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Maharajganj News: ग्राम पंचायत अधिकारी के निलंबन के लिए संस्तुति
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परतावल। क्षेत्र के छपिया के ग्राम पंचायत अधिकारी आशीष सिंह पर गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों और अनुशासनहीनता के आरोप लगे हैं। खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार की ओर से प्रस्तुत किए गए जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि ग्राम पंचायत अधिकारी ने टीडीएस और जीएसटी के 12 लाख रुपये संबंधित खाते में जमा नहीं कराया।
खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि कई निर्माण कार्यों में वास्तविक कार्य से अधिक भुगतान किया गया। अब्दुल गनी के घर से सामुदायिक शौचालय तक बनी सीसी रोड में 27,193 का अतिरिक्त भुगतान किया गया। वहीं, कब्रिस्तान तक बने सीसी रोड पर 31 लाख का भुगतान होने के बावजूद 96,621 का टीडीएस जमा नहीं किया गया।
चुनावी व्यय में भी अनियमितता सामने आई। जिसमें टेंट-कुर्सी के नाम पर 19,550 का भुगतान कूटरचित बाउचर से कर दिया गया। हैंडपंप रिबोर में लगभग दो लाख, व सफाई में मजदूरी भुगतान के नाम पर 60 हजार की गड़बड़ी मिली।
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सबसे गंभीर मामला मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण से जुड़ा मिला। दिव्यांग लाभार्थी साजरा खातून से प्रथम किस्त की 40 हजार की धनराशि सचिव और प्रधान द्वारा ने ली। इसके बाद बिना भूमि आवंटन और बिना आवास निर्माण के ही कूटरचित जियो टैग कर दूसरी किस्त 70 हजार रुपये जारी कर दी गई। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी आशीष सिंह पर अधूरे अभिलेख दिखाने, ऊंची आवाज में हंगामा करने और निरीक्षण कार्य में बाधा डालने का भी आरोप है।
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खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि कई निर्माण कार्यों में वास्तविक कार्य से अधिक भुगतान किया गया। अब्दुल गनी के घर से सामुदायिक शौचालय तक बनी सीसी रोड में 27,193 का अतिरिक्त भुगतान किया गया। वहीं, कब्रिस्तान तक बने सीसी रोड पर 31 लाख का भुगतान होने के बावजूद 96,621 का टीडीएस जमा नहीं किया गया।
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चुनावी व्यय में भी अनियमितता सामने आई। जिसमें टेंट-कुर्सी के नाम पर 19,550 का भुगतान कूटरचित बाउचर से कर दिया गया। हैंडपंप रिबोर में लगभग दो लाख, व सफाई में मजदूरी भुगतान के नाम पर 60 हजार की गड़बड़ी मिली।
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सबसे गंभीर मामला मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण से जुड़ा मिला। दिव्यांग लाभार्थी साजरा खातून से प्रथम किस्त की 40 हजार की धनराशि सचिव और प्रधान द्वारा ने ली। इसके बाद बिना भूमि आवंटन और बिना आवास निर्माण के ही कूटरचित जियो टैग कर दूसरी किस्त 70 हजार रुपये जारी कर दी गई। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी आशीष सिंह पर अधूरे अभिलेख दिखाने, ऊंची आवाज में हंगामा करने और निरीक्षण कार्य में बाधा डालने का भी आरोप है।