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Maharajganj News: आश्रय गृह में सफाई बदहाल, शौचालय में दरवाजा नहीं
Sat, 03 Aug 2024 05:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 03 Aug 2024 05:05 AM IST
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शौचालय का टूटा दरवाजा।
महराजगंज। जनपद के विस्मिल नगर में स्थित 50 बेड का आश्रय गृह बदहाल है। शौचालय में दरवाजा ही नहीं है। रोजाना 10-12 लोग शरण लेने के लिए आते हैं, लेकिन एक केयर टेकर को छोड़कर पूरा आश्रय गृह खाली नजर आया। केयर टेकर ने कहा कि सात लोग गृह में रुके हैं। खाना खाने गए हैं।
दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत विस्मिल नगर में बने आश्रय गृह में 50 लोगों के रूकने की व्यवस्था है। आश्रय गृह में पिछले चार माह में रुके लोगों की संख्या पर नजर डाले तो मार्च में 447 लोग, अप्रैल में 176 लोग, मई में 276 लोग, जून में 277 लोग ठहरे जबकि 10 जुलाई तक 79 लोग ठहरे। केयर टेकर के मुताबिक 10 जुलाई के बाद शरणार्थियों की संख्या मोबाइल पर दर्ज नहीं है साहब रजिस्टर रखकर कहीं चले गए हैं।
आश्रय गृह में बने दो शौचालय में एक में दरवाजा नहीं दिखा तो स्नानघर का दरवाजा जर्जर दिखा। दूरभाष पर आश्रय गृह के प्रबंधक रामानुज ने बताया कि खराब होने के कारण शौचालय का दरवाजा निकालकर रख दिया गया है, जबकि एक दरवाजा जर्जर है। जल्द ही बनवाकर लगवा दिया जाएगा। गंदा शौचालय, स्नानघर और हाल में रखे टूटे बेड दुर्व्यवस्था को उजागर कर रहे थे।
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आश्रय गृह की खिड़कियों पर जाली तो लगा दिखा, लेकिन किसी भी खिड़की पर दरवाजा नहीं था। पूछने पर केयर टेकर राजेश्वर गुप्ता ने बताया खिड़कियों का शीशा टूटने के कारण दरवाजा हटा दिया गया। हाल में लगे दो पंखे खराब हैं। केयर टेकर के मुताबिक कोने में पड़ा कूलर सही है जरूरत पड़ने पर लगा दिया जाता है। यहां रुकने वाले शरणार्थियों के लिए मच्छरदानी आदि की व्यवस्था नहीं है।
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दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत विस्मिल नगर में बने आश्रय गृह में 50 लोगों के रूकने की व्यवस्था है। आश्रय गृह में पिछले चार माह में रुके लोगों की संख्या पर नजर डाले तो मार्च में 447 लोग, अप्रैल में 176 लोग, मई में 276 लोग, जून में 277 लोग ठहरे जबकि 10 जुलाई तक 79 लोग ठहरे। केयर टेकर के मुताबिक 10 जुलाई के बाद शरणार्थियों की संख्या मोबाइल पर दर्ज नहीं है साहब रजिस्टर रखकर कहीं चले गए हैं।
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आश्रय गृह में बने दो शौचालय में एक में दरवाजा नहीं दिखा तो स्नानघर का दरवाजा जर्जर दिखा। दूरभाष पर आश्रय गृह के प्रबंधक रामानुज ने बताया कि खराब होने के कारण शौचालय का दरवाजा निकालकर रख दिया गया है, जबकि एक दरवाजा जर्जर है। जल्द ही बनवाकर लगवा दिया जाएगा। गंदा शौचालय, स्नानघर और हाल में रखे टूटे बेड दुर्व्यवस्था को उजागर कर रहे थे।
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आश्रय गृह की खिड़कियों पर जाली तो लगा दिखा, लेकिन किसी भी खिड़की पर दरवाजा नहीं था। पूछने पर केयर टेकर राजेश्वर गुप्ता ने बताया खिड़कियों का शीशा टूटने के कारण दरवाजा हटा दिया गया। हाल में लगे दो पंखे खराब हैं। केयर टेकर के मुताबिक कोने में पड़ा कूलर सही है जरूरत पड़ने पर लगा दिया जाता है। यहां रुकने वाले शरणार्थियों के लिए मच्छरदानी आदि की व्यवस्था नहीं है।