{"_id":"620fee19fe246f14a55ede4a","slug":"son-died-and-deep-sory-maharajganj-news-gkp4273949160","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क हादसे में बेटे की मौत सोच कर कांप उठती रूह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क हादसे में बेटे की मौत सोच कर कांप उठती रूह
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सड़क हादसे में बेटे की मौत सोच कर कांप उठी रूह
फरेंदा (महराजगंज)। सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी से लोगों को अपनों के खोने का गम ताउम्र रहता है। लोग यातायात नियमों को ताक पर रख कर सड़क पर चलते हैं, जिसका खामियाजा उनको भुगतना पड़ता है। कोई अपना कमाऊ बेटा खोता है, तो कोई पति। बेटे की सड़क हादसे में मौत की बात सोचकर लीलावती की धड़कन बढ़ जाती है। बेटे की असमय मौत से पूरा परिवार टूट गया।
फरेंदा के रतनपुर निवासी लीलावती का 30 वर्षीय बेटा सचिन पासवान 16 अगस्त 2020 को महराजगंज-फरेंदा मार्ग पर बहादुरगढ़ के पास हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां वह जिंदगी की जंग हार गया। सचिन की मौत से पूरा परिवार टूट गया। सचिन बाइक चलाते समय हेलमेट भी पहने थे, लेकिन दूसरा वाहन अनियंत्रित होकर सीने पर चढ़ गया था। बेटे को खोने के बाद मां आज भी गुमसुम रहती हैं। बेटे की मौत का सदमा चेहरे पर दिखता है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घर के कमाऊं बेटे की मौत से मां लीलावती की रूह कांप उठती है। पति की असमय मौत के बाद सचिन पर परिवार की भरण पोषण करने की जिम्मेदारी थी, लेकिन सड़क दुर्घटना में उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। उनकी एक बच्ची भी है। अब सबसे छोटे बेटे शनि पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। मां लीलावती कहती हैं कि सड़क के नियमों का पालन करना सबकी जिम्मेेदारी है। किसी के साथ इस प्रकार की घटना होती है, तो उसके व उसके परिवार पर क्या बीतती हैं, यह सिर्फ पीड़ित ही समझ सकता है। यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है।
विज्ञापन
यातायात नियमों का पालन जरूरी : सीओ
सीओ सुनील दत्त दूबे ने बताया कि लोगों की छोटी-छोटी गलती के कारण सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। बाइक सवार हमेशा हेलमेट पहन कर वाहन चलाएं, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें। वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें। इधर-उधर न देखें, वाहन धीमी गति से चलाएं। खुद सुरक्षित रहकर दूसरों को भी सुरक्षित रखें।
विज्ञापन
फरेंदा (महराजगंज)। सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी से लोगों को अपनों के खोने का गम ताउम्र रहता है। लोग यातायात नियमों को ताक पर रख कर सड़क पर चलते हैं, जिसका खामियाजा उनको भुगतना पड़ता है। कोई अपना कमाऊ बेटा खोता है, तो कोई पति। बेटे की सड़क हादसे में मौत की बात सोचकर लीलावती की धड़कन बढ़ जाती है। बेटे की असमय मौत से पूरा परिवार टूट गया।
फरेंदा के रतनपुर निवासी लीलावती का 30 वर्षीय बेटा सचिन पासवान 16 अगस्त 2020 को महराजगंज-फरेंदा मार्ग पर बहादुरगढ़ के पास हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां वह जिंदगी की जंग हार गया। सचिन की मौत से पूरा परिवार टूट गया। सचिन बाइक चलाते समय हेलमेट भी पहने थे, लेकिन दूसरा वाहन अनियंत्रित होकर सीने पर चढ़ गया था। बेटे को खोने के बाद मां आज भी गुमसुम रहती हैं। बेटे की मौत का सदमा चेहरे पर दिखता है।
विज्ञापन
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घर के कमाऊं बेटे की मौत से मां लीलावती की रूह कांप उठती है। पति की असमय मौत के बाद सचिन पर परिवार की भरण पोषण करने की जिम्मेदारी थी, लेकिन सड़क दुर्घटना में उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। उनकी एक बच्ची भी है। अब सबसे छोटे बेटे शनि पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। मां लीलावती कहती हैं कि सड़क के नियमों का पालन करना सबकी जिम्मेेदारी है। किसी के साथ इस प्रकार की घटना होती है, तो उसके व उसके परिवार पर क्या बीतती हैं, यह सिर्फ पीड़ित ही समझ सकता है। यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है।
विज्ञापन
यातायात नियमों का पालन जरूरी : सीओ
सीओ सुनील दत्त दूबे ने बताया कि लोगों की छोटी-छोटी गलती के कारण सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। बाइक सवार हमेशा हेलमेट पहन कर वाहन चलाएं, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें। वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें। इधर-उधर न देखें, वाहन धीमी गति से चलाएं। खुद सुरक्षित रहकर दूसरों को भी सुरक्षित रखें।