{"_id":"63640926a6af2b02036fe9df","slug":"special-doctor-not-available-in-ditt-hospital-maharajganj-news-gkp456072112","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य
विज्ञापन
जिला अस्पताल में विशेषज्ञ नहीं, आयुष डॉक्टर के भरोसे चर्म रोग का इलाज
महराजगंज। जिला अस्पताल में चर्म रोग से पीड़ितों की संख्या काफी बढ़ गई है। प्रत्येक दिन आठ सौ मरीजों की ओपीडी में 150 से अधिक मरीज चर्म रोग से पीड़ित आ रहे हैं। हैरत की बात है कि इनका इलाज कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं, बल्कि आयुष डॉक्टर कर रहे हैं। लंबे समय से इलाज करा रहे मरीजों को कोई फायदा भी नहीं हो रहा है। मरीजों की समस्या पर अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं है।
बृहस्पतिवार को आयुष अनुभाग में डॉ. अनिल कुमार के कक्ष में बारी गांव की गुड्डी पहुंची। काउंटर से उन्होंने दो पर्चा बनाया था। एक पर्चा आंख दिखाने के लिए, तो दूसरा पर्चा बाहर निकले दाने का इलाज कराने के लिए। उन्होंने बताया कि पर्चा बनवाने के दौरान काउंटर पर पूछा तो वहां तैनात कर्मी ने सीधे आयुष अनुभाग का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने बताया कि कोई दवा फायदा नहीं कर रही है। पहले गांव के पास सीएचसी घुघली इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिलने पर जिला अस्पताल आई हूं। डॉ. अनिल कुमार ने चर्म रोग की समस्या से जुड़ी कुछ बातें पूछकर दवा लिख दी। बगल के कमरे में यूनानी पद्धति के चिकित्सक जावेद अली अंसारी के कक्ष में पांच मरीज खड़े मिले। इनमें चार चर्म रोग से ही पीड़ित थे। मरीजों ने बताया कि एक माह से अस्पताल की दवा खाने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है। लक्ष्मीपुर देउरवा गांव से आई सावित्री देवी को चुनचुनाहट के साथ दाने निकल गए थे। वह डॉक्टर से दिखाने के बाद दवा लेकर चली गईं। इसी तरह से एक घंटे के अंदर 20 से अधिक मरीज चर्म रोग के ही आयुष अनुभाग में इलाज कराने आए। मोहनापुर के राजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ है या नहीं, यह कोई बताने वाला नहीं है। अस्पताल में चर्म रोग का इलाज भगवान भरोसे किया जा रहा है। मरीजों को फायदा मिले या नहीं, इससे किसी को कोई मतलब नहीं है। जब विशेषज्ञ डॉक्टर इलाज नहीं करेंगे तो बीमारी कहां से दूर होगी।
---
जब कोई मरीज मेरे पास आता है, तो उसका इलाज करता हूं। सामान्य समस्या के लिए मरीज डॉक्टरों से परामर्श लेकर दवा लेते हैं। अस्पताल में बेहतर इलाज की व्यवस्था है।
विज्ञापन
डॉ. एके द्विवेदी, प्रभारी सीएमएस/चर्म रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
महराजगंज। जिला अस्पताल में चर्म रोग से पीड़ितों की संख्या काफी बढ़ गई है। प्रत्येक दिन आठ सौ मरीजों की ओपीडी में 150 से अधिक मरीज चर्म रोग से पीड़ित आ रहे हैं। हैरत की बात है कि इनका इलाज कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं, बल्कि आयुष डॉक्टर कर रहे हैं। लंबे समय से इलाज करा रहे मरीजों को कोई फायदा भी नहीं हो रहा है। मरीजों की समस्या पर अस्पताल प्रशासन गंभीर नहीं है।
बृहस्पतिवार को आयुष अनुभाग में डॉ. अनिल कुमार के कक्ष में बारी गांव की गुड्डी पहुंची। काउंटर से उन्होंने दो पर्चा बनाया था। एक पर्चा आंख दिखाने के लिए, तो दूसरा पर्चा बाहर निकले दाने का इलाज कराने के लिए। उन्होंने बताया कि पर्चा बनवाने के दौरान काउंटर पर पूछा तो वहां तैनात कर्मी ने सीधे आयुष अनुभाग का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने बताया कि कोई दवा फायदा नहीं कर रही है। पहले गांव के पास सीएचसी घुघली इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिलने पर जिला अस्पताल आई हूं। डॉ. अनिल कुमार ने चर्म रोग की समस्या से जुड़ी कुछ बातें पूछकर दवा लिख दी। बगल के कमरे में यूनानी पद्धति के चिकित्सक जावेद अली अंसारी के कक्ष में पांच मरीज खड़े मिले। इनमें चार चर्म रोग से ही पीड़ित थे। मरीजों ने बताया कि एक माह से अस्पताल की दवा खाने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है। लक्ष्मीपुर देउरवा गांव से आई सावित्री देवी को चुनचुनाहट के साथ दाने निकल गए थे। वह डॉक्टर से दिखाने के बाद दवा लेकर चली गईं। इसी तरह से एक घंटे के अंदर 20 से अधिक मरीज चर्म रोग के ही आयुष अनुभाग में इलाज कराने आए। मोहनापुर के राजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ है या नहीं, यह कोई बताने वाला नहीं है। अस्पताल में चर्म रोग का इलाज भगवान भरोसे किया जा रहा है। मरीजों को फायदा मिले या नहीं, इससे किसी को कोई मतलब नहीं है। जब विशेषज्ञ डॉक्टर इलाज नहीं करेंगे तो बीमारी कहां से दूर होगी।
विज्ञापन
---
जब कोई मरीज मेरे पास आता है, तो उसका इलाज करता हूं। सामान्य समस्या के लिए मरीज डॉक्टरों से परामर्श लेकर दवा लेते हैं। अस्पताल में बेहतर इलाज की व्यवस्था है।
विज्ञापन
डॉ. एके द्विवेदी, प्रभारी सीएमएस/चर्म रोग विशेषज्ञ