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Maharajganj News: जुर्माना, केस दर्ज होने के बाद भी जल रही पराली
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- सेटेलाइट से मॉनिटरिंग कर रहा प्रशासन
- रविवार को 89 स्थानों पर पराली जलाने की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पराली जलाने के मामले में लगातार केस दर्ज हो रहे हैं। किसानों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। इसके बाद भी पराली जलाने की घटना कम नहीं हो रही है। प्रशासनिक टीम लगातार इसकी मॉनिटरिंग सेटेलाइट से कर रहा है। रविवार को 89 स्थानों पर पराली जलाने की घटना की पुष्टि हुई। प्रशासन इनके जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। लगातार पराली जलाने के कारण प्रदूषण का स्तर बिगड़ता जा रहा है।
पराली प्रबंधन के लिए राजस्व व कृषि विभाग की टीम काम कर रही है। इनसे जुड़े लोगों का काम है कि वे किसानों से मिलकर उन्हें पराली न जलाने के लिए प्रेरित करें तथा यह भी बताएं कि कैसे वे उसे निस्तारित करें। साथ ही सेटेलाइट के जरिए पराली जलाने की घटना वाले इलाकों में निगरानी की जा रही है।
12 ब्लॉक में 89 स्थानों पर जलाई गई पराली
सेटेलाइट के जरिए रिपोर्ट सामने आई है। इसमें 12 ब्लॉकों में 89 स्थानों पर पराली जलाने की बात सामने आ रही है। बड़ी संख्या में पराली जलाने की ही देन है कि मौसम में अप्रत्याशित बदलाव हो रहे हैं एवं शहर की हवा प्रदूषित हो गई है। सोमवार को हवा की गुणवत्ता का सूचकांक 154 दर्ज किया गया। यह सामान्य से खराब स्तर माना जाता है।
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सदर ब्लॉक में सबसे अधिक जलाई जा रही पराली
पूरे जिले में सबसे अधिक 32 स्थानों पर पराली जलाने की घटना सदर ब्लॉक में हुई है। इसके अलावा मिठौरा में 10, लक्ष्मीपुर व सिसवा में आठ-आठ, निचलौल व परतावल में सात-सात, घुघली में छह, पनियरा में पांच, बृजमनगंज में तीन, फरेंदा में दो एवं धानी में एक मामला सामने आया है।
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सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंच आग बुझा रहे अधिकारी
पराली जलाने की सूचना मिलने के बाद अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर आग बुझा रहे हैं। उप जिलाधिकारी हो, तहसीलदार हो या अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, सभी मौके पर जा रहे हैं व कार्रवाई भी कर रहे हैं।
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पराली जलाने पर पूरी तरह से अंकुश लगाने का प्रयास है। 30 नवंबर तक उसकी सेटेलाइट से मानीटरिंग की जा रही है। ऐसे में जो भी केस सामने आएगा उससे जुड़े किसान के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
वीरेंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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- रविवार को 89 स्थानों पर पराली जलाने की घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पराली जलाने के मामले में लगातार केस दर्ज हो रहे हैं। किसानों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। इसके बाद भी पराली जलाने की घटना कम नहीं हो रही है। प्रशासनिक टीम लगातार इसकी मॉनिटरिंग सेटेलाइट से कर रहा है। रविवार को 89 स्थानों पर पराली जलाने की घटना की पुष्टि हुई। प्रशासन इनके जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। लगातार पराली जलाने के कारण प्रदूषण का स्तर बिगड़ता जा रहा है।
पराली प्रबंधन के लिए राजस्व व कृषि विभाग की टीम काम कर रही है। इनसे जुड़े लोगों का काम है कि वे किसानों से मिलकर उन्हें पराली न जलाने के लिए प्रेरित करें तथा यह भी बताएं कि कैसे वे उसे निस्तारित करें। साथ ही सेटेलाइट के जरिए पराली जलाने की घटना वाले इलाकों में निगरानी की जा रही है।
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12 ब्लॉक में 89 स्थानों पर जलाई गई पराली
सेटेलाइट के जरिए रिपोर्ट सामने आई है। इसमें 12 ब्लॉकों में 89 स्थानों पर पराली जलाने की बात सामने आ रही है। बड़ी संख्या में पराली जलाने की ही देन है कि मौसम में अप्रत्याशित बदलाव हो रहे हैं एवं शहर की हवा प्रदूषित हो गई है। सोमवार को हवा की गुणवत्ता का सूचकांक 154 दर्ज किया गया। यह सामान्य से खराब स्तर माना जाता है।
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सदर ब्लॉक में सबसे अधिक जलाई जा रही पराली
पूरे जिले में सबसे अधिक 32 स्थानों पर पराली जलाने की घटना सदर ब्लॉक में हुई है। इसके अलावा मिठौरा में 10, लक्ष्मीपुर व सिसवा में आठ-आठ, निचलौल व परतावल में सात-सात, घुघली में छह, पनियरा में पांच, बृजमनगंज में तीन, फरेंदा में दो एवं धानी में एक मामला सामने आया है।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंच आग बुझा रहे अधिकारी
पराली जलाने की सूचना मिलने के बाद अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर आग बुझा रहे हैं। उप जिलाधिकारी हो, तहसीलदार हो या अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, सभी मौके पर जा रहे हैं व कार्रवाई भी कर रहे हैं।
पराली जलाने पर पूरी तरह से अंकुश लगाने का प्रयास है। 30 नवंबर तक उसकी सेटेलाइट से मानीटरिंग की जा रही है। ऐसे में जो भी केस सामने आएगा उससे जुड़े किसान के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
वीरेंद्र कुमार, जिला कृषि अधिकारी