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Maharajganj News: तेज धूप ने बढ़ाया अधिकतम तापमान
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महराजगंज। फागुन में तराई का मौसम शुष्क बना हुआ है। इस बीच धूप ने अपने पांव मजबूत करते हुए अधिकतम तापमान 28 तक पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान भी बढ़ने के आसार हैं क्योंकि पछुआ का रुख पूरी तरह से शांत बना हुआ है। सोमवार अधिकतम तापमान 28 व न्यूनतम 13 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
मौसम का रुख देखकर किसान चिंतित हैं क्योंकि इस बार सर्दी में काफी कम बारिश हुई। इसके अलावा कोहरे का मौसम भी काफी कम समय तक ही रहा जबकि गेहूं के लिए कोहरे भरा मौसम मुफीद माना जाता है।
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक इस बार 1.45 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई हुई है। उत्पादन के लिहाज से जनवरी व फरवरी में कोहरे भरे मौसम की जरूरत होती है। लेकिन इस बार तराई में कोहरा कुछ ही दिनों तक रहा।
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फरवरी के दूसरे पखवाड़े से यह पूरी तरह विलुप्त हो गया जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। तापमान जितनी तेजी से बढ़ेगा उतनी ही तेजी से गेहूं की फसल सूखेगी। ऐसे में दाने बनते ही सूखते जाएंगे जिससे दाने हल्के पड़ते जाएंगे।
गेहूं उत्पादन के लिहाज से मौसम उपयुक्त नहीं माना जा सकता। वहीं बदले मौसम के कारण लोगों ने दिन के समय स्वेटर व जैकेट से परहेज शुरू कर दी है हालांकि दिन डूबने के बाद कंबल की आवश्यकता पड़ रही है।
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मौसम का रुख देखकर किसान चिंतित हैं क्योंकि इस बार सर्दी में काफी कम बारिश हुई। इसके अलावा कोहरे का मौसम भी काफी कम समय तक ही रहा जबकि गेहूं के लिए कोहरे भरा मौसम मुफीद माना जाता है।
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जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक इस बार 1.45 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई हुई है। उत्पादन के लिहाज से जनवरी व फरवरी में कोहरे भरे मौसम की जरूरत होती है। लेकिन इस बार तराई में कोहरा कुछ ही दिनों तक रहा।
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फरवरी के दूसरे पखवाड़े से यह पूरी तरह विलुप्त हो गया जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। तापमान जितनी तेजी से बढ़ेगा उतनी ही तेजी से गेहूं की फसल सूखेगी। ऐसे में दाने बनते ही सूखते जाएंगे जिससे दाने हल्के पड़ते जाएंगे।
गेहूं उत्पादन के लिहाज से मौसम उपयुक्त नहीं माना जा सकता। वहीं बदले मौसम के कारण लोगों ने दिन के समय स्वेटर व जैकेट से परहेज शुरू कर दी है हालांकि दिन डूबने के बाद कंबल की आवश्यकता पड़ रही है।