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Maharajganj News: कपड़ा तस्करी का बदला ट्रेड, वाट्सएप पर कपड़े भेजकर कराते हैं पसंद
Wed, 15 May 2024 03:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 15 May 2024 03:40 AM IST
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भारत नेपाल सीमा के पिलर संख्या 527/17 के पास बरामद सामान के साथ एसएसबी जवान।स्त्रोत एसएसबी
-ग्रुप बनाकर होती है तस्करी, पार्सल जैसा छोटा बनाया जाता है साइज
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। तस्करी का ट्रेंड सीमावर्ती इलाके में बदल गया है। अब धंधेबाज वाट्सएप के जरिए ऑर्डर ले रहे हैं। धंधेबाजों ने नेपाल से नंबर लेकर वाट्सएप ग्रुप बनाया है। उसमें कपड़ों की अलग-अलग वैरायटी भेजकर पसंद करने के बाद आर्डर लिया जाता है। सब कुछ पुख्ता होने के बाद नेपाल में ही खोले गए खाते में रकम जमा कर लेते हैं, इसके बाद करियर के जरिए कपड़े को पहुंचा दिया जाता है।
भारत-नेपाल के तस्कर एसएसबी और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के बीच सरहद के रास्ते सुरक्षित और सुविधाजनक रास्तों से कपड़े की डिलीवरी के लिए वाट्सएप का इस्तेमाल कर रहे हैं। तस्करों के इस नए पैतरे से खुफिया एजेंसियां और नेपाल के अधिकारी भी काफी चिंतित हैं। तस्कर वाट्सएप पर कोड के जरिये संपर्क बनाए रखते हैं। यही कारण है कि सरहद से आसानी से पार्सल में कपड़े भारी मात्रा में नेपाल पहुंच रहे हैं। सरहद पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को भी इसकी भनक तक नहीं लगती है।
ऑनलाइन पार्सल की तरह नकल करते हुए कस्बे के कुछ व्यापारी ऑनलाइन पैकिंग कर कपड़ों को बाइक सवार युवकों को दे देते हैं। युवक एक से दो पैकेट को बड़े ही आसानी से नेपाल भैरहवा और बुटवल तक डिलेवरी कर देते हैं। इसके बदले प्रति पैकेट 500 रुपये कैरियर शुल्क मिलता है। एक कैरियर ने बताया कि वाट्सएप पर कोड के जरिये दोनों देशों के तस्कर संपर्क में रहते हैं और सरहद पर उन जगहों पर पैकेट मंगवा लेते हैं। जहां पर पुलिस की नजर नहीं रहती है।
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अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है। अगर इस तरह के मामले सामने आएंगे तो कार्रवाई की जाएगी।
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डिलेवरी के लिए सोनौली और ठूठीबारी बना प्रमुख रास्ता
वॉट्सएप मैसेंजर से तस्करी के जरिए डिलेवरी के लिए सोनौली और ठूठीबारी आसान रास्ता बन गया है। कैरियर बाइक से बड़े ही आसानी से कपड़ों की खेप नेपाल पहुंचा रहे हैं। भारत-नेपाल सीमा हमेशा से अवैध धंधा करने वालों के लिए मुफीद रहा है। जिले की खुली सीमा का लाभ उठाकर तस्कर आसानी से किसी भी सामान को पार कर लेते हैं। वर्तमान में कपड़ा तस्करों के लिए नेपाल सीमा सुरक्षित है। इसके साथ ही जनपद के कोल्हुई थाना क्षेत्र जोगियाबारी, हरदीडाली, खुनुवा, शेख फरेनिया, कैलास नगर, श्याम काट, सोनौली, भगवानपुर, बरगदवा, परसामलिक, ठूठीबारी, लक्ष्मीपुर तस्करों का बड़ा हब बन चुका है। वहीं नौतनवा से कपड़े की तस्करी बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है। कपड़ों की तस्करी करते लोग पकड़े जा रहे हैं। गिरफ्त में सिर्फ कैरियर ही आ रहे हैं, जो 1000, 500 रुपये के लिए काम करते हैं, जबकि इससे जुड़े बड़े धंधेबाज लाभ कमा रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। तस्करी का ट्रेंड सीमावर्ती इलाके में बदल गया है। अब धंधेबाज वाट्सएप के जरिए ऑर्डर ले रहे हैं। धंधेबाजों ने नेपाल से नंबर लेकर वाट्सएप ग्रुप बनाया है। उसमें कपड़ों की अलग-अलग वैरायटी भेजकर पसंद करने के बाद आर्डर लिया जाता है। सब कुछ पुख्ता होने के बाद नेपाल में ही खोले गए खाते में रकम जमा कर लेते हैं, इसके बाद करियर के जरिए कपड़े को पहुंचा दिया जाता है।
भारत-नेपाल के तस्कर एसएसबी और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के बीच सरहद के रास्ते सुरक्षित और सुविधाजनक रास्तों से कपड़े की डिलीवरी के लिए वाट्सएप का इस्तेमाल कर रहे हैं। तस्करों के इस नए पैतरे से खुफिया एजेंसियां और नेपाल के अधिकारी भी काफी चिंतित हैं। तस्कर वाट्सएप पर कोड के जरिये संपर्क बनाए रखते हैं। यही कारण है कि सरहद से आसानी से पार्सल में कपड़े भारी मात्रा में नेपाल पहुंच रहे हैं। सरहद पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को भी इसकी भनक तक नहीं लगती है।
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ऑनलाइन पार्सल की तरह नकल करते हुए कस्बे के कुछ व्यापारी ऑनलाइन पैकिंग कर कपड़ों को बाइक सवार युवकों को दे देते हैं। युवक एक से दो पैकेट को बड़े ही आसानी से नेपाल भैरहवा और बुटवल तक डिलेवरी कर देते हैं। इसके बदले प्रति पैकेट 500 रुपये कैरियर शुल्क मिलता है। एक कैरियर ने बताया कि वाट्सएप पर कोड के जरिये दोनों देशों के तस्कर संपर्क में रहते हैं और सरहद पर उन जगहों पर पैकेट मंगवा लेते हैं। जहां पर पुलिस की नजर नहीं रहती है।
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अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है। अगर इस तरह के मामले सामने आएंगे तो कार्रवाई की जाएगी।
डिलेवरी के लिए सोनौली और ठूठीबारी बना प्रमुख रास्ता
वॉट्सएप मैसेंजर से तस्करी के जरिए डिलेवरी के लिए सोनौली और ठूठीबारी आसान रास्ता बन गया है। कैरियर बाइक से बड़े ही आसानी से कपड़ों की खेप नेपाल पहुंचा रहे हैं। भारत-नेपाल सीमा हमेशा से अवैध धंधा करने वालों के लिए मुफीद रहा है। जिले की खुली सीमा का लाभ उठाकर तस्कर आसानी से किसी भी सामान को पार कर लेते हैं। वर्तमान में कपड़ा तस्करों के लिए नेपाल सीमा सुरक्षित है। इसके साथ ही जनपद के कोल्हुई थाना क्षेत्र जोगियाबारी, हरदीडाली, खुनुवा, शेख फरेनिया, कैलास नगर, श्याम काट, सोनौली, भगवानपुर, बरगदवा, परसामलिक, ठूठीबारी, लक्ष्मीपुर तस्करों का बड़ा हब बन चुका है। वहीं नौतनवा से कपड़े की तस्करी बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है। कपड़ों की तस्करी करते लोग पकड़े जा रहे हैं। गिरफ्त में सिर्फ कैरियर ही आ रहे हैं, जो 1000, 500 रुपये के लिए काम करते हैं, जबकि इससे जुड़े बड़े धंधेबाज लाभ कमा रहे हैं।