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Maharajganj News: सहालग में बढ़ी नेपाली शराब की तस्करी, धंधेबाज हो रहे मालामाल
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भारत में 55 रुपये में मिलती है देसी शराब, 20 से 40 रुपये में मिल जाती है नेपाली शराब
सस्ती होने की वजह से नेपाली शराब की होती है मांग, नेपाल में 20 रुपये की शीशी वाली शराब भारत में बिकती है 40 में
ठूठीबारी। भारत के देसी शराब से सस्ती होने के कारण भारतीय क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में नेपाली शराब की तस्करी बढ़ गई है। आए दिन नेपाली शराब तस्करी के कई मामले सामने आ रहे हैं। तस्करी की मुख्य वजह नेपाली शराब का सस्ता होना बताया जा रहा है। नेपाली शराब की तस्करी कर धंधेबाज दो गुना तक मुनाफा कमा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सहालग में नेपाली शराब की मांग बढ़ जाती है। मांग की पूर्ति करने के लिए सीमावर्ती इलाकों में नेपाली शराब की तस्करी बढ़ गई है। नेपाली शराब सस्ती होने के कारण भारतीय सीमा क्षेत्र में इसकी डिमांड अधिक है। भारतीय देसी शराब कम से कम 55 रुपये में मिलती है जबकि नेपाल में सस्ती शराब 20 से 40 रुपये में एक शीशी मिल जाती है। इस शराब की निम्न मध्यमवर्ग के लोगों में मांग अधिक है। सूत्रों के अनुसार, यह शराब बिहार के इलाकों तक पहुंचाई जाती है।
नेपाल में 20 रुपये शीशी बिकने वाली शराब भारतीय सीमा क्षेत्र के गांवों में दोगुना से अधिक दाम में बिकने लगती है। 20 रुपये वाली शराब 40 में और 40 में बिकने वाली शराब 65 रुपये में बेची जाती है। नाम न छापने की बात पर एक तस्कर ने बताया कि शादी-विवाह, धान की रोपाई के दिन होने की वजह से नेपाल में बने सौंफी, स्टार, रहर नाम की सस्ती नेपाली शराब की तस्करी भारतीय क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में अधिक हो रही है।
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वर्जन
बॉर्डर पर नेपाली शराब की तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस व बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम कार्रवाई करती रहती है। अक्सर जांच अभियान चलाया जाता है।
- रविंद्र कुमार तिवारी, क्षेत्राधिकारी, निचलौल
इन गांवों में ज्यादा बिकती है नेपाली शराब
ठूठीबारी, रामनगर, किशुनपुर, पिपरडाढा, चटियां, भरवलियां, तुर्कहियां, मोहम्मदपुर, नौनियां, लोहरौली, बोदना, बकुलडीहा, करदह, कडजा, गडौरा, बेलवां, डिगही, भगवानपुर, मैरी, सुकरहर, निपनियां, निचलौल क्षेत्र के रेगहियां, मटरा, धमउर, सीतलापुर, बहुआर, कनमिशवां आदि बॉर्डर क्षेत्र के गांव में धड़ल्ले से नेपाली शराब बेची जा रही है। वहीं स्थानीय पुलिस गांवों में हो रहे शराब की बिक्री से अनभिज्ञ बनी हुई है।
केस नंबर एक
28 अप्रैल को आबकारी निरीक्षक वैभव कुमार यादव के नेतृत्व में एसएसबी की संयुक्त टीम ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत नेपाल बाॅर्डर के पिलर संख्या 505 के पास पगडंडी रास्ते पर बोरे में भरी 500 शीशी नेपाली शराब बरामद किया था।
केस नंबर दो
24 मार्च को निचलौल थाना क्षेत्र के बहुआर गांव के लाइन टोला के करीब पिलर संख्या 500 के समीप भारतीय सीमा क्षेत्र में एक बाइक पर लदा 33 पेटी नेपाली शराब बरामद किया गया था। यह कार्रवाई आबकारी निरीक्षक वैभव कुमार यादव के नेतृत्व में एसएसबी की संयुक्त टीम ने की थी।
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सस्ती होने की वजह से नेपाली शराब की होती है मांग, नेपाल में 20 रुपये की शीशी वाली शराब भारत में बिकती है 40 में
ठूठीबारी। भारत के देसी शराब से सस्ती होने के कारण भारतीय क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में नेपाली शराब की तस्करी बढ़ गई है। आए दिन नेपाली शराब तस्करी के कई मामले सामने आ रहे हैं। तस्करी की मुख्य वजह नेपाली शराब का सस्ता होना बताया जा रहा है। नेपाली शराब की तस्करी कर धंधेबाज दो गुना तक मुनाफा कमा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सहालग में नेपाली शराब की मांग बढ़ जाती है। मांग की पूर्ति करने के लिए सीमावर्ती इलाकों में नेपाली शराब की तस्करी बढ़ गई है। नेपाली शराब सस्ती होने के कारण भारतीय सीमा क्षेत्र में इसकी डिमांड अधिक है। भारतीय देसी शराब कम से कम 55 रुपये में मिलती है जबकि नेपाल में सस्ती शराब 20 से 40 रुपये में एक शीशी मिल जाती है। इस शराब की निम्न मध्यमवर्ग के लोगों में मांग अधिक है। सूत्रों के अनुसार, यह शराब बिहार के इलाकों तक पहुंचाई जाती है।
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नेपाल में 20 रुपये शीशी बिकने वाली शराब भारतीय सीमा क्षेत्र के गांवों में दोगुना से अधिक दाम में बिकने लगती है। 20 रुपये वाली शराब 40 में और 40 में बिकने वाली शराब 65 रुपये में बेची जाती है। नाम न छापने की बात पर एक तस्कर ने बताया कि शादी-विवाह, धान की रोपाई के दिन होने की वजह से नेपाल में बने सौंफी, स्टार, रहर नाम की सस्ती नेपाली शराब की तस्करी भारतीय क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में अधिक हो रही है।
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बॉर्डर पर नेपाली शराब की तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस व बॉर्डर पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीम कार्रवाई करती रहती है। अक्सर जांच अभियान चलाया जाता है।
- रविंद्र कुमार तिवारी, क्षेत्राधिकारी, निचलौल
इन गांवों में ज्यादा बिकती है नेपाली शराब
ठूठीबारी, रामनगर, किशुनपुर, पिपरडाढा, चटियां, भरवलियां, तुर्कहियां, मोहम्मदपुर, नौनियां, लोहरौली, बोदना, बकुलडीहा, करदह, कडजा, गडौरा, बेलवां, डिगही, भगवानपुर, मैरी, सुकरहर, निपनियां, निचलौल क्षेत्र के रेगहियां, मटरा, धमउर, सीतलापुर, बहुआर, कनमिशवां आदि बॉर्डर क्षेत्र के गांव में धड़ल्ले से नेपाली शराब बेची जा रही है। वहीं स्थानीय पुलिस गांवों में हो रहे शराब की बिक्री से अनभिज्ञ बनी हुई है।
केस नंबर एक
28 अप्रैल को आबकारी निरीक्षक वैभव कुमार यादव के नेतृत्व में एसएसबी की संयुक्त टीम ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत नेपाल बाॅर्डर के पिलर संख्या 505 के पास पगडंडी रास्ते पर बोरे में भरी 500 शीशी नेपाली शराब बरामद किया था।
केस नंबर दो
24 मार्च को निचलौल थाना क्षेत्र के बहुआर गांव के लाइन टोला के करीब पिलर संख्या 500 के समीप भारतीय सीमा क्षेत्र में एक बाइक पर लदा 33 पेटी नेपाली शराब बरामद किया गया था। यह कार्रवाई आबकारी निरीक्षक वैभव कुमार यादव के नेतृत्व में एसएसबी की संयुक्त टीम ने की थी।