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Maharajganj News: नेपाल में भूस्खलन का खतरा, काठमांडो और पोखरा की यात्रा टालने की सलाह
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सोनौली। बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोन अर्नब के प्रभाव से नेपाल के प्रमुख राजमार्गों पर भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल सरकार ने बृहस्पतिवार को फिर विशेष चेतावनी जारी कर लोगों से यात्रा टालने की अपील की है। इससे सोनौली-बेलहिया सीमा के रास्ते काठमांडो व पोखरा जाने वाले भारतीय पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
नेपाल के ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्रालय के अंतर्गत बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा और भूगर्भीय एवं जलविज्ञान आपदा अनुसंधान शाखा ने राजमार्गों पर भूस्खलन के संभावित खतरे का प्रारंभिक आकलन जारी किया है। इसके अनुसार नारायणी, बागमती और कोशी नदी बेसिन से जुड़े क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश के कारण पहाड़ खिसकने, चट्टानें गिरने और सड़कें क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। विशेष रूप से नारायणगढ़-मुग्लिन सड़क खंड, सिद्धार्थ राजमार्ग, कोशी, कांती और अरनिको राजमार्ग के संवेदनशील हिस्सों में सतर्कता बरतने को कहा गया है।
नदियों का जलस्तर बढ़ने से सड़क किनारे कटाव और पुल-पुलियों को नुकसान पहुंचने का भी खतरा जताया गया है। सोनौली सीमा से नेपाल में प्रवेश करने वाले बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक भैरहवा-बुटवल होते हुए पोखरा और काठमांडो जाते हैं। नारायणगढ़-मुग्लिन मार्ग काठमांडो और पोखरा की ओर जाने वाले प्रमुख सड़क संपर्कों में शामिल है। ऐसे में बारिश और भूस्खलन से यात्री वाहनों के साथ मालवाहक वाहनों का संचालन भी प्रभावित हो सकता है।
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जिला प्रशासन सहायक जिलाधिकारी ईश्वर प्रसाद शर्मा ने सभी यात्रियों से अपील की है कि यात्रा अत्यंत आवश्यक होने पर ही निकलें।
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नेपाल के ऊर्जा, जलस्रोत एवं सिंचाई मंत्रालय के अंतर्गत बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा और भूगर्भीय एवं जलविज्ञान आपदा अनुसंधान शाखा ने राजमार्गों पर भूस्खलन के संभावित खतरे का प्रारंभिक आकलन जारी किया है। इसके अनुसार नारायणी, बागमती और कोशी नदी बेसिन से जुड़े क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश के कारण पहाड़ खिसकने, चट्टानें गिरने और सड़कें क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। विशेष रूप से नारायणगढ़-मुग्लिन सड़क खंड, सिद्धार्थ राजमार्ग, कोशी, कांती और अरनिको राजमार्ग के संवेदनशील हिस्सों में सतर्कता बरतने को कहा गया है।
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नदियों का जलस्तर बढ़ने से सड़क किनारे कटाव और पुल-पुलियों को नुकसान पहुंचने का भी खतरा जताया गया है। सोनौली सीमा से नेपाल में प्रवेश करने वाले बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक भैरहवा-बुटवल होते हुए पोखरा और काठमांडो जाते हैं। नारायणगढ़-मुग्लिन मार्ग काठमांडो और पोखरा की ओर जाने वाले प्रमुख सड़क संपर्कों में शामिल है। ऐसे में बारिश और भूस्खलन से यात्री वाहनों के साथ मालवाहक वाहनों का संचालन भी प्रभावित हो सकता है।
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जिला प्रशासन सहायक जिलाधिकारी ईश्वर प्रसाद शर्मा ने सभी यात्रियों से अपील की है कि यात्रा अत्यंत आवश्यक होने पर ही निकलें।