{"_id":"68f52994dd8fd71de609eae5","slug":"open-gym-equipment-in-kasturba-schools-gathering-dust-maharajganj-news-c-209-1-sgkp1040-140068-2025-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: धूल फांक रहे कस्तूरबा विद्यालयों में बने ओपन जिम के उपकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: धूल फांक रहे कस्तूरबा विद्यालयों में बने ओपन जिम के उपकरण
Sun, 19 Oct 2025 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 19 Oct 2025 11:40 PM IST
विज्ञापन
कस्तूरबा विद्यालय खलीलाबाद के बाहर लगा ओपन जिम जो टूट गया-संवाद
संतकबीरनगर। छात्राओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए शासन ने हर कस्तूरबा विद्यालयों में जिम की व्यवस्था कराई थी, ताकि पढ़ाई के साथ-साथ छात्राएं कसरत कर सके।
इसके साथ मनोरंजन भी हो सके, लेकिन विद्यालयों लगे उपकरण बेकार हो गए हैं। कई जगहों पर तो यह टूट चुके हैं। इसके मरम्मत की जहमत विभाग नहीं उठा रहा है।
जिले में हैंसर, खलीलाबाद, मेंहदावल, बघौली, सेमरियावां, नाथनगर, सांथा में कस्तूरबां गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित है। इसमें करीब 700 छात्राएं नामांकित है। यहां पर कक्षा छह से आठ तक पढ़ाई होती है यह विद्यालय पूरी तरह से आवासीय है।
सरकार की तरफ से छात्राओं को सुविधाएं दी जाती है। लेकिन जिम के उपकरण बेकार हो रहे हैं, इसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि जहां भी जिम के उपकरण लगे हैं। उसे सही कराया जाएगा ताकि छात्राएं अपना मनोरंजन कर सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके साथ मनोरंजन भी हो सके, लेकिन विद्यालयों लगे उपकरण बेकार हो गए हैं। कई जगहों पर तो यह टूट चुके हैं। इसके मरम्मत की जहमत विभाग नहीं उठा रहा है।
जिले में हैंसर, खलीलाबाद, मेंहदावल, बघौली, सेमरियावां, नाथनगर, सांथा में कस्तूरबां गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित है। इसमें करीब 700 छात्राएं नामांकित है। यहां पर कक्षा छह से आठ तक पढ़ाई होती है यह विद्यालय पूरी तरह से आवासीय है।
विज्ञापन
सरकार की तरफ से छात्राओं को सुविधाएं दी जाती है। लेकिन जिम के उपकरण बेकार हो रहे हैं, इसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि जहां भी जिम के उपकरण लगे हैं। उसे सही कराया जाएगा ताकि छात्राएं अपना मनोरंजन कर सकें।
विज्ञापन