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Maharajganj News: बांस के उत्पादों से सजेंगे चौक नगर पंचायत के पार्क
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जनपद में पांच वर्षों में 50 प्रतिशत तक बढ़ गया बांस का रकबा
नगर निकाय के दो पार्कों में 25-25 लाख के बांस के उत्पाद लगाने का भेजा गया प्रस्ताव
महराजगंज। जनपद में बांस उत्पादन का दायरा वेटलैंड जैसी जमीनों पर बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय बंबू मिशन व उद्यान विभाग प्रयासरत है। इन प्रयासों का नतीजा है कि जनपद में 2021 में बांस रकबा 3000 से बढ़कर 2026 में 4500 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। अब बांस निर्मित फर्नीचर का उपयोग बढ़ाने के लिए चौक नगर पंचायत में पहल शुरू की है। नगर पंचायत ने दो पार्कों के प्रस्ताव के साथ बांस निर्मित उत्पादों लगाने के लिए 25-25 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है।
राष्ट्रीय बांस मिशन में जनपद को शामिल करने के बाद बांस उत्पादन के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। कृषि विभाग भी अनुपयोगी व नदियों के आसपास की दलदली जमीन पर बांस की खेती के लिए किसानों को प्रेरित कर रहा है। जिससे फरेंदा व निचलौल ब्लॉक के किसान इसकी खेती से जुड़ रहे हैं। अब बांस निर्मित उत्पादों का उपयोग बढ़ाने के लिए नगर पंचायत चौक बांस से बने कलात्मक गेट, बैठने के लिए बंबू हट, स्ट्रीट फूड शाप इत्यादि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
गुरु गोरक्षनाथ वार्ड नंबर 15 के सभासद अखंड प्रताप ने जानकारी देते हुए बताया कि इस माह नगर पंचायत से वार्ड नंबर पांच व 13 में पार्क व 15 में छठ घाट पर बैठने के लिए बांस निर्मित फर्नीचर के उपयोग का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वार्ड नंबर पांच के लिए बरगदही बसंत नाथ में 35 डिस्मिल व वार्ड 13 में भी इतनी ही जमीन पार्क निर्माण के लिए चिह्नित है।
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बताया कि नगर पंचायत में 200 से अधिक परिवार बांस उत्पादन व इससे निर्मित हाथ का पंखा, डलिया, शादी विवाह का डाल मउर बिक्री कर आजीविका कमाते हैं। इसलिए अब इन्हें कुर्सी, बेंच, झोपड़ी, आलमारी व अन्य उपयोग लायक वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव राष्ट्रीय बंबू मिशन को भेजा गया है।
चौक में यह परिवार बनाता बांस का उत्पाद
नगर पंचायत चौक में गामा, पूनम, अमर, प्रमिला, शानू, पन्ना व बालकेश का परिवार हाथ पंखा, सूप, डाल मौर, व टोकरी इत्यादि बनाकर बिक्री करता है। इन लोगों ने बताया कि अगर बांस निर्मित अन्य कलात्मक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण हम लोगों को मिले तो परिवार की आमदनी बढ़ेगी। नगर पंचायत की तरफ से इस दिशा में प्रयास सार्थक सिद्ध होगा।
1.20 करोड़ की लागत का प्रस्ताव
चौक नगर पंचायत गुरु गोरक्षनाथ नगर वार्ड संख्या 15 के सभासद अखंड प्रताप ने बताया कि वार्ड नंबर 5 व 13 में पार्क निर्माण के लिए 1.20- 1.20 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें 25-25 लाख बंबू चेयर, बंबू हट व बांस के गेट पर खर्च करने का उल्लेख है। उनके वार्ड संख्या 15 में 3 लाख रुपये का प्रस्ताव छठ घाट पर बंबू बेंच के लिए नगर पंचायत से भेजा गया है।
वर्जन
नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में बांस निर्मित पंखा, सूप, टोकरी इत्यादि कुछ परिवार बनाते हैं। नगर पंचायत के द्वारा इनके आय को बढ़ाने के लिए कलात्मक वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही नगर पंचायत में बांस निर्मित उत्पाद प्रयुक्त करने की रूपरेखा बनाई गई है।
-विकास कुमार, प्रभारी ईओ, चौक
वर्जन
राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत सरकार बांस की खेती के लिए एकीकृत बागवानी मिशन व मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना से सब्सिडी दे रही है। इच्छुक किसान ऑनलाइन आवेदन के जरिये लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सरकार के प्रयास से जनपद में बांस उत्पादन का रकबा लगातार बढ़ रहा है।
-संजय कुमार रस्तोगी, जिला उद्यान अधिकारी, महराजगंज।
वर्ष - रकबा
2021- 3000
2022- 3500
2023- 3700
2024- 4100
2025- 4300
2026- 4500
(स्रोत उद्यान विभाग, माप हेक्टेयर में)
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नगर निकाय के दो पार्कों में 25-25 लाख के बांस के उत्पाद लगाने का भेजा गया प्रस्ताव
महराजगंज। जनपद में बांस उत्पादन का दायरा वेटलैंड जैसी जमीनों पर बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय बंबू मिशन व उद्यान विभाग प्रयासरत है। इन प्रयासों का नतीजा है कि जनपद में 2021 में बांस रकबा 3000 से बढ़कर 2026 में 4500 हेक्टेयर तक पहुंच गया है। अब बांस निर्मित फर्नीचर का उपयोग बढ़ाने के लिए चौक नगर पंचायत में पहल शुरू की है। नगर पंचायत ने दो पार्कों के प्रस्ताव के साथ बांस निर्मित उत्पादों लगाने के लिए 25-25 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है।
राष्ट्रीय बांस मिशन में जनपद को शामिल करने के बाद बांस उत्पादन के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है। कृषि विभाग भी अनुपयोगी व नदियों के आसपास की दलदली जमीन पर बांस की खेती के लिए किसानों को प्रेरित कर रहा है। जिससे फरेंदा व निचलौल ब्लॉक के किसान इसकी खेती से जुड़ रहे हैं। अब बांस निर्मित उत्पादों का उपयोग बढ़ाने के लिए नगर पंचायत चौक बांस से बने कलात्मक गेट, बैठने के लिए बंबू हट, स्ट्रीट फूड शाप इत्यादि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
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गुरु गोरक्षनाथ वार्ड नंबर 15 के सभासद अखंड प्रताप ने जानकारी देते हुए बताया कि इस माह नगर पंचायत से वार्ड नंबर पांच व 13 में पार्क व 15 में छठ घाट पर बैठने के लिए बांस निर्मित फर्नीचर के उपयोग का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वार्ड नंबर पांच के लिए बरगदही बसंत नाथ में 35 डिस्मिल व वार्ड 13 में भी इतनी ही जमीन पार्क निर्माण के लिए चिह्नित है।
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बताया कि नगर पंचायत में 200 से अधिक परिवार बांस उत्पादन व इससे निर्मित हाथ का पंखा, डलिया, शादी विवाह का डाल मउर बिक्री कर आजीविका कमाते हैं। इसलिए अब इन्हें कुर्सी, बेंच, झोपड़ी, आलमारी व अन्य उपयोग लायक वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव राष्ट्रीय बंबू मिशन को भेजा गया है।
चौक में यह परिवार बनाता बांस का उत्पाद
नगर पंचायत चौक में गामा, पूनम, अमर, प्रमिला, शानू, पन्ना व बालकेश का परिवार हाथ पंखा, सूप, डाल मौर, व टोकरी इत्यादि बनाकर बिक्री करता है। इन लोगों ने बताया कि अगर बांस निर्मित अन्य कलात्मक उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण हम लोगों को मिले तो परिवार की आमदनी बढ़ेगी। नगर पंचायत की तरफ से इस दिशा में प्रयास सार्थक सिद्ध होगा।
1.20 करोड़ की लागत का प्रस्ताव
चौक नगर पंचायत गुरु गोरक्षनाथ नगर वार्ड संख्या 15 के सभासद अखंड प्रताप ने बताया कि वार्ड नंबर 5 व 13 में पार्क निर्माण के लिए 1.20- 1.20 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें 25-25 लाख बंबू चेयर, बंबू हट व बांस के गेट पर खर्च करने का उल्लेख है। उनके वार्ड संख्या 15 में 3 लाख रुपये का प्रस्ताव छठ घाट पर बंबू बेंच के लिए नगर पंचायत से भेजा गया है।
वर्जन
नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में बांस निर्मित पंखा, सूप, टोकरी इत्यादि कुछ परिवार बनाते हैं। नगर पंचायत के द्वारा इनके आय को बढ़ाने के लिए कलात्मक वस्तुएं बनाने का प्रशिक्षण दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही नगर पंचायत में बांस निर्मित उत्पाद प्रयुक्त करने की रूपरेखा बनाई गई है।
-विकास कुमार, प्रभारी ईओ, चौक
वर्जन
राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत सरकार बांस की खेती के लिए एकीकृत बागवानी मिशन व मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना से सब्सिडी दे रही है। इच्छुक किसान ऑनलाइन आवेदन के जरिये लाभ प्राप्त कर सकते हैं। सरकार के प्रयास से जनपद में बांस उत्पादन का रकबा लगातार बढ़ रहा है।
-संजय कुमार रस्तोगी, जिला उद्यान अधिकारी, महराजगंज।
वर्ष - रकबा
2021- 3000
2022- 3500
2023- 3700
2024- 4100
2025- 4300
2026- 4500
(स्रोत उद्यान विभाग, माप हेक्टेयर में)