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Maharajganj News: रहें सतर्क..., आपको ठगने की फिराक में हैं खाता किराए पर लेने वालों का नेटवर्क

Mon, 20 Jul 2026 01:56 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 01:56 AM IST
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Stay alert... a network of people looking to rent accounts is out to scam you.
ग्राहक सेवा केंद्र की मिलीभगत से चल रहा है खेल
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पुलिस की सलाह: अनुदान के धोखे में न आएं, सोशल मीडिया पर लुभावने ऑफर से बचें
महराजगंज। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे महराजगंज में इन दिनों यहां म्यूल अकाउंट के जरिये ठगी का खेल चल रहा है। कम पढ़े-लिखे ग्रामीण साइबर जालसाजों के निशाने पर हैं। इस तरह के खातों की उपलब्धता के लिए जिले में एक नेटवर्क सक्रिय है जो ग्रामीणों को अनुदान दिलाने या ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों की मिलीभगत से किराये पर खाता उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है। साइबर पुलिस इस नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि अनुदान और चंद रुपयों के धोखे में न आए, वरना साइबर जालसाजों के चंगुल में फंस सकते हैं।
साइबर थाना महराजगंज के साइबर क्राइम विशेषज्ञ प्रफुल्ल यादव ने बताया कि यह नेटवर्क 20 से 25 हजार रुपये का लालच देकर लोगों के बैंक खाता किराये पर लेते हैं और जालसाजी करने वालों को उपलब्ध कराते हैं। ठगी की रकम पहले इन्हीं खातों में जमा कराई जाती है। फिर कुछ ही मिनटों में कई अन्य खातों में स्थानांतरित कर दी जाती है। इससे रकम का स्रोत तलाश कर पाना हमलोगों के लिए मुश्किल हो जाता है।
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पिछले माह से लगातार ऐसे मामले आ रहे हैं जिसमें खाताधारक को पता ही नहीं रहता और जालसाज किराए पर उनका खाता लेकर रकम मंगाते हैं और फिर उस रकम को डिजिटल तरीकों से कई अन्य खातों में भेज देते हैं। शिकायत के बाद इन खातों को ट्रेस करने में असुविधा उत्पन्न होती है और काफी समय लग जाता है। तब-तक ठग उस खाते में मंगाई रकम दूसरे खातों के जरिये अपने पास सुरक्षित कर लेते हैं।
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क्या है म्यूल अकाउंट
महराजगंज के लीड बैंक मैनेजर भूपेंद्र मिश्रा ने बताया म्यूल अकाउंट एक ऐसा बैंक खाता है जो अवैध लेन-देन से प्राप्त धन को स्थानांतरित करने का माध्यम बनता है। इसे ऐसे लोग संचालित कर सकते हैं जो उच्च आय के प्रलोभन या लालच के कारण अकाउंट उपयोग के लिए उपलब्ध कराते है। म्यूल खाता निगरानी के लिए सिर्फ एसबीआई में एमलास साॅफ्टवेयर का प्रावधान है। बाकी बैंकों को भी निगरानी साॅफ्टवेयर का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
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जानिए, किस तरह ठगे जा रहे हैं लोग
केस एक
जुलाई के पहले सप्ताह में निचलौल निवासी एक दुकानदार का बैंक खाता नंबर अकाउंट किराए पर लेने वाले सिंडिकेट के हाथ लग गया। इसे उन्होंने साइबर ठगों को दिया। इस खाते में आगरा की एक महिला से साइबर ठगों ने रकम मंगाई और अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया। महिला ने जब आगरा में प्राथमिकी दर्ज कराईतो पड़ताल में खाता निचलौल के एक दुकानदार का पाया गया। दुकानदार को इस बारे में कुछ पता ही नहीं था। इस
मामले में छह लोगों के खिलाफ साइबर ठगी की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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केस-2
बीते सप्ताह नगर पालिका परिषद के आजादनगर निवासी के बैंक खाते में कई जगह से ठगी की राशि मंगाई गई और उक्त राशि कई अन्य खातों में ट्रांसफर की गई। जब जांच में व्यक्ति का नाम आया और उससे पूछताछ हुई तो उसने ऐसी जानकारी से इन्कार किया। निश्चित तौर पर ठगों ने किसी तरह उसका नंबर प्राप्त कर ठगी की रकम मंगाने में किया था। इस मामले में खाता धारक के नाम से साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पड़ताल की जा रही है।
एक्सपर्ट की सलाह पर ध्यान देकर बच सकते हैं ठगी से
साइबर क्राइम एक्सपर्ट प्रफुल्ल के मुताबिक, साइबर अपराधी तकनीक से ज्यादा मनोविज्ञान (सोशल इंजीनियरिंग) का इस्तेमाल करते हैं। पहले डर, लालच या जल्दबाजी पैदा करते हैं, फिर कुछ ही सेकंड में लोगों से गलती करवा देते हैं। बैंक, पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर कोई भी फोन पर ओटीपी, यूपीआई पिन, सीबीवी (कार्ड वेरीफिकेशन वैल्यू) या स्क्रीन शेयर करने को कहे तो फोन तुरंत कॉल काटें।

जालसाजों के जाल में फंस जाएं तो ये उपाय अपनाएं

- 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
- राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
- अपने बैंक को तत्काल ट्रांजेक्शन रोकने की सूचना दें।
- मोबाइल, बैंक खाते व ईमेल के पासवर्ड तुरंत बदलें।
- ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक विवरण किसी से साझा न करें।
क्या करें और क्या नहीं
- प्रत्येक ऑनलाइन खाते के लिए अलग, बड़ा व मजबूत पासवर्ड बनाएं। समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें।
- महत्वपूर्ण ऑनलाइन खातों में दो-चरण सत्यापन विकल्प एक्टिव करें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान कॉल, मैसेज या ई-मेल पर कोई जानकारी शेयर न करें।
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साइबर अपराधी ठगी के तरीके समय-समय पर बदल रहे हैं। म्यूल अकाउंट के जरिये ठगी मामले में भी साइबर ठगों को खाता उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की पड़ताल हो रही है।
अंकुर गौतम, पुलिस क्षेत्राधिकारी, महराजगंज
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