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Maharajganj News: हाईब्रिड धान बिक्री के लिए बीज खरीद की रसीद अनिवार्य
Sun, 17 Nov 2024 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 17 Nov 2024 01:41 AM IST
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महराजगंज। किसानों की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिना किसी परेशानी के बिक सके, इसके लिए जनपद में 160 क्रय केंद्र सक्रिय हैं। यहां रजिस्ट्रेशन के बाद किसान धान की बिक्री कर सकते हैं, लेकिन यह सुविधा सिर्फ कामन धान के लिए ही है। हाइब्रिड धान बेच पाना किसानों के लिए मुश्किल बना हुआ है। हाइब्रिड की खरीद क्रय केंद्र निर्धारित लक्ष्य का सिर्फ 35 प्रतिशत ही कर सकते हैं। साथ ही बिक्री करने वाले किसानों से हाइब्रिड बीज की खरीद रसीद व कैश मेमो सबूत के रूप में देनी है।
किसान ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद भी केंद्रों पर अपनी हाइब्रिड उपज नहीं बेच पा रहे हैं। ऐसे में आढ़तियों को अपनी उपज बेचने की मजबूरी है। जिले में एक नवंबर से धान खरीद चल रही है। धान खरीदने के लिए क्रय केंद्र भी भरपूर संख्या में संचालित हैं। पंजीकरण कराने के बाद यहां सामान्य धान बिक्री तो किसान आसानी से कर रहे हैं, लेकिन हाइब्रिड धान बोने वाले किसानों की समस्या बढ़ गई है। हाइब्रिड धान बेचने आने वाले किसानों से बीज की रसीद मांगी जा रही है। खरीद रसीद न देने वाले किसानों का हाइब्रिड धान नहीं खरीदा जा रहा है।
खरीद नीति में हाइब्रिड धान बेचने के लिए बीज रसीद का रिकाॅर्ड जमा करना अनिवार्य होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। बीज खरीद का रिकाॅर्ड नहीं होने से किसान हाइब्रिड धान आढ़तियों को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं। बता दें कि बाढ़ प्रभावित धानी, नौतनवा व सदर ब्लाॅक के तमाम किसानों ने बेहतर उत्पादन पाने के लिए हाइब्रिड धान की रोपाई कराई थी। उत्पादन तो उन्हें मिला, लेकिन बिक्री में नियम का सिर दर्द बना हुआ है। पहले हाइब्रिड धान बिक्री के लिए ऐसी कोई शर्त नहीं थी, जिससे किसानों ने बीज खरीद रसीद अथवा कैश मेमो सुरक्षित रखने की जरूरत नहीं समझी। अब बिक्री के लिए रसीद, कैश मेमो कहां से दिखाएं।
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खरीद नीति 2024 के अनुसार हाईब्रिड धान बिक्री के लिए किसानों को बीज खरीद का प्रमाण केंद्र पर लाना अनिवार्य है। बीज खरीद रिकाॅर्ड में रसीद, कैश मेमो को शामिल किया गया है। इसके अलावा क्रय केंद्र निर्धारित लक्ष्य का 35 फीसदी ही हाइब्रिड खरीद सकते हैं। दोनों नियमों के तहत ही हाइब्रिड धान की बिक्री की जा सकती है।
- विवेक सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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किसान ऑनलाइन पंजीकरण कराने के बाद भी केंद्रों पर अपनी हाइब्रिड उपज नहीं बेच पा रहे हैं। ऐसे में आढ़तियों को अपनी उपज बेचने की मजबूरी है। जिले में एक नवंबर से धान खरीद चल रही है। धान खरीदने के लिए क्रय केंद्र भी भरपूर संख्या में संचालित हैं। पंजीकरण कराने के बाद यहां सामान्य धान बिक्री तो किसान आसानी से कर रहे हैं, लेकिन हाइब्रिड धान बोने वाले किसानों की समस्या बढ़ गई है। हाइब्रिड धान बेचने आने वाले किसानों से बीज की रसीद मांगी जा रही है। खरीद रसीद न देने वाले किसानों का हाइब्रिड धान नहीं खरीदा जा रहा है।
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खरीद नीति में हाइब्रिड धान बेचने के लिए बीज रसीद का रिकाॅर्ड जमा करना अनिवार्य होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। बीज खरीद का रिकाॅर्ड नहीं होने से किसान हाइब्रिड धान आढ़तियों को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं। बता दें कि बाढ़ प्रभावित धानी, नौतनवा व सदर ब्लाॅक के तमाम किसानों ने बेहतर उत्पादन पाने के लिए हाइब्रिड धान की रोपाई कराई थी। उत्पादन तो उन्हें मिला, लेकिन बिक्री में नियम का सिर दर्द बना हुआ है। पहले हाइब्रिड धान बिक्री के लिए ऐसी कोई शर्त नहीं थी, जिससे किसानों ने बीज खरीद रसीद अथवा कैश मेमो सुरक्षित रखने की जरूरत नहीं समझी। अब बिक्री के लिए रसीद, कैश मेमो कहां से दिखाएं।
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खरीद नीति 2024 के अनुसार हाईब्रिड धान बिक्री के लिए किसानों को बीज खरीद का प्रमाण केंद्र पर लाना अनिवार्य है। बीज खरीद रिकाॅर्ड में रसीद, कैश मेमो को शामिल किया गया है। इसके अलावा क्रय केंद्र निर्धारित लक्ष्य का 35 फीसदी ही हाइब्रिड खरीद सकते हैं। दोनों नियमों के तहत ही हाइब्रिड धान की बिक्री की जा सकती है।
- विवेक सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी