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हड़ताल के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Aug 2016 12:24 AM IST
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विकास भवन कार्यालय में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले कर्मचारियों ने धरना दिया।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। मांगों को लेकर बुधवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना दिया। जिलाध्यक्ष भागवत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार विगत चार साल से कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा नहीं कर रही है। कैशलेस इलाज, केंद्र के बराबर मकान किराया भत्ता और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली की मांग हर दृष्टि से उचित है। फिर भी सरकार हीलाहवाली कर रही है।
उन्होंने कहा कि आशा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मियों, आंगनबाड़ी, ग्राम रोजगार सेवक आदि राजकिय कर्मचारियों की दस मांगों का लिखित समझौता होने के बाद भी शासनादेश जारी नहीं हो रहा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद लगातार धरना, रैली, ज्ञापन के माध्यम से सरकार से इन मांगों को मानने के लिए अनुनय विनय करता रहा है। अब कर्मचारियों के सामने हड़ताल के सिवाय अन्य कोई रास्ता नहीं बचा है।
उपाध्यक्ष कौशल किशोर चौबे ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को सिर्फ धोखा देने का काम किया है। आर-पार की लड़ाई लडने का वक्त आ गया है। जिला संयोजक घनश्याम पांडेय ने कहा कि सरकार ने पूरे प्रदेश में अराजकता फैला रखा है। अगले चुनाव में सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। इस अवसर पर प्रद्युम्मन सिंह, जिलामंत्री अखिलेश्वर त्रिपाठी, संतोष श्रीवास्तव, प्रेमचन्द्र आदि लोगों ने संबोधित किया। इस दौरान मंजू वर्मा, संख्या, रूपा सरिता, किरन गुप्ता, जय प्रकाश यादव, राम दुलारे, राजेन्द्र के अलावा तमाम कर्मचारी उपस्थित रहे।
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फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार, प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राज्य कर्मचारियों ने अपने कार्यालयों में तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मांगे पूरी होने तक धरना जारी रखने की घोषणा की है।
फरेंदा तहसील कार्यालय में तैनात राज्य कर्मचारियों ने तहसील परिसर तीन दिवसीय धरना शुरू किया। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, कर्मचारियों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था, केंद्रीय कर्मचारी की तरह मकान किराया, पदोन्नति वेतनमान, वेतन विसंगति दूर करने और संविदा कर्मचारी के प्रमोशन आदि मांगों को लेकर कर्मचारियों ने बुधवार को धरना शुरू किया।
चकबंदी लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश सिंह ने कहा कि राज्य कर्मचारियों के साथ प्रदेश सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो कर्मचारी इसका जवाब आगामी विधान सभा चुनाव में देंगे। धरना में राजस्व संग्रह अमीन संघ, चंकबंदी संघ, स्वास्थ्य विभाग, सहित विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने सहयोग दिया। इस दौरान एडीओ पंचायत गुलाब पाठक, ओपी तिवारी, चंद्रमणि त्रिपाठी, रामगोपाल, अर्जुन लाल, रामसंदेश, मुक्तार अहमद, जोगिन्दर व भरत भूषण आदि रहे।
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उन्होंने कहा कि आशा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मियों, आंगनबाड़ी, ग्राम रोजगार सेवक आदि राजकिय कर्मचारियों की दस मांगों का लिखित समझौता होने के बाद भी शासनादेश जारी नहीं हो रहा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद लगातार धरना, रैली, ज्ञापन के माध्यम से सरकार से इन मांगों को मानने के लिए अनुनय विनय करता रहा है। अब कर्मचारियों के सामने हड़ताल के सिवाय अन्य कोई रास्ता नहीं बचा है।
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उपाध्यक्ष कौशल किशोर चौबे ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों को सिर्फ धोखा देने का काम किया है। आर-पार की लड़ाई लडने का वक्त आ गया है। जिला संयोजक घनश्याम पांडेय ने कहा कि सरकार ने पूरे प्रदेश में अराजकता फैला रखा है। अगले चुनाव में सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे। इस अवसर पर प्रद्युम्मन सिंह, जिलामंत्री अखिलेश्वर त्रिपाठी, संतोष श्रीवास्तव, प्रेमचन्द्र आदि लोगों ने संबोधित किया। इस दौरान मंजू वर्मा, संख्या, रूपा सरिता, किरन गुप्ता, जय प्रकाश यादव, राम दुलारे, राजेन्द्र के अलावा तमाम कर्मचारी उपस्थित रहे।
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फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार, प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर राज्य कर्मचारियों ने अपने कार्यालयों में तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मांगे पूरी होने तक धरना जारी रखने की घोषणा की है।
फरेंदा तहसील कार्यालय में तैनात राज्य कर्मचारियों ने तहसील परिसर तीन दिवसीय धरना शुरू किया। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, कर्मचारियों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था, केंद्रीय कर्मचारी की तरह मकान किराया, पदोन्नति वेतनमान, वेतन विसंगति दूर करने और संविदा कर्मचारी के प्रमोशन आदि मांगों को लेकर कर्मचारियों ने बुधवार को धरना शुरू किया।
चकबंदी लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश सिंह ने कहा कि राज्य कर्मचारियों के साथ प्रदेश सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो कर्मचारी इसका जवाब आगामी विधान सभा चुनाव में देंगे। धरना में राजस्व संग्रह अमीन संघ, चंकबंदी संघ, स्वास्थ्य विभाग, सहित विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों ने सहयोग दिया। इस दौरान एडीओ पंचायत गुलाब पाठक, ओपी तिवारी, चंद्रमणि त्रिपाठी, रामगोपाल, अर्जुन लाल, रामसंदेश, मुक्तार अहमद, जोगिन्दर व भरत भूषण आदि रहे।