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Maharajganj News: अभियुक्त को एक दिन की न्यायिक हिरासत व जुर्माने की सजा
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जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त दंड भुगतना होगा
महराजगंज। फरेंदा न्यायालय में मारपीट और गाली-गलौज से जुड़े मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोप सिद्ध पाए जाने पर अभियुक्त अछैवर निवासी बड़हरा, थाना पनियरा, जनपद महराजगंज को एक दिन की न्यायिक हिरासत की सजा सुनाई है। साथ ही 800 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त दंड भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, यह मामला वर्ष 1998 का है। मामला थाना फरेंदा क्षेत्र का है, आपसी विवाद के दौरान आरोपी अछैवर निवासी बड़हरा पनियरा पर पीड़ित के साथ मारपीट करने और गाली-गलौज करने का आरोप लगा था। घटना के बाद पीड़ित की ओर से थाने में तहरीर दी गई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने मौके के साक्ष्य, गवाहों के बयान और चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट को संकलित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्य और गवाह पेश किए। गवाहों ने न्यायालय के समक्ष घटना का विवरण देते हुए अभियुक्त की संलिप्तता की पुष्टि की। वहीं बचाव पक्ष की ओर से भी दलीलें रखी गईं, लेकिन न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त को दोषी करार दिया और न्यायालय ने आरोपी सजा सुनाई है। संवाद
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महराजगंज। फरेंदा न्यायालय में मारपीट और गाली-गलौज से जुड़े मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोप सिद्ध पाए जाने पर अभियुक्त अछैवर निवासी बड़हरा, थाना पनियरा, जनपद महराजगंज को एक दिन की न्यायिक हिरासत की सजा सुनाई है। साथ ही 800 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त दंड भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, यह मामला वर्ष 1998 का है। मामला थाना फरेंदा क्षेत्र का है, आपसी विवाद के दौरान आरोपी अछैवर निवासी बड़हरा पनियरा पर पीड़ित के साथ मारपीट करने और गाली-गलौज करने का आरोप लगा था। घटना के बाद पीड़ित की ओर से थाने में तहरीर दी गई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने मौके के साक्ष्य, गवाहों के बयान और चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट को संकलित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्य और गवाह पेश किए। गवाहों ने न्यायालय के समक्ष घटना का विवरण देते हुए अभियुक्त की संलिप्तता की पुष्टि की। वहीं बचाव पक्ष की ओर से भी दलीलें रखी गईं, लेकिन न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त को दोषी करार दिया और न्यायालय ने आरोपी सजा सुनाई है। संवाद
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