{"_id":"68bf3adc3dc28dafcc04d39d","slug":"situation-53-children-being-treated-on-32-beds-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-159072-2025-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"हालात : 32 बेड पर 53 बच्चों का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हालात : 32 बेड पर 53 बच्चों का इलाज
Tue, 09 Sep 2025 01:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 09 Sep 2025 01:51 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात।संवाद
महराजगंज। जिला अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई में 32 बेड पर 53 नवजात भर्ती मिले। अधिकतर नवजात पीलिया से पीड़ित हैं। इनका इलाज डॉक्टरों की टीम कर रही है। ओपीडी से लैब तक जांच कराने में मरीजों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि (एसएनसीयू) वार्ड में बच्चों को भर्ती कर बेहतर ढंग से इलाज किया जाता है। इसमें ऐसे बच्चों को भर्ती किया जाता है जिनका जन्म के समय वजन कम है अथवा पीलिया या सांस फूलने की समस्या से ग्रसित हैं।
इस वार्ड में जन्म लेने के साथ सांस फूलने, पीलिया, दूध नहीं पीने, निर्धारित वजन से कम, नौ माह के पहले जन्म लेने, अविकसित शिशुओं को भर्ती कर इलाज किया जाता है। सोमवार की सुबह ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगी दिखाई दी। यहां पर्ची कटवाने के लिए लैब जांच कराने तक मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
कतार में खड़े चंद्रभान ने बताया कि सोमवार को अक्सर यहां भीड़ बढ़ जाती है। डॉक्टर से परामर्श लेने में भी करीब एक घंटे का वक्त लग गया।
विज्ञापन
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया कि (एसएनसीयू) वार्ड में बच्चों को भर्ती कर बेहतर ढंग से इलाज किया जाता है। इसमें ऐसे बच्चों को भर्ती किया जाता है जिनका जन्म के समय वजन कम है अथवा पीलिया या सांस फूलने की समस्या से ग्रसित हैं।
विज्ञापन
इस वार्ड में जन्म लेने के साथ सांस फूलने, पीलिया, दूध नहीं पीने, निर्धारित वजन से कम, नौ माह के पहले जन्म लेने, अविकसित शिशुओं को भर्ती कर इलाज किया जाता है। सोमवार की सुबह ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार लगी दिखाई दी। यहां पर्ची कटवाने के लिए लैब जांच कराने तक मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
विज्ञापन
कतार में खड़े चंद्रभान ने बताया कि सोमवार को अक्सर यहां भीड़ बढ़ जाती है। डॉक्टर से परामर्श लेने में भी करीब एक घंटे का वक्त लग गया।