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Maharajganj News: कोरोना का टीका नहीं, मॉक ड्रिल की तैयारी
Thu, 30 Mar 2023 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 30 Mar 2023 01:00 AM IST
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कोरोना से बचाव के लिए अस्पताल तैयार, 10 व 11 अप्रैल को पूर्वाभ्यास कर जांचेंगे संसाधनों की कार्य क्षमता
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में कोरोना से बचाव के तैयारी पूरी है। ऑक्सीजन प्लांट से लेकर बेड दुरुस्त करा दिए गए हैं। बीते दो माह से कोरोना का टीका नहीं लग रहा है। 10 व 11 अप्रैल को मॉक ड्रिल की तैयारी की जा रही है। मॉक ड्रिल के जरिए संसाधनों की कार्य क्षमता की परख की जाएगी। टीका नहीं रहने से केंद्रों से लोग लौट जा रहे हैं। तमाम लोगों को अभी बूस्टर डोज भी नहीं लगी है।
जिले में महज 34 प्रतिशत बुजुर्गों को बूस्टर डोज लग पाई है। 45 से 59 वर्ष के बीच 33 प्रतिशत लोगों को बूस्टर डोज लगी है। 18 से 44 वर्ष के बीच 24 प्रतिशत लोगों को टीका लगा है। हेल्थ वर्कर व फ्रंटलाइन वर्कर को शत-प्रतिशत बूस्टर डोज लग चुकी है।
लोगों के मुताबिक बूस्टर डोज लगवाने के लिए केंद्रों पर पूछताछ करने पर सटीक जानकारी नहीं मिलती है। करीब दो माह से टीका नहीं लग रहा है। मधवलिया गांव के नरेश ने बताया कि केंद्र पर कई बार पूछताछ की लेकिन कोई जानकारी मिली। अब जाना बंद कर दिए हैं।
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जिले में कोरोना से बचाव के लिए तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बेड से लेकर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। 10 व 11 अप्रैल को कोविड हाॅस्पिटल में मॉक ड्रिल कर इलाज की व्यवस्था की परख की जाएगी। मॉक ड्रिल को लेकर स्वास्थ्य प्रशासन कोविड अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन प्लांट को ठीक कर रहा है।
शासन ने कोविड हॉस्पिटल और ऑक्सीजन प्लांट में मॉक ड्रिल कर इलाज की व्यवस्था परखने के निर्देश दिए हैं। 100 बेड वाले जिला महिला कोविड हाॅस्पिटल में कोरोना से गंभीर पीड़ितों के इलाज के लिए 40 बेड का आईसीयू संचालित है। इसमें 20 बेड बच्चों के लिए सुरक्षित है।
इसके अलावा 50-50 बेड वाले कोविड हाॅस्पिटल सीएचसी घुघली और गोपाला में 10-10 बेड का आईसीयू वार्ड है। 1940 लीटर प्रति मिनट क्षमता के पांच ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। 11 अप्रैल को एडी व जेडी की देखरेख में कोविड अस्पतालों में मॉक ड्रिल होगी। तीन कोविड अस्पताल में पाइपलाइन से बेड पर ऑक्सीजन देने की सुविधा है।
कोट
मॉक ड्रिल को देखते हुए तैयारी पर विशेष नजर है। वैक्सीन आते ही टीका लगना शुरू हो जाएगा। कोरोना से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मास्क लगाने व सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। कोरोना पीड़ितों का बेहतर ढंग से इलाज करने के लिए अस्पताल तैयार हैं।
-डॉ. केपी सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
कोट
बूस्टर डोज लगवाने के लिए केंद्र पर कई बार गया, लेकिन टीका नहीं लग सका। केंद्र पर वैक्सीन नहीं होने के कारण समस्या हो रही है। वैक्सीन मंगाने के लिए अधिकारी विशेष रुचि नहीं ले रहे हैं।
-संजय पांडेय, बभनौली
दो डोज बहुत पहले ही लगवा चुका हूं। बूस्टर डोज लगवाने के लिए कई कई बार महिला अस्पताल गया तो पता चला कि वैक्सीन नहीं है। पता नहीं अब टीका कब लगेगा।
-ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी, सिविल लाइन
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महराजगंज। जिले में कोरोना से बचाव के तैयारी पूरी है। ऑक्सीजन प्लांट से लेकर बेड दुरुस्त करा दिए गए हैं। बीते दो माह से कोरोना का टीका नहीं लग रहा है। 10 व 11 अप्रैल को मॉक ड्रिल की तैयारी की जा रही है। मॉक ड्रिल के जरिए संसाधनों की कार्य क्षमता की परख की जाएगी। टीका नहीं रहने से केंद्रों से लोग लौट जा रहे हैं। तमाम लोगों को अभी बूस्टर डोज भी नहीं लगी है।
जिले में महज 34 प्रतिशत बुजुर्गों को बूस्टर डोज लग पाई है। 45 से 59 वर्ष के बीच 33 प्रतिशत लोगों को बूस्टर डोज लगी है। 18 से 44 वर्ष के बीच 24 प्रतिशत लोगों को टीका लगा है। हेल्थ वर्कर व फ्रंटलाइन वर्कर को शत-प्रतिशत बूस्टर डोज लग चुकी है।
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लोगों के मुताबिक बूस्टर डोज लगवाने के लिए केंद्रों पर पूछताछ करने पर सटीक जानकारी नहीं मिलती है। करीब दो माह से टीका नहीं लग रहा है। मधवलिया गांव के नरेश ने बताया कि केंद्र पर कई बार पूछताछ की लेकिन कोई जानकारी मिली। अब जाना बंद कर दिए हैं।
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जिले में कोरोना से बचाव के लिए तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बेड से लेकर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। 10 व 11 अप्रैल को कोविड हाॅस्पिटल में मॉक ड्रिल कर इलाज की व्यवस्था की परख की जाएगी। मॉक ड्रिल को लेकर स्वास्थ्य प्रशासन कोविड अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन प्लांट को ठीक कर रहा है।
शासन ने कोविड हॉस्पिटल और ऑक्सीजन प्लांट में मॉक ड्रिल कर इलाज की व्यवस्था परखने के निर्देश दिए हैं। 100 बेड वाले जिला महिला कोविड हाॅस्पिटल में कोरोना से गंभीर पीड़ितों के इलाज के लिए 40 बेड का आईसीयू संचालित है। इसमें 20 बेड बच्चों के लिए सुरक्षित है।
इसके अलावा 50-50 बेड वाले कोविड हाॅस्पिटल सीएचसी घुघली और गोपाला में 10-10 बेड का आईसीयू वार्ड है। 1940 लीटर प्रति मिनट क्षमता के पांच ऑक्सीजन प्लांट लगे हैं। 11 अप्रैल को एडी व जेडी की देखरेख में कोविड अस्पतालों में मॉक ड्रिल होगी। तीन कोविड अस्पताल में पाइपलाइन से बेड पर ऑक्सीजन देने की सुविधा है।
कोट
मॉक ड्रिल को देखते हुए तैयारी पर विशेष नजर है। वैक्सीन आते ही टीका लगना शुरू हो जाएगा। कोरोना से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मास्क लगाने व सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। कोरोना पीड़ितों का बेहतर ढंग से इलाज करने के लिए अस्पताल तैयार हैं।
-डॉ. केपी सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
कोट
बूस्टर डोज लगवाने के लिए केंद्र पर कई बार गया, लेकिन टीका नहीं लग सका। केंद्र पर वैक्सीन नहीं होने के कारण समस्या हो रही है। वैक्सीन मंगाने के लिए अधिकारी विशेष रुचि नहीं ले रहे हैं।
-संजय पांडेय, बभनौली
दो डोज बहुत पहले ही लगवा चुका हूं। बूस्टर डोज लगवाने के लिए कई कई बार महिला अस्पताल गया तो पता चला कि वैक्सीन नहीं है। पता नहीं अब टीका कब लगेगा।
-ज्ञानेंद्र नाथ द्विवेदी, सिविल लाइन