{"_id":"6007231c8ebc3e2f853c5de4","slug":"qr-code-compulsury-for-fertilizer-shops-maharajganj-news-gkp3815770177","type":"story","status":"publish","title_hn":"उर्वरक की दुकान पर क्यूआर कोड रखना अनिवार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उर्वरक की दुकान पर क्यूआर कोड रखना अनिवार्य
विज्ञापन
उर्वरक की दुकान पर क्यूआर कोड रखना अनिवार्य
प्रत्येक सक्रिय दुकानों के संचालकों को खाते से लिंक क्यूआर कोड को दुकानों पर रखना होगा आवश्यक
पीओएस मशीन से करनी होगी खाद की बिक्री
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में संचालित उर्वरक के दुकानदारों को अब अपनी दुकान पर लेनदेन संबंधी खाते से जुड़े क्यूआर (क्विक रेस्पांस) कोड को रखना अनिवार्य होगा। जांच में यदि कहीं पर भी इसमें लापरवाही मिली तो दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
जिले भर में उर्वरक की कुल 908 दुकानें पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 150 दुकानें सक्रिय नहीं हैं, जबकि अन्य दुकानें नियमित रूप से संचालित हो रहीं हैं। कृषि विभाग के जिम्मेदारों की मंशा है कि उर्वरक की दुकानों से जो भी खाद बिके तथा जो भी पैसा जमा हो, उसका पूरा विवरण दुकानदार के पास भी हो तथा डिजिटल लेनदेन को भी बढ़ावा मिले। इसे दृष्टिगत रखते हुए अब विभाग ने उर्वरक की सभी दुकानदारों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक दशा में अपनी दुकान पर एकाउंट से जुड़ा क्यूआर कोड लगाया जाना सुनिश्चित करें। इससे जहां डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं, विक्रय व्यवस्था में भी पारदर्शिता आएगी। जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि अब सभी दुकानदारों को अपने दुकानों पर क्यूआर कोड रखना होगा। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
पीओएस मशीन के इस्तेमाल पर हो बल
उर्वरक की बिक्री के दौरान किसान प्वाइंट आफ सेल (पीओएस) मशीन के प्रयोग पर विशेष बल देना सुनिश्चित करें। उर्वरक की ब्रिकी के दौरान स्टाक रजिस्टर व बिक्री रजिस्टर पर किसानों के आधार के साथ-साथ संपूर्ण विवरण को दर्ज किया जाए। इसमें शिथिलता न बरती जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रत्येक सक्रिय दुकानों के संचालकों को खाते से लिंक क्यूआर कोड को दुकानों पर रखना होगा आवश्यक
पीओएस मशीन से करनी होगी खाद की बिक्री
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में संचालित उर्वरक के दुकानदारों को अब अपनी दुकान पर लेनदेन संबंधी खाते से जुड़े क्यूआर (क्विक रेस्पांस) कोड को रखना अनिवार्य होगा। जांच में यदि कहीं पर भी इसमें लापरवाही मिली तो दोषियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
जिले भर में उर्वरक की कुल 908 दुकानें पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 150 दुकानें सक्रिय नहीं हैं, जबकि अन्य दुकानें नियमित रूप से संचालित हो रहीं हैं। कृषि विभाग के जिम्मेदारों की मंशा है कि उर्वरक की दुकानों से जो भी खाद बिके तथा जो भी पैसा जमा हो, उसका पूरा विवरण दुकानदार के पास भी हो तथा डिजिटल लेनदेन को भी बढ़ावा मिले। इसे दृष्टिगत रखते हुए अब विभाग ने उर्वरक की सभी दुकानदारों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक दशा में अपनी दुकान पर एकाउंट से जुड़ा क्यूआर कोड लगाया जाना सुनिश्चित करें। इससे जहां डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं, विक्रय व्यवस्था में भी पारदर्शिता आएगी। जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि अब सभी दुकानदारों को अपने दुकानों पर क्यूआर कोड रखना होगा। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
विज्ञापन
पीओएस मशीन के इस्तेमाल पर हो बल
उर्वरक की बिक्री के दौरान किसान प्वाइंट आफ सेल (पीओएस) मशीन के प्रयोग पर विशेष बल देना सुनिश्चित करें। उर्वरक की ब्रिकी के दौरान स्टाक रजिस्टर व बिक्री रजिस्टर पर किसानों के आधार के साथ-साथ संपूर्ण विवरण को दर्ज किया जाए। इसमें शिथिलता न बरती जाए।
विज्ञापन