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राहत : राष्ट्रीय लोक अदालत में 56,356 मामलों का निस्तारण
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महराजगंज। जनपद न्यायाधीश अरविंद मलिक की अध्यक्षता में दीवानी न्यायालय महराजगंज में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
लोक अदालत में कुल 56,356 वादों का सफल निस्तारण किया गया। लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 114 मामलों में 5.69 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। परिवार न्यायालय ने 14 वैवाहिक वाद निपटाए। स्थायी लोक अदालत ने 4 मामलों में 4.81 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की।
आपराधिक मामलों में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 1350 व अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 542 वाद निपटाए गए। इनमें कुल 92,730 रुपये अर्थदंड वसूला गया और 36.48 लाख रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र जारी किए गए।
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दीवानी पक्ष में जिला जज द्वारा 40, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा 244, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) द्वारा 32 और विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) द्वारा 30 वाद निस्तारित किए गए। विभिन्न सिविल जजों व ग्राम न्यायालयों द्वारा सैकड़ों मामले सुलझाए गए। इस दौरान हजारों रुपये अर्थदंड भी वसूला गया।
राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों ने 51,387 लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामले निपटाए। बैंकों द्वारा 1300 प्री-लिटिगेशन ऋण वसूली मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कुल 3.94 करोड़ रुपये नकद वसूले गए, 10.22 करोड़ रुपये के लोन सेटल किए गए। 5.52 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की गई। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रमेश दूबे, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अखिलेश कुमार पाठक, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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लोक अदालत में कुल 56,356 वादों का सफल निस्तारण किया गया। लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 114 मामलों में 5.69 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। परिवार न्यायालय ने 14 वैवाहिक वाद निपटाए। स्थायी लोक अदालत ने 4 मामलों में 4.81 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की।
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आपराधिक मामलों में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 1350 व अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 542 वाद निपटाए गए। इनमें कुल 92,730 रुपये अर्थदंड वसूला गया और 36.48 लाख रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र जारी किए गए।
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दीवानी पक्ष में जिला जज द्वारा 40, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा 244, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) द्वारा 32 और विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) द्वारा 30 वाद निस्तारित किए गए। विभिन्न सिविल जजों व ग्राम न्यायालयों द्वारा सैकड़ों मामले सुलझाए गए। इस दौरान हजारों रुपये अर्थदंड भी वसूला गया।
राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों ने 51,387 लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामले निपटाए। बैंकों द्वारा 1300 प्री-लिटिगेशन ऋण वसूली मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कुल 3.94 करोड़ रुपये नकद वसूले गए, 10.22 करोड़ रुपये के लोन सेटल किए गए। 5.52 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की गई। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय रमेश दूबे, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अखिलेश कुमार पाठक, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय मिश्रा आदि मौजूद रहे।