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‘मैं करती हूं मरीजों की सेवा, पति बढ़ाते हैं हौसला’
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स्टाफ नर्स रिंकी राय।
- फोटो : MAHARAJGANJ
‘मैं करती हूं मरीजों की सेवा, पति बढ़ाते हैं हौसला’
महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा में पांच वर्षों से कार्यरत स्टाफ नर्स रिंकी राय इन दिनों ज्यादा सतर्क हैं। बच्चे साथ में ही सरकारी आवास में रहते हैं। उनके साथ रहने में ज्यादा सतर्कता बरतनी पड़ती है। वह आजमगढ़ जिले के रौका ग्राम सभा की रहने वाली हैं। पति अविनाश राय जीयनपुर के तरौका में प्राइवेट नौकरी करते हैं। लॉकडाउन के चलते वह एक माह से पत्नी बच्चों से मुलाकात नहीं कर पाए।
स्टाफ नर्स रिंकी राय के दो बच्चे अर्पित (5), दूसरा बच्चा अथर्व (1) है। दोनों बच्चे इन दिनों अपनी मां के साथ रहते हैं। दायित्व निर्वहन के साथ बच्चों की जिम्मेदारी निभाने वाली स्टाफ नर्स का कहना है कि ऐसे समय में दायित्व निर्वहन का मौका मिलना गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि बच्चे मोबाइल से अपने पापा से बात करते हैं। उन्होंने बताया कि पति जब से सुने हैं कि कोरोना संक्रमित मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं, तभी से वह मेरी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने के लिए प्रेरित करने के साथ मेरा हौसला बढ़ाते रहते हैं। जिससे विपरीत हालात में भी काम आसान हो जाता है। मरीजों की सेवा करना पुनीत कार्य है। देश एवं समाज की सेवा से बड़ा कोई नहीं है। आज के समय में कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए सभी को सजग रहने की जरूरत है। मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसका निर्वहन निष्ठा के साथ कर रही हूं। ड्यूटी से जाने के बाद पहले पूरी तरह से सैनिटाइज होने के बाद ही कमरे प्रवेश करती हूं। बच्चों के साथ रहने में सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहना पड़ता है।
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महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा में पांच वर्षों से कार्यरत स्टाफ नर्स रिंकी राय इन दिनों ज्यादा सतर्क हैं। बच्चे साथ में ही सरकारी आवास में रहते हैं। उनके साथ रहने में ज्यादा सतर्कता बरतनी पड़ती है। वह आजमगढ़ जिले के रौका ग्राम सभा की रहने वाली हैं। पति अविनाश राय जीयनपुर के तरौका में प्राइवेट नौकरी करते हैं। लॉकडाउन के चलते वह एक माह से पत्नी बच्चों से मुलाकात नहीं कर पाए।
स्टाफ नर्स रिंकी राय के दो बच्चे अर्पित (5), दूसरा बच्चा अथर्व (1) है। दोनों बच्चे इन दिनों अपनी मां के साथ रहते हैं। दायित्व निर्वहन के साथ बच्चों की जिम्मेदारी निभाने वाली स्टाफ नर्स का कहना है कि ऐसे समय में दायित्व निर्वहन का मौका मिलना गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि बच्चे मोबाइल से अपने पापा से बात करते हैं। उन्होंने बताया कि पति जब से सुने हैं कि कोरोना संक्रमित मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं, तभी से वह मेरी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने के लिए प्रेरित करने के साथ मेरा हौसला बढ़ाते रहते हैं। जिससे विपरीत हालात में भी काम आसान हो जाता है। मरीजों की सेवा करना पुनीत कार्य है। देश एवं समाज की सेवा से बड़ा कोई नहीं है। आज के समय में कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए सभी को सजग रहने की जरूरत है। मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसका निर्वहन निष्ठा के साथ कर रही हूं। ड्यूटी से जाने के बाद पहले पूरी तरह से सैनिटाइज होने के बाद ही कमरे प्रवेश करती हूं। बच्चों के साथ रहने में सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहना पड़ता है।
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