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राजकीय पालीटेक्निक में शिक्षकों की कमीं, पढ़ाई में बाधा
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महामाया पालीटेक्निक में शिक्षकों की कमी, पढ़ाई प्रभावित
- प्रधानाचार्य से लेकर कर्मशाला अनुदेशक के 31 पदों के सापेक्ष तैनात हैं महज सात शिक्षक, लिपिकों के सभी सात पद रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। एक तरफ शासन तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर विशेष जोर दे रहा है तो दूसरी तरफ विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी की वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। महामाया पालीटेक्निक में शिक्षण कार्य के लिए 31 की जगह पर महज सात शिक्षक तैनात हैं, जबकि लिपकीय संवर्ग में कोई भी कर्मी तैनात नहीं है। शिक्षकों व कर्मियों की कमी के कारण शिक्षा रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर महामाया आईटी पालीटेक्निक धनेवा में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग व कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग ट्रेड में शिक्षा देने की व्यवस्था है। विभिन्न ट्रेडों में बेहतर ढंग से शिक्षा देने के लिए एक प्रधानाचार्य, तीन विभागाध्यक्ष, 20 व्याख्याता एवं छह कर्मशाला अनुदेशक की आवश्यकता है, मगर यहां पर वर्तमान में प्रधानाचार्य, दो विभागाध्यक्ष, 16 व्याख्याता व पांच कर्मशाला अनुदेशकों के पद रिक्त हैं। बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त होने से जहां विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से शिक्षा नहीं मिल पा रही है, वहीं अन्य शिक्षकों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। जिम्मेदारों द्वारा कई बार पत्र भेजने के बाद भी तैनाती को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। प्रभारी प्रधानाचार्य एमएस कुशवाहा ने बताया कि शिक्षकों की कमी की वजह से पढ़ाई में समस्या आती है। तैनाती को लेकर उच्च स्तर पर पत्र भेजा गया है।
लिपकीय संवर्ग में सात पद रिक्त
लिपकीय संवर्ग में एक भी कर्मियों के तैनात न होने से भी आमजन को समस्या आ रही है। वरिष्ठ लिपिक के दो, आशुलिपिक के एक, कनिष्ठ लिपिक के दो तथा टंकण व पुस्तकालयाध्यक्ष के एक-एक पद रिक्त हैं।
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- प्रधानाचार्य से लेकर कर्मशाला अनुदेशक के 31 पदों के सापेक्ष तैनात हैं महज सात शिक्षक, लिपिकों के सभी सात पद रिक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। एक तरफ शासन तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर विशेष जोर दे रहा है तो दूसरी तरफ विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी की वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। महामाया पालीटेक्निक में शिक्षण कार्य के लिए 31 की जगह पर महज सात शिक्षक तैनात हैं, जबकि लिपकीय संवर्ग में कोई भी कर्मी तैनात नहीं है। शिक्षकों व कर्मियों की कमी के कारण शिक्षा रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर महामाया आईटी पालीटेक्निक धनेवा में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग व कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग ट्रेड में शिक्षा देने की व्यवस्था है। विभिन्न ट्रेडों में बेहतर ढंग से शिक्षा देने के लिए एक प्रधानाचार्य, तीन विभागाध्यक्ष, 20 व्याख्याता एवं छह कर्मशाला अनुदेशक की आवश्यकता है, मगर यहां पर वर्तमान में प्रधानाचार्य, दो विभागाध्यक्ष, 16 व्याख्याता व पांच कर्मशाला अनुदेशकों के पद रिक्त हैं। बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद रिक्त होने से जहां विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से शिक्षा नहीं मिल पा रही है, वहीं अन्य शिक्षकों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। जिम्मेदारों द्वारा कई बार पत्र भेजने के बाद भी तैनाती को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। प्रभारी प्रधानाचार्य एमएस कुशवाहा ने बताया कि शिक्षकों की कमी की वजह से पढ़ाई में समस्या आती है। तैनाती को लेकर उच्च स्तर पर पत्र भेजा गया है।
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लिपकीय संवर्ग में सात पद रिक्त
लिपकीय संवर्ग में एक भी कर्मियों के तैनात न होने से भी आमजन को समस्या आ रही है। वरिष्ठ लिपिक के दो, आशुलिपिक के एक, कनिष्ठ लिपिक के दो तथा टंकण व पुस्तकालयाध्यक्ष के एक-एक पद रिक्त हैं।
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