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Maharajganj News: हज यात्रा के दौरान होटल में भोजन नहीं बना सकेंगे जायरीन
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महराजगंज। 2026 की हज यात्रा पर जाने वाले जायरीनों के लिए सऊदी अरब ने तमाम शर्तों में बदलाव किया है। इन शर्तों के अनुपालन अनिवार्य तौर पर जायरीनों को करना पड़ेगा। जायरीन हज यात्रा के दौरान ठहरने वाले होटल में भोजन नहीं बना सकेंगे। भूलने की बीमारी या कैंसर का रोग है तो हज यात्रा पर नहीं जा सकेंगे। हज जाने वालों को पोलियो ड्राप नहीं बल्कि मेनिन्जाइटिस का टीका लगाया जाएगा। सऊदी अरब शासन ने एयरपोर्ट पर जांच के इंतजाम करने की जानकारी दी है।
2026 की हज यात्रा के लिए जनपद से कुल 71 जायरीनों ने प्रक्रिया पूरी की है, इसमें 38 पुरुष और 33 महिलाएं शामिल हैं। हज ट्रेनर के रूप में जिले से नूरुल हुदा को सेंट्रल हज कमेटी ने मुंबई में प्रशिक्षण दिलवाया। उन्होंने लौटकर नए प्रावधान से विभाग व हज यात्रियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अल्जाइमर (भूलने की बीमारी) और कैंसर आदि के रोगी हज पर नहीं जा सकेंगे। प्रसव अवधि नजदीक होने पर गर्भवती महिलाएं भी इस धार्मिक यात्रा पर नहींं जा सकेंगी।
ठहरने के सभी श्रेणी के होटलों में खाना पकाने पर पाबंदी रहेगी। ऐसे में होटल में उपलब्ध भोजन या साथ ले गया खाद्य ही जायरीन प्रयुक्त कर सकेंगे। नूरुल हुदा ने बताया कि ट्रेनिंग में बताया गया है कि गंभीर बीमारी गुर्दे, यकृत, हृदय, मानसिक बड़ी बीमारी, भूलने की बीमारी आदि के मरीज हज पर नहीं जा सकेंगे। साथ ही गर्भावस्था के अंतिम चरण वाली महिलाएं और कैंसर रोगियों पर भी रोक लगाई गई है।
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सऊदी सरकार एयरपोर्ट में मेडिकल जांच किया जाएगा। रोगी होने पर जायरीन वहीं से वापस कर दिये जाएंगे। इसलिए बेहतर यही की जायरीन स्वयं ही पीछे हो जाएं। उन्होंने बताया कि इस बार पोलियो ड्रॉप नहीं, बल्कि मेनिन्जाइटिस का टीका हज यात्रियों को लगाया जाएगा। साथ ही कोविड टीका लगने का प्रमाण देना होगा। जायरीनों को ठहरने के लिए मक्का में पुरुष और महिला को एक ही बिल्डिंग में अलग-अलग कमरे मिलेंगे।
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2026 की हज यात्रा के लिए जनपद से कुल 71 जायरीनों ने प्रक्रिया पूरी की है, इसमें 38 पुरुष और 33 महिलाएं शामिल हैं। हज ट्रेनर के रूप में जिले से नूरुल हुदा को सेंट्रल हज कमेटी ने मुंबई में प्रशिक्षण दिलवाया। उन्होंने लौटकर नए प्रावधान से विभाग व हज यात्रियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अल्जाइमर (भूलने की बीमारी) और कैंसर आदि के रोगी हज पर नहीं जा सकेंगे। प्रसव अवधि नजदीक होने पर गर्भवती महिलाएं भी इस धार्मिक यात्रा पर नहींं जा सकेंगी।
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ठहरने के सभी श्रेणी के होटलों में खाना पकाने पर पाबंदी रहेगी। ऐसे में होटल में उपलब्ध भोजन या साथ ले गया खाद्य ही जायरीन प्रयुक्त कर सकेंगे। नूरुल हुदा ने बताया कि ट्रेनिंग में बताया गया है कि गंभीर बीमारी गुर्दे, यकृत, हृदय, मानसिक बड़ी बीमारी, भूलने की बीमारी आदि के मरीज हज पर नहीं जा सकेंगे। साथ ही गर्भावस्था के अंतिम चरण वाली महिलाएं और कैंसर रोगियों पर भी रोक लगाई गई है।
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सऊदी सरकार एयरपोर्ट में मेडिकल जांच किया जाएगा। रोगी होने पर जायरीन वहीं से वापस कर दिये जाएंगे। इसलिए बेहतर यही की जायरीन स्वयं ही पीछे हो जाएं। उन्होंने बताया कि इस बार पोलियो ड्रॉप नहीं, बल्कि मेनिन्जाइटिस का टीका हज यात्रियों को लगाया जाएगा। साथ ही कोविड टीका लगने का प्रमाण देना होगा। जायरीनों को ठहरने के लिए मक्का में पुरुष और महिला को एक ही बिल्डिंग में अलग-अलग कमरे मिलेंगे।