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Maharajganj News: सेना के लिए ड्रोन बनाने की तैयारी में थे राहुल
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विभूतिखंड स्थित होटल नोवोटेल में युवा वैज्ञानिक की मौत का मामला
सामान्य परिवार से निकलकर अपनी प्रतिभा से बनाई थी देशभर में पहचान
लखनऊ/महराजगंज। युवा वैज्ञानिक और ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह ने कम उम्र में अपने नवाचारों से देशभर में पहचान बनाई थी। उनके भाई रोहित ने बताया कि राहुल का सपना भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक ड्रोन विकसित करना था। वह इस दिशा में काम भी कर रहे थे। परिवार में पिता संजय सिंह खेती किसानी करते हैं। मां रासमुनि देवी और बहन नीशु का रो-रोकर बुरा हाल है।
रोहित गोरखपुर एयरपोर्ट पर कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। उन्होंने बताया कि राहुल ने दिल्ली के बुद्धा इंस्टीट्यूट से बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स) की पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने ड्रोन और नवाचार के क्षेत्र में काम शुरू किया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए कई लोगों ने पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहयोग भी किया। विभिन्न राज्यों में उन्हें कई बार सम्मानित किया गया और कई मेडल भी मिले।
पिछले एक माह से राहुल का लखनऊ आना-जाना बढ़ गया था। वह करीब एक सप्ताह तक गोमतीनगर के गेस्ट हाउस में रुके थे और 13 जुलाई को होटल नोवोटेल पहुंचे थे। रोहित ने बताया कि राहुल दिन में तीन-चार बार परिवार से बात करते थे। 13 जुलाई की रात भी उनकी घरवालों से फोन पर बातचीत हुई थी और वह पूरी तरह सामान्य लग रहे थे।
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माैत से दो दिन पहले था बर्थ डे
राहुल का 12 जुलाई को जन्मदिन था। जन्मदिन के दो दिन बाद ही उनकी जान चली गई। दोस्त राज चौधरी ने बताया कि 13 जुलाई की रात उनका मित्र राहुल से मिलने होटल गया था और कुछ देर बाद लौट आया। रोहित ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए बताया कि फरवरी में चंद्रभूषण मिश्र ने राहुल को समन भी भिजवाया था। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
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सामान्य परिवार से निकलकर अपनी प्रतिभा से बनाई थी देशभर में पहचान
लखनऊ/महराजगंज। युवा वैज्ञानिक और ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह ने कम उम्र में अपने नवाचारों से देशभर में पहचान बनाई थी। उनके भाई रोहित ने बताया कि राहुल का सपना भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक ड्रोन विकसित करना था। वह इस दिशा में काम भी कर रहे थे। परिवार में पिता संजय सिंह खेती किसानी करते हैं। मां रासमुनि देवी और बहन नीशु का रो-रोकर बुरा हाल है।
रोहित गोरखपुर एयरपोर्ट पर कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। उन्होंने बताया कि राहुल ने दिल्ली के बुद्धा इंस्टीट्यूट से बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स) की पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने ड्रोन और नवाचार के क्षेत्र में काम शुरू किया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए कई लोगों ने पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहयोग भी किया। विभिन्न राज्यों में उन्हें कई बार सम्मानित किया गया और कई मेडल भी मिले।
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पिछले एक माह से राहुल का लखनऊ आना-जाना बढ़ गया था। वह करीब एक सप्ताह तक गोमतीनगर के गेस्ट हाउस में रुके थे और 13 जुलाई को होटल नोवोटेल पहुंचे थे। रोहित ने बताया कि राहुल दिन में तीन-चार बार परिवार से बात करते थे। 13 जुलाई की रात भी उनकी घरवालों से फोन पर बातचीत हुई थी और वह पूरी तरह सामान्य लग रहे थे।
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माैत से दो दिन पहले था बर्थ डे
राहुल का 12 जुलाई को जन्मदिन था। जन्मदिन के दो दिन बाद ही उनकी जान चली गई। दोस्त राज चौधरी ने बताया कि 13 जुलाई की रात उनका मित्र राहुल से मिलने होटल गया था और कुछ देर बाद लौट आया। रोहित ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए बताया कि फरवरी में चंद्रभूषण मिश्र ने राहुल को समन भी भिजवाया था। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।