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Maharajganj News: कनमिसवा बाॅर्डर पर तस्करों ने एसएसबी जवान पर किया हमला, गाड़ी तोड़ी
Fri, 19 Jul 2024 04:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 19 Jul 2024 04:51 AM IST
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तस्करों के हमले में जवानों के वाहन का टूटा शीशा।
महराजगंज/निचलौल। नेपाल सीमा पर स्थित कनमिसवा गांव में बृहस्पतिवार भोर में तस्करों ने एसएसबी जवानों पर हमला कर दिया। इस हमले में एसएसबी का एक इंस्पेक्टर जख्मी हो गया। एसएसबी का गश्ती वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। साथ ही एक इंस्पेक्टर भी जख्मी हो गया है। घायल इंस्पेक्टर की तहरीर पर 16 नामजद समेत 41 के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गईं हैं।
माना जा रहा है, की जवानों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इससे आक्रोशित होकर तस्कर जवानों की कभी वाहन चोरी कर तो कभी जानलेवा हमला कर डराने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह की घटनाओं से सरहद की सुरक्षा में लगे जवानों के साथ ही सरहद से सटे गांव के लोग भी डरे हुए है। तस्करों के हमले से बॉर्डर पर पूरे दिन सरगर्मी देखने को मिली। पुलिस और एसएसबी के उच्चाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे मौके का जायजा लेते रहे।
जानकारी के मुताबिक, बृहस्पतिवार भोर में करीब सवा तीन बजे झुलनीपुर बीओपी की एसएसबी टीम को सूचना मिली की पिलर संख्या 499/4 से सटे कनमिसवा गांव के पास पिकअप से चाइनीज नाशपाती भारत लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसएसबी टीम गश्त करने वाली सरकारी वाहन से मौके पर पहुंच गई। टीम ने देखा की चाइनीज नाशपाती लदे दो पिकअप नो मेंस लैंड के रास्ते भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। एसएसबी को देखते ही दोनों पिकअप चालक वाहन छोड़ भाग निकले। इसकी सूचना सीमा शुल्क अधिकारियों को देकर जवान दोनों वाहनों का निरीक्षण करने लगे। इसी बीच अचानक भारी संख्या में तस्कर गोलबंद होकर लाठी डंडों के साथ आ धमके। एसएसबी के जवान कुछ समझ पाते इससे पहले तस्करों ने उनपर हमला कर दिया। इस दौरान इंस्पेक्टर (जीडी) मुकेश कुमार के बाएं हाथ पर चोट लगी है। किसी तरह एसएसबी के जवान वहां से बच कर निकले। इसके बाद तस्करों ने एसएसबी के सरकारी वाहन पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। हमले के बाद तस्कर अपने वाहन उठा ले गए।
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थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा की एसएसबी जवानों से मिली घटना की जानकारी के तत्काल बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंच घटना का जायजा लिया गया। एसएसबी की सख्ती के कारण तस्करों ने गुस्से में जवानों पर हमला किया है। एसएसबी के निरीक्षक मुकेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने संतोष यादव समेत 15 नामजद और 25 अज्ञात पर केस दर्ज कार्रवाई की जा रही है।
40 से 50 की संख्या में थे हमलावर
सूत्रों के मुताबिक, कनमिसवा बार्डर के रास्ते चाइनीज नाशपाती लेकर भारत की ओर आ रहे दोनों पिकअप चालक एसएसबी जवानों को देख भाग निकले। फिर इसकी जानकारी पिकअप चालकों ने नेपाल और भारत में बैठे तस्करों के मुख्य सरगनाओं को दी। तस्करी का वाहन रोकने की बात सुन तस्कर आक्रोशित हो उठे। फिर एसएसबी जवानों के चंगुल से पकड़े गए चाइनीज नाशपाती लदी दोनो पिकअप को छुड़ाने के लिए 40 से 50 की संख्या में तस्कर गोलबंद होकर लाठी डंडों के साथ मौके पर आ पहुंचे। तस्करों ने दुस्साहस दिखाते हुए जवानों और उनके वाहनों पर हमला कर पकड़ी गई दोनों पिकअप छुड़ा ले गए।
सरहद से लेकर शहरों तक सक्रिय हैं तस्कर
सूत्र बात रहें हैं की भारत-नेपाल का बार्डर खुला होने के कारण आसानी से तस्करी होती रहती है। भारत और नेपाल के गांवों को जोड़ने के लिए हर गांव में पगडंडी है। उसी से भारत के लोग नेपाल और नेपाल के लोग भारत आते रहते हैं और एक दूसरे के सुख-दुख के भागीदार बने रहते हैं। दोनो देशों में बैठे तस्कर इन्हीं पगडंडी का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। बार्डर से सटे भारत और नेपाल के हर गांव में तस्कर मौजूद हैं। यह तस्कर सरहद से लेकर निचलौल शहर तक काफी सक्रिय रहते है। फिर निचलौल शहर के आगे बड़े शहरों तक अवैध समानों को भेजने के लिए तस्कर दूसरे एजेंट पर निर्भर रहते है। सीमावर्ती गांवों से लेकर शहर तक तस्कर गोदाम बना रखे है।
घटना के बाद वायरल वीडियो बना चर्चा
एसएसबी जवानों पर हमला कर तस्करी की पकड़ी गई चाइनीज नाशपाती लदी दो पिकअप छुड़ाने के बाद 22 सेकेंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे लेकर लोग तस्करों के दुस्साहस की निंदा कर रहे हैं। वहीं पुलिस तथा सुरक्षा एजेंसियों पर सरहद की सुरक्षा को लेकर तमाम सवाल खड़ा कर रहे हैं। वायरल वीडियो में रात के अंधेरे में तस्करी के सामान लदे दर्जनों वाहन एक साथ गुजर रहे हैं। इतना ही नहीं इस पर आडियो लगाया गया है, की राना का माल तो बड़ी शान से राना तक पहुंचेगा डीके, ले जाने की बात तो भूल जाओ, अगर गलती से तुमने उसे देख भी लिया, तो हम तुम्हें ऐसी मौत मारेंगे, की तुम्हारी आने वाली नस्लों की नींद भी उस मौत से उड़ जाएगी।
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माना जा रहा है, की जवानों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तस्करी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इससे आक्रोशित होकर तस्कर जवानों की कभी वाहन चोरी कर तो कभी जानलेवा हमला कर डराने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह की घटनाओं से सरहद की सुरक्षा में लगे जवानों के साथ ही सरहद से सटे गांव के लोग भी डरे हुए है। तस्करों के हमले से बॉर्डर पर पूरे दिन सरगर्मी देखने को मिली। पुलिस और एसएसबी के उच्चाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे मौके का जायजा लेते रहे।
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जानकारी के मुताबिक, बृहस्पतिवार भोर में करीब सवा तीन बजे झुलनीपुर बीओपी की एसएसबी टीम को सूचना मिली की पिलर संख्या 499/4 से सटे कनमिसवा गांव के पास पिकअप से चाइनीज नाशपाती भारत लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसएसबी टीम गश्त करने वाली सरकारी वाहन से मौके पर पहुंच गई। टीम ने देखा की चाइनीज नाशपाती लदे दो पिकअप नो मेंस लैंड के रास्ते भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। एसएसबी को देखते ही दोनों पिकअप चालक वाहन छोड़ भाग निकले। इसकी सूचना सीमा शुल्क अधिकारियों को देकर जवान दोनों वाहनों का निरीक्षण करने लगे। इसी बीच अचानक भारी संख्या में तस्कर गोलबंद होकर लाठी डंडों के साथ आ धमके। एसएसबी के जवान कुछ समझ पाते इससे पहले तस्करों ने उनपर हमला कर दिया। इस दौरान इंस्पेक्टर (जीडी) मुकेश कुमार के बाएं हाथ पर चोट लगी है। किसी तरह एसएसबी के जवान वहां से बच कर निकले। इसके बाद तस्करों ने एसएसबी के सरकारी वाहन पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। हमले के बाद तस्कर अपने वाहन उठा ले गए।
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थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा की एसएसबी जवानों से मिली घटना की जानकारी के तत्काल बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंच घटना का जायजा लिया गया। एसएसबी की सख्ती के कारण तस्करों ने गुस्से में जवानों पर हमला किया है। एसएसबी के निरीक्षक मुकेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने संतोष यादव समेत 15 नामजद और 25 अज्ञात पर केस दर्ज कार्रवाई की जा रही है।
40 से 50 की संख्या में थे हमलावर
सूत्रों के मुताबिक, कनमिसवा बार्डर के रास्ते चाइनीज नाशपाती लेकर भारत की ओर आ रहे दोनों पिकअप चालक एसएसबी जवानों को देख भाग निकले। फिर इसकी जानकारी पिकअप चालकों ने नेपाल और भारत में बैठे तस्करों के मुख्य सरगनाओं को दी। तस्करी का वाहन रोकने की बात सुन तस्कर आक्रोशित हो उठे। फिर एसएसबी जवानों के चंगुल से पकड़े गए चाइनीज नाशपाती लदी दोनो पिकअप को छुड़ाने के लिए 40 से 50 की संख्या में तस्कर गोलबंद होकर लाठी डंडों के साथ मौके पर आ पहुंचे। तस्करों ने दुस्साहस दिखाते हुए जवानों और उनके वाहनों पर हमला कर पकड़ी गई दोनों पिकअप छुड़ा ले गए।
सरहद से लेकर शहरों तक सक्रिय हैं तस्कर
सूत्र बात रहें हैं की भारत-नेपाल का बार्डर खुला होने के कारण आसानी से तस्करी होती रहती है। भारत और नेपाल के गांवों को जोड़ने के लिए हर गांव में पगडंडी है। उसी से भारत के लोग नेपाल और नेपाल के लोग भारत आते रहते हैं और एक दूसरे के सुख-दुख के भागीदार बने रहते हैं। दोनो देशों में बैठे तस्कर इन्हीं पगडंडी का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। बार्डर से सटे भारत और नेपाल के हर गांव में तस्कर मौजूद हैं। यह तस्कर सरहद से लेकर निचलौल शहर तक काफी सक्रिय रहते है। फिर निचलौल शहर के आगे बड़े शहरों तक अवैध समानों को भेजने के लिए तस्कर दूसरे एजेंट पर निर्भर रहते है। सीमावर्ती गांवों से लेकर शहर तक तस्कर गोदाम बना रखे है।
घटना के बाद वायरल वीडियो बना चर्चा
एसएसबी जवानों पर हमला कर तस्करी की पकड़ी गई चाइनीज नाशपाती लदी दो पिकअप छुड़ाने के बाद 22 सेकेंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे लेकर लोग तस्करों के दुस्साहस की निंदा कर रहे हैं। वहीं पुलिस तथा सुरक्षा एजेंसियों पर सरहद की सुरक्षा को लेकर तमाम सवाल खड़ा कर रहे हैं। वायरल वीडियो में रात के अंधेरे में तस्करी के सामान लदे दर्जनों वाहन एक साथ गुजर रहे हैं। इतना ही नहीं इस पर आडियो लगाया गया है, की राना का माल तो बड़ी शान से राना तक पहुंचेगा डीके, ले जाने की बात तो भूल जाओ, अगर गलती से तुमने उसे देख भी लिया, तो हम तुम्हें ऐसी मौत मारेंगे, की तुम्हारी आने वाली नस्लों की नींद भी उस मौत से उड़ जाएगी।