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सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा लोगों का भरोसा
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ऑपरेशन के बाद सरस्वती देवी पति व बच्चे के साथ।
- फोटो : MAHARAJGANJ
सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा लोगों का भरोसा
महराजगंज। जिले में सरकारी अस्पतालों में सुविधा बेहतर देने का प्रयास जारी है। पहले जहां लोग सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन से प्रसव कराने में घबराते थे, वहीं अब उनका भरोसा बढ़ रहा है। वर्तमान में जिला अस्पताल, निचलौल सीएचसी एवं परतावल में ऑपरेशन से प्रसव कराने की सुविधा है। एक रुपये की पर्ची कटाकर चिंता मुक्त होकर इलाज कराई। घर से अस्पताल तक आने में रकम भी खर्च नहीं होगी। क्योंकि एंबुलेंस की मुफ्त सेवा मुफ्त में मिलती है।
सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन से प्रसव कराने पर लोगों का विश्वास बढ़ने लगा है। इसका अंदाजा चार माह से जिले की प्रसव इकाइयों की रिपोर्ट से लगता है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अक्तूबर-2020 से जनवरी-2021 तक 191 ऑपरेशन से प्रसव हुआ। जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। साथ ही जननी सुरक्षा योजना से लाभान्वित भी हुए। सीएचसी निचलौल में जनवरी-2021 से ऑपरेशन की सुविधा शुरू हुई है। निचलौल क्षेत्र के इटहियां गांव की आशा कार्यकर्ता सरस्वती देवी कहती हैं कि गांव में सरकारी अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। सस्ते में बेहतर इलाज होने से लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।
जननी सुरक्षा योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत एक सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं के संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना है। केंद्र सरकार इसके लिए गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मदद देती है। प्रसव के बाद लाभार्थी को 1400 रुपये दिए जाते हैं। आशा कार्यकर्ता को 600 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। लाभार्थी को सात दिन तक अस्पताल में भोजन मुफ्त में मिलता है। निचलौल सीएचसी के अधीक्षक डॉ. राजेश द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल में सुरक्षित प्रसव के सभी जरूरी इंतजाम हैं। जनवरी में दो एवं फरवरी में छह ऑपरेशन हो चुके हैं। प्रसूता को बेहतर सुविधा देने का प्रयास जारी है।
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‘रकम नहीं हुई खर्च, प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी’
निचलौल तहसील क्षेत्र के ईटहिया टोला लमुहा की रहने वाली सीमा को प्रसव पीड़ा होने पर 19 फरवरी को निचलौल सीएचसी में भर्ती कराया गया। मां मालती देवी कहती हैं कि अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव हुआ। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सस्ते में ऑपरेशन हो गया। जबकि निजी अस्पताल में मोटा रकम खर्च करना पड़ता। धमउर कोठी टोला की रहने वाली सरस्वती देवी निचलौल सीएचसी में 22 फरवरी को भर्ती हुईं। पति रविंद्र ने बताया कि ऑपरेशन से पत्नी को बेटा हुआ है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। दो वक्त के भोजन के साथ ही दवाई भी मुफ्त में मिल रही है।
शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ बेहतर ढंग से दिया जा रहा है। सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा का लाभ जरूरतमंदों को मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में सस्ता एवं सुलभ इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ
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महराजगंज। जिले में सरकारी अस्पतालों में सुविधा बेहतर देने का प्रयास जारी है। पहले जहां लोग सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन से प्रसव कराने में घबराते थे, वहीं अब उनका भरोसा बढ़ रहा है। वर्तमान में जिला अस्पताल, निचलौल सीएचसी एवं परतावल में ऑपरेशन से प्रसव कराने की सुविधा है। एक रुपये की पर्ची कटाकर चिंता मुक्त होकर इलाज कराई। घर से अस्पताल तक आने में रकम भी खर्च नहीं होगी। क्योंकि एंबुलेंस की मुफ्त सेवा मुफ्त में मिलती है।
सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन से प्रसव कराने पर लोगों का विश्वास बढ़ने लगा है। इसका अंदाजा चार माह से जिले की प्रसव इकाइयों की रिपोर्ट से लगता है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अक्तूबर-2020 से जनवरी-2021 तक 191 ऑपरेशन से प्रसव हुआ। जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। साथ ही जननी सुरक्षा योजना से लाभान्वित भी हुए। सीएचसी निचलौल में जनवरी-2021 से ऑपरेशन की सुविधा शुरू हुई है। निचलौल क्षेत्र के इटहियां गांव की आशा कार्यकर्ता सरस्वती देवी कहती हैं कि गांव में सरकारी अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। सस्ते में बेहतर इलाज होने से लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।
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जननी सुरक्षा योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत एक सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं के संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना है। केंद्र सरकार इसके लिए गर्भवती महिलाओं को आर्थिक मदद देती है। प्रसव के बाद लाभार्थी को 1400 रुपये दिए जाते हैं। आशा कार्यकर्ता को 600 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती है। लाभार्थी को सात दिन तक अस्पताल में भोजन मुफ्त में मिलता है। निचलौल सीएचसी के अधीक्षक डॉ. राजेश द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल में सुरक्षित प्रसव के सभी जरूरी इंतजाम हैं। जनवरी में दो एवं फरवरी में छह ऑपरेशन हो चुके हैं। प्रसूता को बेहतर सुविधा देने का प्रयास जारी है।
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‘रकम नहीं हुई खर्च, प्रोत्साहन राशि भी मिलेगी’
निचलौल तहसील क्षेत्र के ईटहिया टोला लमुहा की रहने वाली सीमा को प्रसव पीड़ा होने पर 19 फरवरी को निचलौल सीएचसी में भर्ती कराया गया। मां मालती देवी कहती हैं कि अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव हुआ। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। सस्ते में ऑपरेशन हो गया। जबकि निजी अस्पताल में मोटा रकम खर्च करना पड़ता। धमउर कोठी टोला की रहने वाली सरस्वती देवी निचलौल सीएचसी में 22 फरवरी को भर्ती हुईं। पति रविंद्र ने बताया कि ऑपरेशन से पत्नी को बेटा हुआ है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। दो वक्त के भोजन के साथ ही दवाई भी मुफ्त में मिल रही है।
शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ बेहतर ढंग से दिया जा रहा है। सरकारी अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा का लाभ जरूरतमंदों को मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में सस्ता एवं सुलभ इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ