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पुरानी पेंशन के लिए काम ठप कर गरजे
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:47 AM IST
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पुरानी पेंशन के लिए काम ठप कर गरजे
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कराने के लिए शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों की तरफ से कार्य बहिष्कार का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। कार्य बहिष्कार के कारण कार्यालयों में सन्नाटा रहा और कामकाज ठप रहा। स्कूलों में भी शिक्षण कार्य प्रभावित दिखा। जिले के सभी कर्मचारी संगठनों ने कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर एकत्र होकर पुरानी पेंशन व्यवस्था के लिए हुंकार भरी। मांगें न माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
कर्मचारी, शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले शुक्रवार को सुबह 10 बजे जिला मुख्यालय पर सभी संगठनों के लोग एकत्र हुए और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कराने के लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। धरनास्थल पर आयोजित सभा की अध्यक्षता करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष श्रीभागवत सिंह ने कहा कि सरकार को पुरानी पेंशन बहाली हर हाल में करनी पडे़गी। चेतावनी दी कि अब 8 अक्टूबर को लखनऊ में आंदोलन होगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष केशव मणि ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा कर्मचारियों पर नई पेंशन व्यवस्था थोपकर उनकी गाढ़ी कमाई जुए में लगा दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि संगठन आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। उधर, कर्मचारियों द्वारा कार्य बहिष्कार व प्रदर्शन में शामिल होने के कारण कार्यालयों में सन्नाटा रहा। शिक्षकों की चाक डाउन हड़ताल से स्कूलों में पठन-पाठन भी प्रभावित हुई। इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्रा, कमेलश सिंह, अखिलेश्वर त्रिपाठी, डॉ. गिरीन्द्र नाथ मिश्र, महेंद्र कुमार वर्मा, चंद्रशेखर सिंह, संजय सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, आलोक कुमार सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किया। इस दौरान राघवेंद्र पटेल, रामसुग्रीव वर्मा, विजय लक्ष्मी, विपिन विहारी, साधना मद्धेशिया, सुशीला सिंह, प्रद्युम्न सिंह, कौशल नाथ मौर्य, राजीव सिंह, जगदीश नारायण, अनुराधा आदि मौजूद रहे। वहीं सदर बीआरसी परिसर से बांहों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षक कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने पहुंचे।
ब्लॉक अध्यक्ष बैजनाथ सिंह एवं अखिलेश पाठक ने कहा कि तीन दिन धरना देकर यह संकेत देने का प्रयास किया गया है कि शिक्षक, कर्मचारी अपना अधिकार लेकर रहेंगे। संगठन की ओर से आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है। राजकुमार पटेल, राजेश पटेल, इंदू सिंह, अरविंद यादव, संजय कुमार मर्वा, राकेश वर्मा, मनोज कुमार वर्मा, नंदकिशोर आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारी, शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले शुक्रवार को सुबह 10 बजे जिला मुख्यालय पर सभी संगठनों के लोग एकत्र हुए और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल कराने के लिए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। धरनास्थल पर आयोजित सभा की अध्यक्षता करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष श्रीभागवत सिंह ने कहा कि सरकार को पुरानी पेंशन बहाली हर हाल में करनी पडे़गी। चेतावनी दी कि अब 8 अक्टूबर को लखनऊ में आंदोलन होगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष केशव मणि ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा कर्मचारियों पर नई पेंशन व्यवस्था थोपकर उनकी गाढ़ी कमाई जुए में लगा दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि संगठन आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। उधर, कर्मचारियों द्वारा कार्य बहिष्कार व प्रदर्शन में शामिल होने के कारण कार्यालयों में सन्नाटा रहा। शिक्षकों की चाक डाउन हड़ताल से स्कूलों में पठन-पाठन भी प्रभावित हुई। इस दौरान प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्रा, कमेलश सिंह, अखिलेश्वर त्रिपाठी, डॉ. गिरीन्द्र नाथ मिश्र, महेंद्र कुमार वर्मा, चंद्रशेखर सिंह, संजय सिंह, सुरेंद्र प्रसाद, आलोक कुमार सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किया। इस दौरान राघवेंद्र पटेल, रामसुग्रीव वर्मा, विजय लक्ष्मी, विपिन विहारी, साधना मद्धेशिया, सुशीला सिंह, प्रद्युम्न सिंह, कौशल नाथ मौर्य, राजीव सिंह, जगदीश नारायण, अनुराधा आदि मौजूद रहे। वहीं सदर बीआरसी परिसर से बांहों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षक कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देने पहुंचे।
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ब्लॉक अध्यक्ष बैजनाथ सिंह एवं अखिलेश पाठक ने कहा कि तीन दिन धरना देकर यह संकेत देने का प्रयास किया गया है कि शिक्षक, कर्मचारी अपना अधिकार लेकर रहेंगे। संगठन की ओर से आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है। राजकुमार पटेल, राजेश पटेल, इंदू सिंह, अरविंद यादव, संजय कुमार मर्वा, राकेश वर्मा, मनोज कुमार वर्मा, नंदकिशोर आदि मौजूद रहे।
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