करीब तीन वर्षों से जारी विवाद को समाप्त कराने ऐ लिए एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मंगलवार को पुलिसकर्मी पहुंचे। सुरक्षाबलों की अधिक संख्या के कारण पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में बदल गया। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से विवादित स्थल की चहारदीवारी और कई कब्रों को हटा दिया गया और राजस्व विभाग की पैमाइश के बाद गोशाला के पक्ष में दर्ज भूमि का सीमांकन कर पिलर गाड़ दिए गए।
पूरे अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर डटे रहकर कार्रवाई की निगरानी की। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन विवाद कई वर्षों से चला आ रहा था। 2023 में मामला न्यायालय पहुंचा और बाद में प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी सुनवाई हुई। श्रीकृष्ण गोशाला समिति ने धारा-24 के तहत एसडीएम न्यायालय में आवेदन देकर राजस्व अभिलेखों के अनुरूप कार्रवाई की मांग की थी। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को प्रशासन ने सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस अवसर पर तहसीलदार अमित कुमार सिंह, सीओ रविंद्र कुमार सिंह उपस्थित रहे।
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ये है मामला
सिसवा के कब्रिस्तान और गोशाला के जमीन का विवाद 2023 से चल रहा है। यह 0.866 हेक्टेयर रकबे का मामला है। इस संदर्भ में एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता का कहना है कि मामले में पहले निचलौल तहसील से धारा 24 का आदेश हुआ था। जिसमें कब्रिस्तान पक्ष कमिश्नर के न्यायालय में चला गया। जहां उनका मामला खारिज हो गया था। उसके बाद गोशाला पक्ष की पैरवी पर कमिश्नर न्यायालय से पुनः धारा 24 आदेश के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए न्यायिक प्रक्रिया का अनुपालन कराया गया है।
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सिसवा बाजार। गांधी नगर वार्ड में स्थित कब्रिस्तान व श्रीकृष्ण गोशाला के बीच जमीन विवाद के मामले में मंगलवार को गोशाला के पक्ष में जमीन का सीमांकन कर पिलर गाड़ दिया गया। कब्जा दिलाने के लिए एसडीएम निचलौल दलबल के साथ पहुंचे और जेसीबी से चहारदीवारी गिरवा दी। मौके पर आठ थानों की पुलिस और डेढ़ सेक्शन पीएसी मौजूद रही।
जानकारी के अनुसार, करीब तीन वर्षों से जारी विवाद को समाप्त कराने ऐ लिए एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मंगलवार को पुलिसकर्मी पहुंचे। सुरक्षाबलों की अधिक संख्या के कारण पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी में बदल गया। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों से विवादित स्थल की चहारदीवारी और कई कब्रों को हटा दिया गया और राजस्व विभाग की पैमाइश के बाद गोशाला के पक्ष में दर्ज भूमि का सीमांकन कर पिलर गाड़ दिए गए।
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पूरे अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर डटे रहकर कार्रवाई की निगरानी की। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन विवाद कई वर्षों से चला आ रहा था। 2023 में मामला न्यायालय पहुंचा और बाद में प्रशासनिक स्तर पर भी इसकी सुनवाई हुई। श्रीकृष्ण गोशाला समिति ने धारा-24 के तहत एसडीएम न्यायालय में आवेदन देकर राजस्व अभिलेखों के अनुरूप कार्रवाई की मांग की थी। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को प्रशासन ने सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस अवसर पर तहसीलदार अमित कुमार सिंह, सीओ रविंद्र कुमार सिंह उपस्थित रहे।
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ये है मामला
सिसवा के कब्रिस्तान और गोशाला के जमीन का विवाद 2023 से चल रहा है। यह 0.866 हेक्टेयर रकबे का मामला है। इस संदर्भ में एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता का कहना है कि मामले में पहले निचलौल तहसील से धारा 24 का आदेश हुआ था। जिसमें कब्रिस्तान पक्ष कमिश्नर के न्यायालय में चला गया। जहां उनका मामला खारिज हो गया था। उसके बाद गोशाला पक्ष की पैरवी पर कमिश्नर न्यायालय से पुनः धारा 24 आदेश के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए न्यायिक प्रक्रिया का अनुपालन कराया गया है।