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Maharajganj News: अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत वितरित किया जा रहा चश्मा
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अब तक 1,909 बच्चों और 1,161 बुजुर्गों को मिल चुका है चश्मा
2671 बच्चों और 1335 बुजुर्गों को निशुल्क चश्मा वितरण शुरू
महराजगंज। दृष्टि संबंधी समस्याओं से जूझ रहे बच्चों और बुजुर्गों को राहत देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत निशुल्क चश्मा वितरण अभियान शुरू किया है। कार्यक्रम का लक्ष्य 2,671 बच्चों और 1,335 बुजुर्गों को चश्मा उपलब्ध कराना है। नेत्र परीक्षण से लेकर चश्मा वितरण तक की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 1,909 बच्चों और 1,161 बुजुर्गों का नेत्र परीक्षण कर चश्मा वितरित किया जा चुका है। स्कूलों में विशेष टीम भेजकर बच्चों के नेत्र परीक्षण की व्यवस्था की गई थी। चश्मों की आवश्यकता वाले बच्चों की सूची तैयार की गई। इसी के तहत विभिन्न विद्यालयों में शिविर लगाकर बच्चों को चश्मे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य अंधता के बढ़ते मामलों को रोकना और शुरुआती स्तर पर ही दृष्टि दोष का इलाज सुनिश्चित करना है। स्कूल जाने वाले बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्या पढ़ाई पर असर डालती है। चश्मा देना उनके शैक्षणिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। बुजुर्गों के लिए यह सुविधा रोजमर्रा की जिंदगी को सुगम बनाने में सहायक होगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी भी कई लाभार्थियों का चश्मा वितरण प्रक्रिया में है।
वर्जन
यदि किसी बच्चे या बुजुर्ग को दृष्टि संबंधी समस्या हो तो वे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर परीक्षण अवश्य करवाएं। यह पूरी तरह निशुल्क है।
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2671 बच्चों और 1335 बुजुर्गों को निशुल्क चश्मा वितरण शुरू
महराजगंज। दृष्टि संबंधी समस्याओं से जूझ रहे बच्चों और बुजुर्गों को राहत देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत निशुल्क चश्मा वितरण अभियान शुरू किया है। कार्यक्रम का लक्ष्य 2,671 बच्चों और 1,335 बुजुर्गों को चश्मा उपलब्ध कराना है। नेत्र परीक्षण से लेकर चश्मा वितरण तक की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 1,909 बच्चों और 1,161 बुजुर्गों का नेत्र परीक्षण कर चश्मा वितरित किया जा चुका है। स्कूलों में विशेष टीम भेजकर बच्चों के नेत्र परीक्षण की व्यवस्था की गई थी। चश्मों की आवश्यकता वाले बच्चों की सूची तैयार की गई। इसी के तहत विभिन्न विद्यालयों में शिविर लगाकर बच्चों को चश्मे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य अंधता के बढ़ते मामलों को रोकना और शुरुआती स्तर पर ही दृष्टि दोष का इलाज सुनिश्चित करना है। स्कूल जाने वाले बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्या पढ़ाई पर असर डालती है। चश्मा देना उनके शैक्षणिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। बुजुर्गों के लिए यह सुविधा रोजमर्रा की जिंदगी को सुगम बनाने में सहायक होगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी भी कई लाभार्थियों का चश्मा वितरण प्रक्रिया में है।
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वर्जन
यदि किसी बच्चे या बुजुर्ग को दृष्टि संबंधी समस्या हो तो वे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर परीक्षण अवश्य करवाएं। यह पूरी तरह निशुल्क है।