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कहीं संसाधन का अभाव तो कहीं धूल फांक रहा सामान

Tue, 14 Sep 2021 11:44 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 11:44 PM IST
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Somewhere there is a lack of resources and somewhere the stuff is gathering dust.
कहीं संसाधन का अभाव तो कहीं धूल फांक रहा सामान
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महिला अस्पताल में बेड से लेकर अन्य जरूरी सामान इधर उधर पड़े हैं
महिला अस्पताल में छत पर पसरा गंदा पानी, कमरे में कूड़ा कचरा
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। महिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए रखे गए जरूरी संसाधनों पर धूल की परत चढ़ी है। बेड से लेकर सभी जरूरी सामान कमरे में बेतरतीब पड़े हैं। वर्तमान में यहां टीका लगाया जाता है। साथ ही इसे कोविड अस्पताल भी बनाया गया है। पॉजिटिव केस बढ़ने पर यहीं भर्ती किया जाता है। जिले में कोरोना का असर कम होते ही इसे टीकाकरण केंद्र बना दिया गया है। दूसरी ओर से महिला अस्पताल में रखे गए जरूरी उपकरण बेकार हो रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में संसाधनों के अभाव में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके, इसके लिए महिला अस्पताल बनाया गया है। इसे आधुनिक संसाधनों से लैस किया गया है। प्रत्येक तल पर जाने के लिए लिफ्ट की सुविधा है। जिला अस्पताल में बेड़ का अभाव है, वहीं महिला अस्पताल में सामान खराब हो रहे हैं। महिला अस्पताल में मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में ले जाने वाली व्हीलचेयर को सीढ़ी के नीचे बेतरतीब ढंग से रखा गया है। आधुनिक सुविधाओं से लैस बेड पर धूल की परत जमी है। इतना ही नहीं मरीजों को एक तल से दूसरे तल पर ले जाने के लिए लगी लिफ्ट का भी प्रयोग नहीं होता है। अस्पताल में कई उपकरण हैं, जो खराब हो रहे हैं। लेकिन इस पर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। वहीं दूसरी तरफ जिला अस्पताल में बेड के अभाव में दिक्कतें दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं। जिला अस्पताल में नवजात शिशु देख भाल इकाई में 20 बेड़ हैं। इसमें 50 से 60 बच्चे प्रतिदिन भर्ती हो रहे हैं। वहीं जेई-एईएस और ईटीसी वार्ड में भी बेड़ की कमी के कारण एक एक बेड़ पर दो-दो मरीजों को इलाज हो रहा है। लेकिन जिम्मेदार इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
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छत पर शौचालय का गंदा पानी भरा
महिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था बदहाल है। एक रूम में ही कबाड़ रखा जा रहा है। वहीं लिफ्ट के आगे कूड़ेदान भी भरा है। इतना ही नहीं तीसरे तल की एक छत पर शौचालय का खराब पानी फैला है, जो संक्रमण को दावत दे रहा है। इस पर किसी की नजर नहीं पड़ रही है। अगर बरसात हुई तो अस्पताल के कमरों में भी खराब पानी जा सकता है।
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पेयजल के लिए परेशान रहते हैं लोग
महिला अस्पताल में पेयजल का प्रबंध नहीं है। अस्पताल में लगी मोटर भी ठीक से कार्य नहीं कर रही है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में कहीं भी पेयजल के लिए कोई हैंडपंप नहीं है। ऐसे में कोविड अस्पताल में टीकाकरण के लिए आने वाले लोगों को पानी खरीदना पड़ता है।

महिला अस्पताल में रखे गए सभी सामान सुरक्षित हैं। उसकी समुचित देखभाल की जा रही है। समय समय पर सफाई कराई जाती है। जिला अस्पताल में भी व्यवस्था ठीक कर दी गई है। उपलब्ध संसाधनों से बेहतर ढंग से कार्य करने का प्रयास जारी है।
डॉ. एके राय, सीएमएस
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