{"_id":"696bf3d096758e379e0ccc91","slug":"sir-notice-issued-to-no-mapping-voters-given-seven-days-time-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-169461-2026-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसआईआर : नो-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस जारी, सात दिन मिला समय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसआईआर : नो-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस जारी, सात दिन मिला समय
विज्ञापन
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान जनपद में कुल 2,03,872 मतदाता नो-मैपिंग की श्रेणी में चिह्नित
जनपद में कुल 2,03,872 मतदाता नो-मैपिंग की श्रेणी में चिह्नित, जारी है सुधार की प्रक्रिया
महराजगंज। जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत नो-मैपिंग श्रेणी में आए मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यह कदम मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से संबंधित को नोटिस वितरित किए जा रहे हैं। सात दिन बाद लोगों को साक्ष्य प्रस्तुत करना है।
जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान संबंधित बीएलओ के साथ अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) मौजूद रहेंगे और मतदाताओं की समस्याओं का समाधान करेंगे। जिला प्रशासन की ओर से अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान जनपद में कुल 2,03,872 मतदाता नो-मैपिंग की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। यह संख्या कुल मतदाताओं का लगभग 10.23 प्रतिशत है। नो-मैपिंग में वे मतदाता शामिल हैं, जिनका विवरण वर्ष 2003 की मतदाता सूची के माध्यम से भरे गए फॉर्म से मेल नहीं खा रहा है। कई मामलों में नाम, उम्र, पता या पारिवारिक विवरण में अंतर पाया गया है। इस वजह से उन्हें नो-मैपिंग की श्रेणी में रखा गया है। अब इन सभी त्रुटियों को दूर करने के लिए सुधार की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
नो-मैपिंग का मतलब अपात्रता नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नो-मैपिंग का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित मतदाता अपात्र हैं या उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जाएगा। इसका मतलब केवल इतना है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची से उनका विवरण मेल नहीं खा रहा है। ऐसे मामलों में मतदाता को अपने पक्ष में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है ताकि उसका नाम मतदाता सूची में बना रहे। निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और मतदाता हितैषी बनाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
12 वैकल्पिक दस्तावेजों की सुविधा
यदि किसी मतदाता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो भी उसे परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। निर्वाचन आयोग ने ऐसे मतदाताओं के लिए 12 वैकल्पिक दस्तावेजों का प्रावधान किया है। इन दस्तावेजों में आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र सहित अन्य वैध सरकारी दस्तावेज शामिल हैं। इन विकल्पों में से किसी एक दस्तावेज को प्रस्तुत कर मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकता है।
21 जनवरी से 6 फरवरी तक चलेगा विशेष अभियान
नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए जनपद में 21 जनवरी से 6 फरवरी तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अवधि में जिले के सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को संबंधित बीएलओ के साथ तैनात किया गया है। ये अधिकारी नोटिस पर सुनवाई करेंगे और मौके पर ही मतदाताओं की समस्याओं का समाधान करेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि सुनवाई के दौरान ही अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण कर लिया जाए ताकि मतदाताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
विधानसभा क्षेत्रवार नो-मैपिंग मतदाताओं की स्थिति
विधानसभा फरेंदा में कुल 31,643 मतदाता, कुल मतदाताओं का 8.79 प्रतिशत है।
विधानसभा नौतनवा में 42,084 मतदाता, कुल मतदाताओं का 11.24 प्रतिशत है।
विधानसभा क्षेत्र सिसवा में 44,481 मतदाता, कुल मतदाताओं का 11.13 प्रतिशत है।
विधानसभा क्षेत्र सदर में 44,752 मतदाता, कुल मतदाताओं का 10.44 प्रतिशत है।
विधानसभा क्षेत्र पनियरा में 40,912 मतदाता, कुल मतदाताओं का 9.52 प्रतिशत है।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
वेबसाइट पर अपलोड किए गए नोटिस
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत नो-मैपिंग की श्रेणी में आए 2,03,872 मतदाताओं के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी नोटिस अपलोड कर दिए हैं। संबंधित मतदाता वेबसाइट से अपना नोटिस डाउनलोड कर सकते हैं और उसका प्रिंट निकालकर निर्धारित तिथि पर प्रस्तुत हो सकते हैं। यह सुविधा उन मतदाताओं के लिए खास तौर पर उपयोगी है, जिन तक किसी कारण वश बीएलओ के माध्यम से नोटिस समय पर नहीं पहुंच पाया हो।
वर्जन
नो-मैपिंग के मतदाताओं को जारी नोटिस का जवाब देने के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। नोटिस में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि दस्तावेज कहां, कब तक और किस अधिकारी के पास जमा करने हैं। पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में अपडेट किया जाएगा।
-डॉ. प्रशांत कुमार, अपर जिलाधिकारी
विज्ञापन
जनपद में कुल 2,03,872 मतदाता नो-मैपिंग की श्रेणी में चिह्नित, जारी है सुधार की प्रक्रिया
महराजगंज। जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत नो-मैपिंग श्रेणी में आए मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यह कदम मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के माध्यम से संबंधित को नोटिस वितरित किए जा रहे हैं। सात दिन बाद लोगों को साक्ष्य प्रस्तुत करना है।
जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान संबंधित बीएलओ के साथ अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) मौजूद रहेंगे और मतदाताओं की समस्याओं का समाधान करेंगे। जिला प्रशासन की ओर से अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान जनपद में कुल 2,03,872 मतदाता नो-मैपिंग की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। यह संख्या कुल मतदाताओं का लगभग 10.23 प्रतिशत है। नो-मैपिंग में वे मतदाता शामिल हैं, जिनका विवरण वर्ष 2003 की मतदाता सूची के माध्यम से भरे गए फॉर्म से मेल नहीं खा रहा है। कई मामलों में नाम, उम्र, पता या पारिवारिक विवरण में अंतर पाया गया है। इस वजह से उन्हें नो-मैपिंग की श्रेणी में रखा गया है। अब इन सभी त्रुटियों को दूर करने के लिए सुधार की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
विज्ञापन
नो-मैपिंग का मतलब अपात्रता नहीं
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नो-मैपिंग का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित मतदाता अपात्र हैं या उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जाएगा। इसका मतलब केवल इतना है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची से उनका विवरण मेल नहीं खा रहा है। ऐसे मामलों में मतदाता को अपने पक्ष में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है ताकि उसका नाम मतदाता सूची में बना रहे। निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और मतदाता हितैषी बनाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
12 वैकल्पिक दस्तावेजों की सुविधा
यदि किसी मतदाता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो भी उसे परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। निर्वाचन आयोग ने ऐसे मतदाताओं के लिए 12 वैकल्पिक दस्तावेजों का प्रावधान किया है। इन दस्तावेजों में आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र सहित अन्य वैध सरकारी दस्तावेज शामिल हैं। इन विकल्पों में से किसी एक दस्तावेज को प्रस्तुत कर मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकता है।
21 जनवरी से 6 फरवरी तक चलेगा विशेष अभियान
नो-मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए जनपद में 21 जनवरी से 6 फरवरी तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अवधि में जिले के सभी पांच विधानसभा क्षेत्रों में अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को संबंधित बीएलओ के साथ तैनात किया गया है। ये अधिकारी नोटिस पर सुनवाई करेंगे और मौके पर ही मतदाताओं की समस्याओं का समाधान करेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि सुनवाई के दौरान ही अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण कर लिया जाए ताकि मतदाताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
विधानसभा क्षेत्रवार नो-मैपिंग मतदाताओं की स्थिति
विधानसभा फरेंदा में कुल 31,643 मतदाता, कुल मतदाताओं का 8.79 प्रतिशत है।
विधानसभा नौतनवा में 42,084 मतदाता, कुल मतदाताओं का 11.24 प्रतिशत है।
विधानसभा क्षेत्र सिसवा में 44,481 मतदाता, कुल मतदाताओं का 11.13 प्रतिशत है।
विधानसभा क्षेत्र सदर में 44,752 मतदाता, कुल मतदाताओं का 10.44 प्रतिशत है।
विधानसभा क्षेत्र पनियरा में 40,912 मतदाता, कुल मतदाताओं का 9.52 प्रतिशत है।
वेबसाइट पर अपलोड किए गए नोटिस
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत नो-मैपिंग की श्रेणी में आए 2,03,872 मतदाताओं के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी नोटिस अपलोड कर दिए हैं। संबंधित मतदाता वेबसाइट से अपना नोटिस डाउनलोड कर सकते हैं और उसका प्रिंट निकालकर निर्धारित तिथि पर प्रस्तुत हो सकते हैं। यह सुविधा उन मतदाताओं के लिए खास तौर पर उपयोगी है, जिन तक किसी कारण वश बीएलओ के माध्यम से नोटिस समय पर नहीं पहुंच पाया हो।
वर्जन
नो-मैपिंग के मतदाताओं को जारी नोटिस का जवाब देने के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। नोटिस में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि दस्तावेज कहां, कब तक और किस अधिकारी के पास जमा करने हैं। पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में अपडेट किया जाएगा।
-डॉ. प्रशांत कुमार, अपर जिलाधिकारी