{"_id":"6956d800505f3bc021071d12","slug":"process-of-stock-verification-of-shopkeepers-selling-pesticides-started-maharajganj-news-c-206-1-go11002-168139-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: कीटनाशक बिक्री करने वाले दुकानदारों के स्टाक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: कीटनाशक बिक्री करने वाले दुकानदारों के स्टाक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू
विज्ञापन
कृषि विभाग जांच रहा स्टाक, देख रहा रिकार्ड
कीटनाशकों की जांच सीमा क्षेत्र में प्रभावी
महराजगंज। तस्कर सिर्फ सब्सिडी वाला उर्वरक ही नहीं कीटनाशकों की खेप भी सीमा पार करा रहे। लेकिन असली के रेट में नेपाल में नकली कीटनाशकों की खेप पहुंची। भनक लगने के बाद कृषि विभाग ने सीमा क्षेत्र के कीटनाशक विक्रेताओं के स्टाक का सत्यापन और आपूर्ति का रिकार्ड खंगालना शुरू किया है। बृहस्पतिवार नौतनवां तहसील क्षेत्र में आठ कीटनाशक बिक्री करने वाले दुकानों की पड़ताल डीएओ शैलेंद्र प्रताप सिंह ने करते हुए इसके संकेत दिए।
कृषि निदेशालय के निर्देश पर सीमा क्षेत्र के कीटनाशक बिक्री करने वाले दुकानदारों के स्टाक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिला कृषि अधिकारी ने बृहस्पतिवार की जांच में बार्डर क्षेत्र के 20 किमी के दायरे में संचालित लाइसेंस धारी कीटनाशक दुकानों की जांच की। पड़ताल में रबी और खरीफ के लिए मंगाए गए कीटनाशकों की मात्रा, बिक्री के साथ यह भी जांचा गया कि आपूर्ति कहां से पहुंची।
कृषि विभाग के सूत्रों की माने तो कृषि निदेशालय ने जारी निर्देश में सीमा क्षेत्र की दुकानों की जांच कर रिपोर्ट मांगी है कि कितनी मात्रा में कीटनाशक पहुंचे और बिक्री कितनी हुई। बताया जा रहा कि निदेशालय को इस बात के स्पष्ट संकेत मिले हैं कि नेपाल सीमा से सटे भारतीय जिलों से नकली कीटनाशकों की खेप तस्करों ने नेपाल तक पहुंचाई और असली का दाम भी वसूला। लेकिन नेपाली कारोबारियों ने असली के लोभ में जिन कीटनाशकों की खरीद की वह नकली निकले जिसे खरीदने से नेपाली किसान परहेज कर रहे।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- --
प्रदेश के अमेठी में नकली कीटनाशक निर्माण की फैक्ट्री पकड़ी गई। शामिल लोगों से हुई पूछताछ के बाद पता चला कि नकली कीटनाशक सर्वाधिक नेपाल सीमा के भारतीय जनपदों में खपाए गये। इसी के मद्देनजर स्टाक व बिक्री का रिकॉर्ड जांचा जा रहा। बृहस्पतिवार को आठ कीटनाशक दवा विक्रेताओं के यहां औचक जांच हुई।
-शैलेंद्र प्रताप सिंह, डीएओ महराजगंज।
विज्ञापन
कीटनाशकों की जांच सीमा क्षेत्र में प्रभावी
महराजगंज। तस्कर सिर्फ सब्सिडी वाला उर्वरक ही नहीं कीटनाशकों की खेप भी सीमा पार करा रहे। लेकिन असली के रेट में नेपाल में नकली कीटनाशकों की खेप पहुंची। भनक लगने के बाद कृषि विभाग ने सीमा क्षेत्र के कीटनाशक विक्रेताओं के स्टाक का सत्यापन और आपूर्ति का रिकार्ड खंगालना शुरू किया है। बृहस्पतिवार नौतनवां तहसील क्षेत्र में आठ कीटनाशक बिक्री करने वाले दुकानों की पड़ताल डीएओ शैलेंद्र प्रताप सिंह ने करते हुए इसके संकेत दिए।
कृषि निदेशालय के निर्देश पर सीमा क्षेत्र के कीटनाशक बिक्री करने वाले दुकानदारों के स्टाक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिला कृषि अधिकारी ने बृहस्पतिवार की जांच में बार्डर क्षेत्र के 20 किमी के दायरे में संचालित लाइसेंस धारी कीटनाशक दुकानों की जांच की। पड़ताल में रबी और खरीफ के लिए मंगाए गए कीटनाशकों की मात्रा, बिक्री के साथ यह भी जांचा गया कि आपूर्ति कहां से पहुंची।
विज्ञापन
कृषि विभाग के सूत्रों की माने तो कृषि निदेशालय ने जारी निर्देश में सीमा क्षेत्र की दुकानों की जांच कर रिपोर्ट मांगी है कि कितनी मात्रा में कीटनाशक पहुंचे और बिक्री कितनी हुई। बताया जा रहा कि निदेशालय को इस बात के स्पष्ट संकेत मिले हैं कि नेपाल सीमा से सटे भारतीय जिलों से नकली कीटनाशकों की खेप तस्करों ने नेपाल तक पहुंचाई और असली का दाम भी वसूला। लेकिन नेपाली कारोबारियों ने असली के लोभ में जिन कीटनाशकों की खरीद की वह नकली निकले जिसे खरीदने से नेपाली किसान परहेज कर रहे।
विज्ञापन
प्रदेश के अमेठी में नकली कीटनाशक निर्माण की फैक्ट्री पकड़ी गई। शामिल लोगों से हुई पूछताछ के बाद पता चला कि नकली कीटनाशक सर्वाधिक नेपाल सीमा के भारतीय जनपदों में खपाए गये। इसी के मद्देनजर स्टाक व बिक्री का रिकॉर्ड जांचा जा रहा। बृहस्पतिवार को आठ कीटनाशक दवा विक्रेताओं के यहां औचक जांच हुई।
-शैलेंद्र प्रताप सिंह, डीएओ महराजगंज।