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Maharajganj News: सफाई-फॉगिंग पर 50 लाख खर्च, फिर भी नहीं भागे मच्छर
Fri, 09 Jun 2023 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 09 Jun 2023 12:47 AM IST
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मऊपाकड़-चौक मार्ग पर जाम नाली।संवाद
फोटो
नगर पालिका परिषद सफाई कर्मियों व सामग्रियों की उपलब्धता पर खर्च की जाती है यह धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नगर पालिका परिषद शहर में सफाई व्यवस्था व फॉगिंग पर हर माह करीब 50 लाख रुपये खर्च करती है। बावजूद इसके मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। मुख्य मार्गों व वार्डों की नालियों में नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। इससे जल व मच्छर जनित रोगों के फैलने की आशंका बनी हुई है।
नगर पालिका परिषद महराजगंज में 25 वार्ड हैं। सीमा विस्तारित होने के बाद वार्डों के साथ शहर का दायरा भी बढ़ा है। विस्तारित सीमा में न तो नाली बन सकी है और न ही लोगों को जलनिकासी सुविधा का लाभ मिल पा रहा है। पुरानी सीमा में नालियों की सफाई का दावा पालिका की ओर से किया जा रहा है, मगर उनका दावा केवल दावा है। नगर के विभिन्न मार्गों व वार्डों में बृहस्पतिवार को सफाई व फॉगिंग व्यवस्था की पड़ताल की गई तो नालियां गंदगी से पटी व जाम दिखीं। जगह-जगह पानी में मच्छर पनपते दिखे।
निचलौल मार्ग पर बस स्टेशन के सामने से गुजरी नाली कूड़ा-करकट से पटा है। देखने से लगता है कि तीन-चार दिनों से सफाई नहीं हुई है। आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह-शाम मच्छर डंक मारने से नहीं चूकते हैं।
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मऊपाकड़ से चौक जाने वाली सड़क के किनारे से गुजरने वाली नाली में भी कूड़ा-करकटनजर आया। गंदगी की वजह से मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से लोगों का जीना मुहाल है। चिउरहां मार्ग पर बनी नाली भी न सिर्फ गंदगी से पटी मिली, बल्कि उसमें पॉलिथीन व अन्य सामग्री तैरते नजर आए। चिउरहां वार्ड से गबड़ुआ की ओर जाने वाली सड़क के किनारे रखे गए कूड़ेदान से कूड़ा नहीं उठाया गया था।
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सफाई व फाॅगिंग के ये संसाधन हैं मौजूद
नगर पालिका के पास सफाई के लिए एक बड़ा व एक छोटो पोकलैन मशीन, एक जेसीबी, एक लोडर, दो टाटा 407, चार ट्रैक्टर-ट्राॅली उपलब्ध हैं। फागिंग के लिए तीन मशीन में से दो एक बैरल की मशीन ठीक हालत में है। जबकि एक गोरखपुर बनने गई है। 10 स्प्रे मशीन भी है।
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361 कर्मियों के भरोसे सफाई व्यवस्था
नगर पालिका में इस समय सफाई व अन्य कार्य के लिए 361 कर्मियों की तैनाती है। इनमें15 नियमित, 53 संविदा, 10 दैनिक व 283 ठेके वाले कर्मी हैं। इन कर्मियों के वेतन पर माह में करीब 47 लाख रुपये खर्च होते हैं।
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फाॅगिंग कार्य पर माह में खर्च होते हैं ढाई लाख
प्रतिदिन होने वाले छिड़काव के दौरान 40 लीटर से अधिक डीजल, आठ लीटर पेट्रोल, दो लीटर मैलाथियान व चूना ब्लीचिंग आदि पर आठ हजार से अधिक खर्च होते है। ऐसे में मच्छरों के प्रकोप से बचने व सफाई संबंधी सामग्री पर प्रतिमाह ढाई लाख से अधिक रुपये खर्च होते हैं।
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चिउरहां मार्ग स्थित नाली की नियमित सफाई न होने से सुबह-शाम मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे दुकानदारों व स्थानीय लोगों को परेशानी होती है।
अरविंद मौर्य, विस्मिल नगर
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नगर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार किया जा रहा है। नियमित रूप से सफाई का प्रबंध किया जाना आवश्यक है।
आदित्य राज, सुभाष नगर
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कोट
शहर को साफ-सुथरा रखना एवं बुनियादी सुविधाओं की बहाली प्राथमिकता में है। प्रारंभिक समय होने की वजह से बजट के साथ-साथ अन्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। नियमित रूप से कार्यक्रम होने से कर्मी भी प्रभावित हो रहे हैं। फिर भी उपलब्ध संसाधनों व व्यवस्था में अच्छा करने का प्रयास जारी है। भविष्य में सफाई व बुनियादी सुविधा संबंधी व्यवस्था में व्यापक सुधार दिखेगा।
-डॉ. पुष्पलता मंगल, नगर पालिका अध्यक्ष
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नगर पालिका परिषद सफाई कर्मियों व सामग्रियों की उपलब्धता पर खर्च की जाती है यह धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नगर पालिका परिषद शहर में सफाई व्यवस्था व फॉगिंग पर हर माह करीब 50 लाख रुपये खर्च करती है। बावजूद इसके मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। मुख्य मार्गों व वार्डों की नालियों में नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। इससे जल व मच्छर जनित रोगों के फैलने की आशंका बनी हुई है।
नगर पालिका परिषद महराजगंज में 25 वार्ड हैं। सीमा विस्तारित होने के बाद वार्डों के साथ शहर का दायरा भी बढ़ा है। विस्तारित सीमा में न तो नाली बन सकी है और न ही लोगों को जलनिकासी सुविधा का लाभ मिल पा रहा है। पुरानी सीमा में नालियों की सफाई का दावा पालिका की ओर से किया जा रहा है, मगर उनका दावा केवल दावा है। नगर के विभिन्न मार्गों व वार्डों में बृहस्पतिवार को सफाई व फॉगिंग व्यवस्था की पड़ताल की गई तो नालियां गंदगी से पटी व जाम दिखीं। जगह-जगह पानी में मच्छर पनपते दिखे।
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निचलौल मार्ग पर बस स्टेशन के सामने से गुजरी नाली कूड़ा-करकट से पटा है। देखने से लगता है कि तीन-चार दिनों से सफाई नहीं हुई है। आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह-शाम मच्छर डंक मारने से नहीं चूकते हैं।
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मऊपाकड़ से चौक जाने वाली सड़क के किनारे से गुजरने वाली नाली में भी कूड़ा-करकटनजर आया। गंदगी की वजह से मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से लोगों का जीना मुहाल है। चिउरहां मार्ग पर बनी नाली भी न सिर्फ गंदगी से पटी मिली, बल्कि उसमें पॉलिथीन व अन्य सामग्री तैरते नजर आए। चिउरहां वार्ड से गबड़ुआ की ओर जाने वाली सड़क के किनारे रखे गए कूड़ेदान से कूड़ा नहीं उठाया गया था।
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सफाई व फाॅगिंग के ये संसाधन हैं मौजूद
नगर पालिका के पास सफाई के लिए एक बड़ा व एक छोटो पोकलैन मशीन, एक जेसीबी, एक लोडर, दो टाटा 407, चार ट्रैक्टर-ट्राॅली उपलब्ध हैं। फागिंग के लिए तीन मशीन में से दो एक बैरल की मशीन ठीक हालत में है। जबकि एक गोरखपुर बनने गई है। 10 स्प्रे मशीन भी है।
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361 कर्मियों के भरोसे सफाई व्यवस्था
नगर पालिका में इस समय सफाई व अन्य कार्य के लिए 361 कर्मियों की तैनाती है। इनमें15 नियमित, 53 संविदा, 10 दैनिक व 283 ठेके वाले कर्मी हैं। इन कर्मियों के वेतन पर माह में करीब 47 लाख रुपये खर्च होते हैं।
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फाॅगिंग कार्य पर माह में खर्च होते हैं ढाई लाख
प्रतिदिन होने वाले छिड़काव के दौरान 40 लीटर से अधिक डीजल, आठ लीटर पेट्रोल, दो लीटर मैलाथियान व चूना ब्लीचिंग आदि पर आठ हजार से अधिक खर्च होते है। ऐसे में मच्छरों के प्रकोप से बचने व सफाई संबंधी सामग्री पर प्रतिमाह ढाई लाख से अधिक रुपये खर्च होते हैं।
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चिउरहां मार्ग स्थित नाली की नियमित सफाई न होने से सुबह-शाम मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे दुकानदारों व स्थानीय लोगों को परेशानी होती है।
अरविंद मौर्य, विस्मिल नगर
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नगर में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार किया जा रहा है। नियमित रूप से सफाई का प्रबंध किया जाना आवश्यक है।
आदित्य राज, सुभाष नगर
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कोट
शहर को साफ-सुथरा रखना एवं बुनियादी सुविधाओं की बहाली प्राथमिकता में है। प्रारंभिक समय होने की वजह से बजट के साथ-साथ अन्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। नियमित रूप से कार्यक्रम होने से कर्मी भी प्रभावित हो रहे हैं। फिर भी उपलब्ध संसाधनों व व्यवस्था में अच्छा करने का प्रयास जारी है। भविष्य में सफाई व बुनियादी सुविधा संबंधी व्यवस्था में व्यापक सुधार दिखेगा।
-डॉ. पुष्पलता मंगल, नगर पालिका अध्यक्ष