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Maharajganj News: तेंदुआ की दहशत से बाहर जाने से कतरा रहे लोग
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पकड़ियार और कोटिया गांव के घने बगीचों में बरकरार है तेंदुए की चहल-कदमी
महराजगंज। घुघली क्षेत्र के छोटी गंडक नदी के किनारे के पकड़ियार बिशुनपुर और कोटिया गांव का घना बगीचा तेंदुए को भाने लगा है। दिन में घने बगीचे में रहता है लेकिन रात में कोटिया, पकड़ियार-बिशुनपुर की सड़कों पर घूम रहा है। इससे लोगों में दहशत व्याप्त है। लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं। किसान अपनी खेती के काम तो कर ले रहे हैं लेकिन दिन में भी समूह में ही घर से बाहर जा रहे हैं।
बीते दिनों कोटिया गांव निवासी धनंजय यादव अपने फार्म पर कार्य कर रहे आदमियों के साथ घने बगीचे में तेंदुए को देखा। उन्होंने बताया कि कई बार तीव्र गति से आया और गया। स्थानीय रास बिहारी ने बताया कि तेंदुए से स्कूली बच्चों को डर है। जब तक एक-एक बच्चा घर चला नहीं जाता तब तक डर बना रहता है। वन विभाग को इसकी कोई चिंता नहीं है। ग्रामीणों ने चंद्रिका यादव और धनंजय यादव ने बताया कि आज भी लोगों में दहशत है। आज भी शाम को बगीचे से जाने वाला रास्ता बंद हो जाता है।
तेंदुए की इस तरह की चहलकदमी से वन विभाग की टीम ने पूर्व में लगाए कोटिया गांव में भानु यादव के मुर्गी फार्म से पिंजरे को मंगलवार के दिन हटाकर ऐसे स्थान पर लगवाया जहां इन दिनों ज्यादा दिखाई दे रहा है। जबकि विभाग उससे बचाव की जानकारी दे रहा है लेकिन तेंदुए का भय उनके जेहन में लगातार बढ़ता जा रहा है। घने बगीचे में अपना आवास बनाए गुड्डू तिवारी ने बताया कि ग्रामीण अपना मवेशी चराते हैं तो झुंड बनाकर और लाठी डंडा लेकर टहलते हैं।
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वर्जन
पकड़ियार गांव के पास घने बगीचे में पिंजरा लगाया गया है तो कभी पकड़ियार गांव में तेंदुआ दिखने की सूचना मिल रही है। घने जंगल में देखा भी गया कहीं उसका पता दिन में नहीं चल रहा है। कोई सटीक लोकेशन मिल नहीं रहा है।
- गौरव त्रिपाठी, डिप्टी रेंजर, वन विभाग
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महराजगंज। घुघली क्षेत्र के छोटी गंडक नदी के किनारे के पकड़ियार बिशुनपुर और कोटिया गांव का घना बगीचा तेंदुए को भाने लगा है। दिन में घने बगीचे में रहता है लेकिन रात में कोटिया, पकड़ियार-बिशुनपुर की सड़कों पर घूम रहा है। इससे लोगों में दहशत व्याप्त है। लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं। किसान अपनी खेती के काम तो कर ले रहे हैं लेकिन दिन में भी समूह में ही घर से बाहर जा रहे हैं।
बीते दिनों कोटिया गांव निवासी धनंजय यादव अपने फार्म पर कार्य कर रहे आदमियों के साथ घने बगीचे में तेंदुए को देखा। उन्होंने बताया कि कई बार तीव्र गति से आया और गया। स्थानीय रास बिहारी ने बताया कि तेंदुए से स्कूली बच्चों को डर है। जब तक एक-एक बच्चा घर चला नहीं जाता तब तक डर बना रहता है। वन विभाग को इसकी कोई चिंता नहीं है। ग्रामीणों ने चंद्रिका यादव और धनंजय यादव ने बताया कि आज भी लोगों में दहशत है। आज भी शाम को बगीचे से जाने वाला रास्ता बंद हो जाता है।
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तेंदुए की इस तरह की चहलकदमी से वन विभाग की टीम ने पूर्व में लगाए कोटिया गांव में भानु यादव के मुर्गी फार्म से पिंजरे को मंगलवार के दिन हटाकर ऐसे स्थान पर लगवाया जहां इन दिनों ज्यादा दिखाई दे रहा है। जबकि विभाग उससे बचाव की जानकारी दे रहा है लेकिन तेंदुए का भय उनके जेहन में लगातार बढ़ता जा रहा है। घने बगीचे में अपना आवास बनाए गुड्डू तिवारी ने बताया कि ग्रामीण अपना मवेशी चराते हैं तो झुंड बनाकर और लाठी डंडा लेकर टहलते हैं।
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पकड़ियार गांव के पास घने बगीचे में पिंजरा लगाया गया है तो कभी पकड़ियार गांव में तेंदुआ दिखने की सूचना मिल रही है। घने जंगल में देखा भी गया कहीं उसका पता दिन में नहीं चल रहा है। कोई सटीक लोकेशन मिल नहीं रहा है।
- गौरव त्रिपाठी, डिप्टी रेंजर, वन विभाग