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Maharajganj News: साइट्रेन से साइबर फ्राड से निपटने में दक्ष हो रही पुलिस
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महराजगंज। जनपद में अब साइबर फ्राड के मामलों की विवेचना सिर्फ साइबर थाने के जिम्मे नहीं होगी बल्कि प्रत्येक जवान साइबर फ्रॉड रोकने में दक्ष होगा। साइट्रेन वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के बाद जवानों को तकनीकी तौर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। वेबसाइट को गृह मंत्रालय ने लांच कर प्रशिक्षण के निर्देश दिए थे।
डिजिटल अरेस्ट से लेकर एडिट कर अश्लील फोटो और वीडियो, हनीट्रैप से ब्लैकमेल करने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला मुख्यालय पर साइबर थाना और सभी थानों में साइबर सेल के इंतजाम होने के बाद भी साइबर क्राइम पर रोक नहीं लग पा रहा है। इसीलिए पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध से निपटने के लिए तकनीकी जानकारी दी जा रही है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए आई 4 सी (इंडियन साइबर क्राइम क्वार्डिनेशन सेंटर) की शुरुआत की गई है। इसके तहत एनसीटी (नेशनल साइबर क्राइम ट्रेनिंग) के माध्यम से साइबर अपराध को लेकर जागरूकता और कार्रवाई की जानकारी दी जा रही है। साइबर फ्रॉड के मामलों की विवेचना कैसे करनी है और प्रकरण में किन साक्ष्यों की जरूरत होगी यह जानकारी प्रशिक्षण में दी जा रही है।
एप एआई तकनीक से अपडेट कर देगा जानकारी
साइट्रेन वेबसाइट का प्रशिक्षण पूरी करने के बाद साइट्रेन एप भी पंजीकृत हो चुके जवानों के स्मार्ट फोन में डाउनलोड कराया जाएगा। एप की खासियत यह है कि यह डिजिटल क्राइम की विवेचना के लिए उपयोगी बिंदु और साक्ष्यों की जानकारी एआई तकनीक से अपडेट करके देगा। प्रशिक्षण के बाद जवानों को प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
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साइट्रेन सरकारी वेबसाइट है। इस पर सभी पुलिस जवानों का रजिस्ट्रेशन कर जनपद में साइबर क्राइम का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले बैच का प्रशिक्षण कार्य चल रहा है। इस प्रशिक्षण से साइबर फ्राड के मामले को समझने व विवेचना करने में जवानों को सहूलियत मिलेगी।
-सिद्धार्थ, एडिशनल एसपी, महराजगंज।
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डिजिटल अरेस्ट से लेकर एडिट कर अश्लील फोटो और वीडियो, हनीट्रैप से ब्लैकमेल करने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला मुख्यालय पर साइबर थाना और सभी थानों में साइबर सेल के इंतजाम होने के बाद भी साइबर क्राइम पर रोक नहीं लग पा रहा है। इसीलिए पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध से निपटने के लिए तकनीकी जानकारी दी जा रही है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए आई 4 सी (इंडियन साइबर क्राइम क्वार्डिनेशन सेंटर) की शुरुआत की गई है। इसके तहत एनसीटी (नेशनल साइबर क्राइम ट्रेनिंग) के माध्यम से साइबर अपराध को लेकर जागरूकता और कार्रवाई की जानकारी दी जा रही है। साइबर फ्रॉड के मामलों की विवेचना कैसे करनी है और प्रकरण में किन साक्ष्यों की जरूरत होगी यह जानकारी प्रशिक्षण में दी जा रही है।
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एप एआई तकनीक से अपडेट कर देगा जानकारी
साइट्रेन वेबसाइट का प्रशिक्षण पूरी करने के बाद साइट्रेन एप भी पंजीकृत हो चुके जवानों के स्मार्ट फोन में डाउनलोड कराया जाएगा। एप की खासियत यह है कि यह डिजिटल क्राइम की विवेचना के लिए उपयोगी बिंदु और साक्ष्यों की जानकारी एआई तकनीक से अपडेट करके देगा। प्रशिक्षण के बाद जवानों को प्रमाणपत्र भी मिलेगा।
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साइट्रेन सरकारी वेबसाइट है। इस पर सभी पुलिस जवानों का रजिस्ट्रेशन कर जनपद में साइबर क्राइम का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले बैच का प्रशिक्षण कार्य चल रहा है। इस प्रशिक्षण से साइबर फ्राड के मामले को समझने व विवेचना करने में जवानों को सहूलियत मिलेगी।
-सिद्धार्थ, एडिशनल एसपी, महराजगंज।