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Maharajganj News: उमस की वजह से बढ़े चर्म रोग से पीड़ित मरीज
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त्वचा, वायरल, बैक्टेरियल इंफेक्शन सहित संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। उमस के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। तीन माह पहले रोजना जहां 700 मरीज आते थे वहीं अब ओपीडी में 800 से अधिक मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो ऐसे समय में खान-पान को लेकर थोड़ी सावधानी बरतनी जरूरी है। इस समय त्वचा, वायरल, बैक्टेरियल इंफेक्शन सहित संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। बारिश के बाद त्वचा रोगी तेजी से बढ़ गए हैं। खुजली व चकत्ते की शिकायत लेकर प्रतिदिन 150 मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
मंगलवार को भी अस्पताल में मरीजों की भीड़ दिखाई दी। उमस की वजह से समस्या बढ़ गई है। वातावरण में नमी के कारण लोगों को पसीना आ रहा है। गीले कपड़ों में ज्यादा देर तक रहने से फंगल इंफेक्शन (दाद), खुजली, फोड़े-फुंसियों की चपेट में लोग आ रहे हैं। जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि आम दिनों में ओपीडी में चर्म रोगियों की संख्या 60 से 70 रहती है, जबकि इन दिनों में यह बढ़कर 150 हो गई है।
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जांघों पर सबसे ज्यादा हो रहा इंफेक्शन
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि सबसे ज्यादा फंगल इंफेक्शन लोगों की जांघों पर हो रहा है। इसका कारण लोगों के नमी वाले कपड़े पहनना ही है। वहीं नाखूनों में खुजली की शिकायत लेकर भी मरीज आ रहे हैं। लोगों के शरीर पर दाने भी बढ़ रहे हैं। कीट-पतंगों के काटने से फोड़े-फुंसी होने के साथ इनमें पस हो जा रहा है। ऐसे में थोड़ी सावधानी रखें। उमस में शरीर को ज्यादा से ज्यादा सूखा रखें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। उमस के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। तीन माह पहले रोजना जहां 700 मरीज आते थे वहीं अब ओपीडी में 800 से अधिक मरीज आ रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो ऐसे समय में खान-पान को लेकर थोड़ी सावधानी बरतनी जरूरी है। इस समय त्वचा, वायरल, बैक्टेरियल इंफेक्शन सहित संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। बारिश के बाद त्वचा रोगी तेजी से बढ़ गए हैं। खुजली व चकत्ते की शिकायत लेकर प्रतिदिन 150 मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
मंगलवार को भी अस्पताल में मरीजों की भीड़ दिखाई दी। उमस की वजह से समस्या बढ़ गई है। वातावरण में नमी के कारण लोगों को पसीना आ रहा है। गीले कपड़ों में ज्यादा देर तक रहने से फंगल इंफेक्शन (दाद), खुजली, फोड़े-फुंसियों की चपेट में लोग आ रहे हैं। जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि आम दिनों में ओपीडी में चर्म रोगियों की संख्या 60 से 70 रहती है, जबकि इन दिनों में यह बढ़कर 150 हो गई है।
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जांघों पर सबसे ज्यादा हो रहा इंफेक्शन
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एके द्विवेदी ने बताया कि सबसे ज्यादा फंगल इंफेक्शन लोगों की जांघों पर हो रहा है। इसका कारण लोगों के नमी वाले कपड़े पहनना ही है। वहीं नाखूनों में खुजली की शिकायत लेकर भी मरीज आ रहे हैं। लोगों के शरीर पर दाने भी बढ़ रहे हैं। कीट-पतंगों के काटने से फोड़े-फुंसी होने के साथ इनमें पस हो जा रहा है। ऐसे में थोड़ी सावधानी रखें। उमस में शरीर को ज्यादा से ज्यादा सूखा रखें।
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