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Maharajganj News: सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है पीएचसी बागापार, मरीज परेशान
Sun, 28 Jan 2024 02:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 28 Jan 2024 02:25 AM IST
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बागापार। लोगों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए सरकार भले ही सुविधा बढ़ाने का दावा करती है, लेकिन आज भी अस्पतालों में कर्मी, दवाओं व संसाधनों के अभाव के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कुछ ऐसी ही स्थिति एक लाख की आबादी की चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने वाले पीएचसी बागापार की है। स्वास्थ्यकर्मियों की कमी के कारण मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।
पीएचसी में प्रभारी चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय, दो स्टाफ नर्स, दो एएनएम एवं एक चौकीदार की नियुक्ति है। अस्पताल में जांच की सुविधा भी उपलब्ध है। हेल्थ एटीएम भी लगी है। अस्पताल में रोजमर्रा की छोटी मोटी दवाएं लगभग उपलब्ध हैं। सर्पदंश की दवा भी इमरजेंसी के लिए उपलब्ध है। हालांकि, एंटी रैबिज की दवा करीब 20 दिनों से नहीं है। इसके लिए अस्पताल की ओर से अधिकारियों को लिखा जा चुका है।
पीएचसी बागापार में आने वाले मरीजों की संख्या के हिसाब से यहां बेड की कमी है। महिला मरीजों को तो किसी तरह कमरे में व्यवस्थित कर लिया जाता है, लेकिन पुरुष मरीजों के भर्ती होने पर परेशानी बढ़ जाती है। इस कारण पुरुष मरीजों को बरामदे में ही रहना पड़ता है।
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पीएचसी में प्रभारी चिकित्साधिकारी, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, वार्ड ब्वाय, दो स्टाफ नर्स, दो एएनएम एवं एक चौकीदार की नियुक्ति है। अस्पताल में जांच की सुविधा भी उपलब्ध है। हेल्थ एटीएम भी लगी है। अस्पताल में रोजमर्रा की छोटी मोटी दवाएं लगभग उपलब्ध हैं। सर्पदंश की दवा भी इमरजेंसी के लिए उपलब्ध है। हालांकि, एंटी रैबिज की दवा करीब 20 दिनों से नहीं है। इसके लिए अस्पताल की ओर से अधिकारियों को लिखा जा चुका है।
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पीएचसी बागापार में आने वाले मरीजों की संख्या के हिसाब से यहां बेड की कमी है। महिला मरीजों को तो किसी तरह कमरे में व्यवस्थित कर लिया जाता है, लेकिन पुरुष मरीजों के भर्ती होने पर परेशानी बढ़ जाती है। इस कारण पुरुष मरीजों को बरामदे में ही रहना पड़ता है।
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