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Maharajganj News: बंदर के धक्का देने से वृद्ध महिला छत से गिरी, मौत
Fri, 20 Dec 2024 09:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 20 Dec 2024 09:26 PM IST
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फरेंदा। क्षेत्र के ओडवलिया में घर की छत पर धान सुखा रही वृद्ध महिला को बंदर ने पहले तो काट लिया फिर बाद में छत से धक्का देकर गिरा दिया, जिससे घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है।
फरेंदा थाना क्षेत्र के ओडवलिया निवासी गुंजेश्वरी देवी (60) बृहस्पतिवार को दिन में करीब तीन बजे घर की छत पर फैलाए गए धान को सुखा रही थी। उसी दौरान एक बंदर पहुंचा उसने उनके पहले तो काट लिया फिर छत से धक्का देकर गिरा दिया, जिसमें गुंजेश्वरी देवी को गंभीर चोटे आईं। जानकारी परिजनों को हुई तो आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया।
परिजन घायल को इलाज के लिए गोरखपुर के एक निजी हास्पिटल ले गए। जहां इलाज के दौरान गुंजेश्वरी देवी की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि इसके पूर्व भी कई बार गांव में बंदरों का आतंक रहा, जिनको स्वयं के सहयोग से चंदा इकठ्ठा कर पकड़वाया गया। वन विभाग या स्थानीय प्रशासन का कोई सहयोग कभी नहीं मिला। ग्रामीण अनिल चौबे, उपेंद्र पांडेय, दिनेश, हरिश्चंद पांडेय व रमेश गुप्ता ने समस्या के समाधान की मांग की।
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फरेंदा थाना क्षेत्र के ओडवलिया निवासी गुंजेश्वरी देवी (60) बृहस्पतिवार को दिन में करीब तीन बजे घर की छत पर फैलाए गए धान को सुखा रही थी। उसी दौरान एक बंदर पहुंचा उसने उनके पहले तो काट लिया फिर छत से धक्का देकर गिरा दिया, जिसमें गुंजेश्वरी देवी को गंभीर चोटे आईं। जानकारी परिजनों को हुई तो आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया।
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परिजन घायल को इलाज के लिए गोरखपुर के एक निजी हास्पिटल ले गए। जहां इलाज के दौरान गुंजेश्वरी देवी की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि इसके पूर्व भी कई बार गांव में बंदरों का आतंक रहा, जिनको स्वयं के सहयोग से चंदा इकठ्ठा कर पकड़वाया गया। वन विभाग या स्थानीय प्रशासन का कोई सहयोग कभी नहीं मिला। ग्रामीण अनिल चौबे, उपेंद्र पांडेय, दिनेश, हरिश्चंद पांडेय व रमेश गुप्ता ने समस्या के समाधान की मांग की।
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