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वन ग्राम में दम तोड़ रहा स्वच्छता अभियान
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चौक बाजार वनग्राम कम्पार्ट में अर्द्धनिर्मित शौचालय।
- फोटो : MAHARAJGANJ
वन ग्राम में दम तोड़ रहा स्वच्छता अभियान
6,036 परिवारों में महज 727 शौचालय बने
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाले वन ग्रामों की हालत खराब है। यहां स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है। वन ग्राम वासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की मंशा पर पानी फिर गया है। आज भी वन ग्रामों के लोग खुले में शौच जाने को विवश हैं। इस तरफ जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। इससे अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिले के 18 वन ग्रामों में महज 727 शौचालयों के निर्माण हो पाए हैं। अन्य परिवारों के लोग अब भी खुले में शौच के लिए विवश हैं। आधे-अधूरे शौचालय बनाकर छोड़ दिए गए हैं। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
जिले के 18 वन ग्रामों में 6,036 परिवार निवास करते हैं, लेकिन शौचालयों का निर्माण अभी सिर्फ 727 परिवारों में हो पाया है। इसके निर्माण पर 235.20 लाख रुपये खर्च हो चुके है। वहीं वर्ष 2019-20 में 1960 शौचालयों निर्माण का लक्ष्य है। वित्तीय वर्ष के तीन माह बीत चुके हैं और अब तक शौचालयों निर्माण शुरू ही नहीं हुआ है। वन ग्रामों में जो शौचालय बने हैं, उनमें से कुछ तो ठीक हालत में नहीं है। खुर्रमपुर में 25, भारी वैसी में 90, सूरपार टागिया में 200, कांधपुर दर्रा में 95, बलौहा दर्रा में 57, अचलगढ़ में 45, तिनकोनिया में 5, वीट नर्सरी में 22, उसरहवां में 5, कंपार्ट 24 में 37, कंपार्ट 26 एवं 27 में 32, कंपार्ट 28 नर्सरी में 43, बरवां चंदनचाफी में 5, बेलासपुर में 21, दौलतपुर में 45 शौचालयों के निर्माण हुए हैं। जरूरत के मुताबिक वन ग्रामों में शौचालयों का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। हैरत की बात है कि सदर ब्लॉक के चेतरा नर्सरी, मिठौरा ब्लॉक के हथियहवां, बलुअहिया में शौचालय निर्माण हुआ ही नहीं है।
उसरहवां वन ग्राम के रहने वाले रामनगीना ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए कई बार कहने के बाद भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। वन टागियां नर्सरी 24 की रीता देवी कहती हैं कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देकर दायित्व की इतिश्री कर दी जाती है। जमीनी हकीकत यह है कि ज्यादातर लोगों का शौचालय बना ही नहीं है। विश्वनाथ, अजय, दुर्गेश, रामऔतार ने बताया कि जरूरत के अनुसार वन ग्रामों में शौचालय नहीं सके हैं। स्वच्छता अभियान को गति देने के लिए तेजी से कार्य करने की जरूरत है। जिला पंचायत राज अधिकारी कृष्ण बहादुर ने बताया कि वन ग्राम में प्राथमिकता के आधार पर शौचालय बनाए जा रहे हैं। प्रयास यही है कि वन ग्रामों में सभी परिवारों के शौचालयों के निर्माण जल्द पूरे हो जाएं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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6,036 परिवारों में महज 727 शौचालय बने
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सरकार की शीर्ष प्राथमिकता वाले वन ग्रामों की हालत खराब है। यहां स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है। वन ग्राम वासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की मंशा पर पानी फिर गया है। आज भी वन ग्रामों के लोग खुले में शौच जाने को विवश हैं। इस तरफ जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। इससे अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिले के 18 वन ग्रामों में महज 727 शौचालयों के निर्माण हो पाए हैं। अन्य परिवारों के लोग अब भी खुले में शौच के लिए विवश हैं। आधे-अधूरे शौचालय बनाकर छोड़ दिए गए हैं। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
जिले के 18 वन ग्रामों में 6,036 परिवार निवास करते हैं, लेकिन शौचालयों का निर्माण अभी सिर्फ 727 परिवारों में हो पाया है। इसके निर्माण पर 235.20 लाख रुपये खर्च हो चुके है। वहीं वर्ष 2019-20 में 1960 शौचालयों निर्माण का लक्ष्य है। वित्तीय वर्ष के तीन माह बीत चुके हैं और अब तक शौचालयों निर्माण शुरू ही नहीं हुआ है। वन ग्रामों में जो शौचालय बने हैं, उनमें से कुछ तो ठीक हालत में नहीं है। खुर्रमपुर में 25, भारी वैसी में 90, सूरपार टागिया में 200, कांधपुर दर्रा में 95, बलौहा दर्रा में 57, अचलगढ़ में 45, तिनकोनिया में 5, वीट नर्सरी में 22, उसरहवां में 5, कंपार्ट 24 में 37, कंपार्ट 26 एवं 27 में 32, कंपार्ट 28 नर्सरी में 43, बरवां चंदनचाफी में 5, बेलासपुर में 21, दौलतपुर में 45 शौचालयों के निर्माण हुए हैं। जरूरत के मुताबिक वन ग्रामों में शौचालयों का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। हैरत की बात है कि सदर ब्लॉक के चेतरा नर्सरी, मिठौरा ब्लॉक के हथियहवां, बलुअहिया में शौचालय निर्माण हुआ ही नहीं है।
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उसरहवां वन ग्राम के रहने वाले रामनगीना ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए कई बार कहने के बाद भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। वन टागियां नर्सरी 24 की रीता देवी कहती हैं कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देकर दायित्व की इतिश्री कर दी जाती है। जमीनी हकीकत यह है कि ज्यादातर लोगों का शौचालय बना ही नहीं है। विश्वनाथ, अजय, दुर्गेश, रामऔतार ने बताया कि जरूरत के अनुसार वन ग्रामों में शौचालय नहीं सके हैं। स्वच्छता अभियान को गति देने के लिए तेजी से कार्य करने की जरूरत है। जिला पंचायत राज अधिकारी कृष्ण बहादुर ने बताया कि वन ग्राम में प्राथमिकता के आधार पर शौचालय बनाए जा रहे हैं। प्रयास यही है कि वन ग्रामों में सभी परिवारों के शौचालयों के निर्माण जल्द पूरे हो जाएं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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