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Maharajganj News: लंबित फाइलों का हो रहा निस्तारण, एक सप्ताह में दूर होगी समस्या
Sun, 04 May 2025 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 04 May 2025 12:50 AM IST
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महराजगंज। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में लंबे समय से रूकीं फाइलों का निस्तारण शनिवार से शुरू हो गया। जिम्मेदारों के मुताबिक एक सप्ताह के अंदर काम पूरा कर समस्याएं दूर कर दी जाएंगी।
पंजीकरण, फिटनेस, ट्रांसफर समेत 100 से अधिक कार्य लटके हैं। शनिवार को एआरटीओ कार्यालय में कर्मी अपने पटल की फाइल निपटाने में जुटे रहे। इससे वाहन स्वामियों ने राहत की सांस ली। लंबे समय तक लटकी फाइल को निस्तारित किया जाने लगा।
रामचंद्र ने बताया कि टेंपाे पंजीकरण, ट्रांसफर का काम मामला लटका था। एक दो दिन में हो जाएगा। इसी तरह फिटनेस कराने के लिए एक माह पहले फाइल जमा करने वाले ज्ञानेंद्र वर्मा मिले। उन्होंने बताया कि अब लगता है काम हो जाएगा। इसी तरह से अन्य लोग फाइल के बारे में जानकारी लेने आए थे।
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सूत्र बताते हैं कि पहले तैनात रहे एआरटीओ पर गंभीर आरोप लगे हैं। कुंभ मेले के दौरान शहर में अस्थाई स्टेशन बनाने के लिए निर्देश मिला था, लेकिन उनकी ओर से कोई काम नहीं कराया गया। इसके अलावा 10 लाख रुपये खर्च भी दिखा दिया गया। इसे लेकर हो हल्ला शुरू हुआ तो विभाग की किरकिरी होने लगी। जिम्मेदारों ने कुछ दिन तक तो जांच की बात कर मामले पर पर्दा डाले रखा।
मामला लंबा खिंचता देखकर उच्चाधिकारियों तक शिकायत हुई तो जांच शुरू कर दी गई। अभी यह जांच हो रही थी की दूसरी ओर सादा आरसी पेपर 300 रुपये में बिकने का मामला सामने आ गया। यह सभी मामले अभी जांच के दायरे में हैं। एआरटीओ को मुख्यालय से संबंध कर मामले की जांच की जा रही है।
उधर, शनिवार को एआरटीओ कार्यालय के आसपास मामले को लेकर चर्चा हो रही थी। एक दुकान पर बैठे कुछ लोग कह रहे थे कि कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा हो चुका था। कोई काम बगैर रकम दिए नहीं हो रहा था। बाबुओं पर अनावश्यक दबाव बनाकर काम कराया जाता था।
इस वजह से कार्यालय में कोई संतुष्ट नहीं था। कार्रवाई के डर से कोई मुंह नहीं खोलता था। अब कार्रवाई हो गई तो कथनी-करनी सामने आ रही है। व्यवस्था में बदलाव से लोगों को उम्मीद है कि काम पूरी पारदर्शिता के साथ होगा।
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पंजीकरण, फिटनेस, ट्रांसफर समेत 100 से अधिक कार्य लटके हैं। शनिवार को एआरटीओ कार्यालय में कर्मी अपने पटल की फाइल निपटाने में जुटे रहे। इससे वाहन स्वामियों ने राहत की सांस ली। लंबे समय तक लटकी फाइल को निस्तारित किया जाने लगा।
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रामचंद्र ने बताया कि टेंपाे पंजीकरण, ट्रांसफर का काम मामला लटका था। एक दो दिन में हो जाएगा। इसी तरह फिटनेस कराने के लिए एक माह पहले फाइल जमा करने वाले ज्ञानेंद्र वर्मा मिले। उन्होंने बताया कि अब लगता है काम हो जाएगा। इसी तरह से अन्य लोग फाइल के बारे में जानकारी लेने आए थे।
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सूत्र बताते हैं कि पहले तैनात रहे एआरटीओ पर गंभीर आरोप लगे हैं। कुंभ मेले के दौरान शहर में अस्थाई स्टेशन बनाने के लिए निर्देश मिला था, लेकिन उनकी ओर से कोई काम नहीं कराया गया। इसके अलावा 10 लाख रुपये खर्च भी दिखा दिया गया। इसे लेकर हो हल्ला शुरू हुआ तो विभाग की किरकिरी होने लगी। जिम्मेदारों ने कुछ दिन तक तो जांच की बात कर मामले पर पर्दा डाले रखा।
मामला लंबा खिंचता देखकर उच्चाधिकारियों तक शिकायत हुई तो जांच शुरू कर दी गई। अभी यह जांच हो रही थी की दूसरी ओर सादा आरसी पेपर 300 रुपये में बिकने का मामला सामने आ गया। यह सभी मामले अभी जांच के दायरे में हैं। एआरटीओ को मुख्यालय से संबंध कर मामले की जांच की जा रही है।
उधर, शनिवार को एआरटीओ कार्यालय के आसपास मामले को लेकर चर्चा हो रही थी। एक दुकान पर बैठे कुछ लोग कह रहे थे कि कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा हो चुका था। कोई काम बगैर रकम दिए नहीं हो रहा था। बाबुओं पर अनावश्यक दबाव बनाकर काम कराया जाता था।
इस वजह से कार्यालय में कोई संतुष्ट नहीं था। कार्रवाई के डर से कोई मुंह नहीं खोलता था। अब कार्रवाई हो गई तो कथनी-करनी सामने आ रही है। व्यवस्था में बदलाव से लोगों को उम्मीद है कि काम पूरी पारदर्शिता के साथ होगा।