फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Railway land acquisition: Public anger over lack of proper compensation

रेलवे भूमि अधिग्रहण: उचित मुआवजा निर्धारण नहीं होने पर लोगों में रोष

Sat, 25 Oct 2025 02:21 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Oct 2025 02:21 AM IST
विज्ञापन
Railway land acquisition: Public anger over lack of proper compensation
भूमि का किया गया अ​​धिग्रहण।
महराजगंज। नगर पालिका परिषद क्षेत्र महुअवा में रेलवे स्टेशन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। शासन-प्रशासन की ओर से भूमि स्वामियों को 1,45,000 प्रति डिसमिल की दर से मुआवजा दिया जा रहा है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है। तर्क है की जमीनें आवासीय व व्यावसायिक प्रयोजनों के लिए खरीदी थीं। आवासीय दर का स्टांप शुल्क भी जमा किया गया इसके बाद भी मुआवजा देने में पेंच क्यों फंसाया जा रहा है। आर्बिट्रेशन दाखिल कर लोगों ने उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
विज्ञापन

प्रभावित लोगों के मुताबिक, मुआवजे की दर बाजार मूल्य का छोटा हिस्सा है, क्योंकि इसी क्षेत्र में पिछले वर्षों में भूमि 5 लाख से 7 लाख प्रति डिसमिल तक खरीदी-बेची गई है। शकुंतला देवी ने आर्बिट्रेशन दाखिल कर तर्कों के आधार उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि महुअवा में गाटा संख्या 331, रकबा 0.65 हेक्टेयर भूमि है। भूमि के 50 से 200 मीटर के भीतर आबादी व दुकानें हैं। इसका मूल्यांकन कृषि दर पर 30 प्रतिशत वृद्धि के साथ किया जाए। इस आधार पर सरकार ने 9,500 रुपये स्टांप शुल्क कमी पर 1,000 अर्थदंड वसूला गया। इस भूमि को इस बार अधिग्रहण के दौरान कृषि भूमि घोषित करते हुए मुआवजा तय किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में सरकार ने जिस भूमि से आवासीय दर का स्टांप वसूला था उसे अब कृषि भूमि मानकर मुआवजा दिया जा रहा है। बताया कि वर्तमान में महुअवा वार्ड नंबर 10 है, जहां ग्राम प्रधान नहीं सभासद है। भूमि फरेंदा–महराजगंज राष्ट्रीय राजमार्ग 150 मीटर की दूरी पर स्थित है। कई होटल, दुकाने और विद्यालय भी इसी इलाके में संचालित हैं। ऐसे में इस भूमि को कृषि भूमि बताकर मुआवजा तय करना ठीक नहीं है। महुअवा वार्ड 10 की भूमि का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
विज्ञापन

गांधी नगर की दमयंती राय कहती हैं की महुअवा वार्ड में 6 डिसमिल जमीन शहरी के रेट से 2022 में खरीदा था। यह जमीन रेलवे में निकल गई लेकिन मुआवजा कृषि के रेट से दिया जा रहा है। 4 लाख 30 हजार रुपये डिसमिल जमीन खरीदा गया था अब उसका मुआवजा 2 लाख 82 हजार रुपये के हिसाब से दिया जा रहा है। उचित मुआवजा को लेकर आर्बिटेशन दाखिल किया गया है। हमीद नगर के नसीम अहमद ने तीन डिसमिल महुअवा में खरीदी है। इन्होंने भी आर्बिटेशन दाखिल किया है। इसी तरह से प्रवीन निशा, अशोक पटेल ने भी आपत्ति करते हुए उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। शास्त्री नगर के अभिषेक राय ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि मनमानी की जा रही है। महंगे रेट पर जमीन खरीदी गई। कम से कम आवासीय का जब शुल्क जमा है तो उसी हिसाब से मुआवजा मिल जाता तो अच्छा रहता है। कृषि के रेट में मुआवजा उचित नहीं है। निचलौल कस्बे में विनय मिश्रा ने चार डिसमिल जमीन महुअवा में खरीदा है। उन्होंने बताया कि मुआवजा निर्धारण समझ में नहीं आ रहा है। इसमें नियम कानून का पेंच फंसा कर मुआवजा दिया जा रहा है। जमीन की मूल्यांकन ठीक ढंग से होने की जरूरत है। जिम्मेदारों ने प्रभावित लोगों के हित पर ध्यान नहीं दिया है, इससे यह समस्या हो रही है। कुलदीप निवासी गांधी नगर ने बताया कि 4 डिसमिल जमीन महुअवा में खरीदा था। 2022 में जिसकी कीमत एक डिसमल की 4 लाख 30 हजार थी, अब मुआवजा के नाम पर 2 लाख 80 हजार रुपये प्रति डिसमिल दिया जा रहा है। उचित मुआवजा को लेकर आर्बिटेशन दाखिल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------------
महुअवा में तीन डिसमिल जमीन 4 लाख 30 हजार रुपये में लिया था लेकिन मुआवजा कृषि के रेट से मिल रहा है। उचित मुआवजा को लेकर आर्बिटेशन दाखिल किया गया है।
कृष्ण मोहन शुक्ला, पीड़ित
--------------
जमीनों के मुआवजे को लेकर झोल है। एक तो पहले महंगे रेट पर जमीन ली गई है। आवासीय का शुल्क जमा कर बैनामा कराया गया। मुआवजा कृषि के भाव से मिल रहा है यह ठीक नहीं है।
नसीम अहमद, पीड़ित
------------------
घुघली से महराजगंज तक 24.8 किमी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण शुरू

महराजगंज। जिले में प्रस्तावित नई रेल लाइन निर्माण परियोजना अब रफ्तार पकड़ने लगी है। रेलवे की ओर से प्रथम चरण में घुघली से महराजगंज तक 24.8 किलोमीटर लंबे खंड में निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रेल लाइन के दायरे में आने वाली परिसंपत्तियों को हटाने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। शुक्रवार को रेलवे की नामित एजेंसी की ओर से जोगिया गांव में एक प्रभावित किसान के मकान को तोड़ने का काम शुरू कराया गया।

जानकारी के अनुसार, प्रथम चरण में घुघली से महराजगंज तक 24.8 किमी हिस्से पर कार्य जारी है जबकि दूसरे चरण में महराजगंज से आनंदनगर तक के शेष हिस्से पर काम प्रस्तावित है। पहले चरण में आने वाले 50 मकान और अन्य परिसंपत्तियां रेलवे ट्रैक की जद में है। इन परिसंपत्तियों को हटाने का कार्य जारी है ताकि निर्माण एजेंसी को भूमि हस्तांतरित की जा सके। जोगिया गांव में शुक्रवार को एक किसान का मकान गिराया गया, जबकि आने वाले दिनों में अन्य परिसंपत्तियों को हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी। संवाद

----------------------
कोट

जिले में नई रेल लाइन घुघली से महराजगंज होते हुए आनंदनगर तक प्रस्तावित है। इसमें प्रथम फेस में कार्य प्रारंभ हो गया है। जल्द ही मिट्टी भराई कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जोगिया गांव में एक किसान के मकान को ध्वस्त करने का कार्य भी शुक्रवार को शुरू कराया गया।


अजय कुमार, सेक्शन इंजीनियर, रेलवे विभाग

--------------------

प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द शेष मुआवजा दिलाने के प्रयास किया ला रहा है। रेलवे परियोजना से जुड़े हर किसान को उसके अधिकार का पूरा भुगतान किया जाएगा। जिन प्रकरणों में तकनीकी या दस्तावेजी अड़चन है उन्हें नियम के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है।

नंद प्रकाश मौर्य, भूमि अध्याप्ति अधिकारी
-----------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed