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Maharajganj News: अप्रैल से आंगनबाड़ी में मिलेगा रेसिपी आधारित गर्म पोषाहार
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ईकेवाईसी व फेस रिकग्निशन के मार्फत ही मिलेगा लाभ, टेक होम राशन
जिले में लगभग 2.50 लाख धात्री, गर्भवती व बच्चे पाएंगे लाभ
महराजगंज। अप्रैल से आंगनबाड़ी पोषाहार का वितरण रेसिपी आधारित गर्म व ताजा (टीएचआर) किया जाएगा। डीपीओ के निर्देश पर जनपद में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसका लाभ लगभग 2.50 लाख गर्भवती, धात्री व बच्चों को मिलेगा।
बाल विकास विभाग ने गर्भवतियों, धात्री महिलाओं और तीन से छह साल तक के बच्चों को पुष्टाहार वितरण की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब पुष्टाहार के लिए ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना लाभार्थियों को पुष्टाहार नहीं दिया जाएगा। जिले में तीन हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से करीब 2.50 लाख पुष्टाहार पात्र गर्भवती, धात्री और बच्चों को पुष्टाहार दिया जाता है। नए नियम प्रभावी होने से ऑफलाइन पोषाहार वितरण पूरी तरह बंद हो जाएगा और ऑनलाइन ही वितरण का डाटा अपलोड रहेगा।
पौष्टिकता में इजाफे के लिए बदलाव
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया नई व्यवस्था के तहत सात श्रेणी के लाभार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से रेसिपी आधारित पुष्टाहार तैयार कर सीधे आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। जहां इसकी व्यवस्था नहीं होगी, वहां नैफेड के जरिए आपूर्ति मिलेगी। अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों और महिलाओं के लिए अलग खाद्य तय किया गया है। छह माह से एक वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन हलवा (मीठा) एक से तीन वर्ष तक के बच्चों को भी आटा-बेसन हलवा (मीठा) मिलेगा। जबकि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन बर्फी (मीठा) और दलिया-मूंग-सोया खिचड़ी (नमकीन) दी जाएगी। गर्भवती और धात्री महिलाओं को आटा-बेसन-सोया बर्फी और दलिया-मूंग-दाल खिचड़ी उपलब्ध कराई जाएगी।
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30 जून तक ई केवाईसी का निर्देश
आंगनबाड़ी व सहायिका संगठन की जिलाध्यक्ष कुसुम कांति त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले केंद्र पर किसी के भी जाने पर पुष्टाहार मिल जाता था। लेकिन अब चेहरा प्रमाणीकरण के निर्देश हैं। लाभार्थी तक ही पुष्टाहार पहुंच रहा है इसकी तस्दीक व व्यवस्था पारदर्शी बनाने के लिए इसे प्रभावी बताया जा रहा है। बच्चों के लिए उनके अभिभावकों की ई-केवाईसी सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 30 जून तक पूरा करने का निर्देश मिला है।
वर्जन
अनुपूरक पोषाहार का ऑफलाइन वितरण अमान्य कर केवल एफआरएस प्रणाली से ही वितरण मान्य किया गया है। सभी कार्यकर्ताओं व सहायिका को इसके लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। अप्रैल से यह प्रभावी किया जाएगा।
-दुर्गेश कुमार, डीपीओ, महराजगंज
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जिले में लगभग 2.50 लाख धात्री, गर्भवती व बच्चे पाएंगे लाभ
महराजगंज। अप्रैल से आंगनबाड़ी पोषाहार का वितरण रेसिपी आधारित गर्म व ताजा (टीएचआर) किया जाएगा। डीपीओ के निर्देश पर जनपद में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसका लाभ लगभग 2.50 लाख गर्भवती, धात्री व बच्चों को मिलेगा।
बाल विकास विभाग ने गर्भवतियों, धात्री महिलाओं और तीन से छह साल तक के बच्चों को पुष्टाहार वितरण की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब पुष्टाहार के लिए ई-केवाईसी और चेहरा प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना लाभार्थियों को पुष्टाहार नहीं दिया जाएगा। जिले में तीन हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से करीब 2.50 लाख पुष्टाहार पात्र गर्भवती, धात्री और बच्चों को पुष्टाहार दिया जाता है। नए नियम प्रभावी होने से ऑफलाइन पोषाहार वितरण पूरी तरह बंद हो जाएगा और ऑनलाइन ही वितरण का डाटा अपलोड रहेगा।
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पौष्टिकता में इजाफे के लिए बदलाव
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया नई व्यवस्था के तहत सात श्रेणी के लाभार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से रेसिपी आधारित पुष्टाहार तैयार कर सीधे आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। जहां इसकी व्यवस्था नहीं होगी, वहां नैफेड के जरिए आपूर्ति मिलेगी। अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों और महिलाओं के लिए अलग खाद्य तय किया गया है। छह माह से एक वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन हलवा (मीठा) एक से तीन वर्ष तक के बच्चों को भी आटा-बेसन हलवा (मीठा) मिलेगा। जबकि तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को आटा-बेसन बर्फी (मीठा) और दलिया-मूंग-सोया खिचड़ी (नमकीन) दी जाएगी। गर्भवती और धात्री महिलाओं को आटा-बेसन-सोया बर्फी और दलिया-मूंग-दाल खिचड़ी उपलब्ध कराई जाएगी।
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30 जून तक ई केवाईसी का निर्देश
आंगनबाड़ी व सहायिका संगठन की जिलाध्यक्ष कुसुम कांति त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले केंद्र पर किसी के भी जाने पर पुष्टाहार मिल जाता था। लेकिन अब चेहरा प्रमाणीकरण के निर्देश हैं। लाभार्थी तक ही पुष्टाहार पहुंच रहा है इसकी तस्दीक व व्यवस्था पारदर्शी बनाने के लिए इसे प्रभावी बताया जा रहा है। बच्चों के लिए उनके अभिभावकों की ई-केवाईसी सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 30 जून तक पूरा करने का निर्देश मिला है।
वर्जन
अनुपूरक पोषाहार का ऑफलाइन वितरण अमान्य कर केवल एफआरएस प्रणाली से ही वितरण मान्य किया गया है। सभी कार्यकर्ताओं व सहायिका को इसके लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। अप्रैल से यह प्रभावी किया जाएगा।
-दुर्गेश कुमार, डीपीओ, महराजगंज